राजस्थान में खाद्य सुरक्षा का बड़ा विस्तार, एक करोड़ से ज्यादा नए पात्रों को मिला लाभ -सुमित गोदारा

इंडिया प्राइम जयपुर । राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में अब तक 1 करोड़ 77 हजार 182 से अधिक पात्र और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। यह राज्य के कुल 4.37 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा है, जो सरकार की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़े प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ने के बाद गरीब और कमजोर परिवारों को केवल मुफ्त राशन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सरकारी योजनाओं का भी सीधा लाभ मिल रहा है। इनमें रियायती दर पर रसोई गैस सिलेंडर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा और निशुल्क इलाज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 की शुरुआत से अगस्त तक करीब 12.95 लाख नए लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा शुरू होने पर 87.81 लाख से अधिक पात्र व्यक्तियों के नाम एनएफएसए में जोड़े गए। नए लाभार्थियों को जोड़ने में जयपुर, सीकर, जोधपुर, बाड़मेर और भीलवाड़ा जिले सबसे आगे रहे।
उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान लोगों को सुविधा देने के लिए पात्र परिवारों को तीन माह का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि मौसम संबंधी कठिनाइयों के बीच भी खाद्यान्न वितरण प्रभावित न हो।
प्रेस वार्ता में मंत्री ने ‘गिव अप अभियान’ का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, नवंबर 2024 में शुरू हुए इस अभियान के तहत लगभग 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ा, जबकि करीब 27 लाख नाम ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण सूची से हटाए गए। इससे बड़ी संख्या में रिक्त स्थान उपलब्ध हुए, जिन पर वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिया जा सका।
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