जंतर-मंतर हिंसा दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा: हिंसा में शामिल थे 400 हिस्ट्रीशीटर, 15 FIR दर्ज, जानें छात्रों की स्थिति

इंडिया प्राइम क्राइम डेस्क दिल्ली । जंतर-मंतर हिंसा दिल्ली पुलिस. नीट पेपर लीक विवाद को लेकर 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि इस हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ में छात्रों की आड़ में 400 से अधिक चिन्हित हिस्ट्रीशीटर और असामाजिक तत्व शामिल थे, जिन्होंने भीड़ को उकसाया।
फेशियल रिकग्निशन (FRS) से 2,500 संदिग्धों की पहचान
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और कनॉट प्लेस के आसपास लगे हाई-टेक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों और ड्रोन फुटेज की जांच की है। इस तकनीक के जरिए पुलिस डेटाबेस से मिलान करने पर 2,500 से अधिक ऐसे संदिग्धों की पहचान हुई है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड (History-sheeters) रहा है। पुलिस का दावा है कि इनमें से करीब 100 से 200 लोग चेहरे पर नकाब बांधकर आए थे और उन्होंने ही पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने व वाहनों में आगजनी के लिए भीड़ को भड़काया
कुल 15 FIR दर्ज, ‘हत्या के प्रयास’ जैसी गंभीर धाराएं
हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में सेंट्रल दिल्ली के विभिन्न थानों में कुल 15 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं
- प्रमुख थाने: संसद मार्ग थाने में 4, कनॉट प्लेस में 3, जबकि मंदिर मार्ग, कर्तव्य पथ और बाराखंभा रोड थानों में 1-1 एफआईआर दर्ज है।
- गंभीर धाराएं: इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास), दंगा भड़काने, सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कर्तव्य पथ पर तैनात एक इंस्पेक्टर की शिकायत पर जानलेवा हमले की धारा जोड़ी गई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भड़काऊ अफवाहें फैलाने वाले 400 से अधिक अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है।
क्या छात्र जेल में हैं? (गिरफ्तारी की सच्चाई)
राहत की बात यह है कि वर्तमान में कोई भी छात्र जेल में नहीं है। आंदोलन के दौरान सैकड़ों छात्रों को एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में लिया गया था, लेकिन भारी जन दबाव और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी छात्रों को रिहा कर दिया है। सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लिखित आश्वासन दिया है कि जिन छात्रों का हिंसा में सीधा हाथ नहीं था, उन पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। फिलहाल जेल में केवल वे 13 मुख्य आरोपी (मास्टरमाइंड) बंद हैं, जिन्हें सीबीआई (CBI) ने पेपर लीक घोटाले में गिरफ्तार किया था।
118 पुलिसकर्मी और दर्जनों छात्र घायल
20 जुलाई की हिंसा और देर रात तक चली झड़पों में दोनों पक्षों को भारी नुकसान पहुंचा है:
- पुलिस बल को चोटें: पथराव और लाठी-डंडों के हमले में कुल 118 पुलिस और आरएएफ (RAF) के जवान घायल हुए हैं। इनमें 5 आईपीएस (IPS) अधिकारी और दो एसीपी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल एसीपी विवेक भगत को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है।
- प्रदर्शनकारियों की स्थिति: लाठीचार्ज और आंसू गैस के कारण 60 से 100 छात्र घायल हुए हैं। उत्तम नगर की रहने वाली 21 वर्षीय छात्रा साक्षी गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी की जंग लड़ रही है।






