ओम बिरला से मिले वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष , अमृत महोत्सव सफल आयोजन रहा चर्चा में

इंडिया प्राइम जयपुर: ओम बिरला से मिले वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव वर्ष के तहत हुए भव्य आयोजन की चर्चा अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसे देश की विधानसभा इतिहास में एक अनूठा और व्यापक कार्यक्रम बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को बधाई दी है।
नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान ओम बिरला ने कहा कि जयपुर में आयोजित “विधायी गौरव यात्रा एवं पूर्व और वर्तमान विधायकों का ऐतिहासिक समागम” लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने वाला आयोजन रहा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में 410 पूर्व और वर्तमान विधायकों की भागीदारी ने इसे विशेष बना दिया।
उन्होंने बताया कि आयोजन में पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और लंबे समय तक जनसेवा करने वाले वरिष्ठ विधायकों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही वर्ष 1952 से अब तक राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित 24 महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा कर लोकतांत्रिक विकास यात्रा को समझने का अवसर मिला।
ओम बिरला ने कहा कि उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने वरिष्ठ पूर्व विधायकों की भागीदारी को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का उदाहरण बताया।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अमृत महोत्सव का उद्देश्य केवल पुराने गौरव को याद करना नहीं, बल्कि संसदीय परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
तारागढ़ किले के विकास के लिए केंद्र से मांगा सहयोग
बैठक के दौरान वासुदेव देवनानी ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से अजमेर स्थित ऐतिहासिक तारागढ़ किले के संरक्षण और विकास को लेकर चर्चा की। उन्होंने केंद्र सरकार से इस धरोहर के लिए विशेष आर्थिक सहयोग देने का आग्रह किया।
देवनानी ने बताया कि राजस्थान सरकार ने तारागढ़ किले के विकास के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने कहा कि तारागढ़ किला सम्राट पृथ्वीराज चौहान से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है और यह भारतीय शौर्य, संस्कृति तथा गौरव का प्रतीक है। केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो इसे देश के प्रमुख विरासत पर्यटन स्थलों में शामिल किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने तारागढ़ किले के ऐतिहासिक महत्व को स्वीकार करते हुए इस विषय पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात के जरिए राजस्थान विधानसभा की लोकतांत्रिक उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ-साथ राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल का संदेश भी सामने आया।
केंद्रीय नेताओं से भी की मुलाकात
दिल्ली प्रवास के दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सुनील बंसल समेत कई केंद्रीय नेताओं से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राजस्थान विधानसभा का नया लोगो भी भेंट किया।
केंद्रीय नेताओं ने विधानसभा के नए प्रतीक चिह्न की सराहना की, जिसमें राजस्थान के राज्य पशु ऊंट, राज्य वृक्ष खेजड़ी और राज्य पक्षी गोडावण को शामिल किया गया है।





