Maa Shiva Steel and Alloys LLP छत्तीसगढ़ हादसा : पिघला हुआ गर्म लोहा उफने से 2 मजदूरो की मौत 5 घायल
इंडिया प्राइम स्टेट डेस्क छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित ‘मां शिवा स्टील प्लांट’ (Maa Shiva Steel and Alloys LLP) में एक गंभीर औद्योगिक हादसा हुआ है, जहां इंडक्शन फर्नेस (भट्टी) में तकनीकी खराबी के कारण पिघला हुआ गर्म लोहा उफन गया, जिसकी चपेट में आकर श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
यह हादसा रायगढ़ के पूंजीपथरा औद्योगिक क्षेत्र (Punjipathra Industrial Area) में हुआ. सोशल मीडिया और शुरुआती स्थानीय चर्चाओं में झुलसने वाले कर्मचारियों की संख्या 8 तक बताई गई, जबकि आधिकारिक और प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार हादसे के वक्त भट्टी के पास काम कर रहे 5 मजदूर सीधे तौर पर झुलसे थे, जिनमें से गंभीर रूप से घायल 2 श्रमिकों की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई.
इंडक्शन फर्नेस में तकनीकी खराबी से हुआ हादसा
यह हादसा सुबह करीब 7:00 से 7:30 बजे के बीच हुआ. रोज की तरह श्रमिक प्लांट की भट्टी नंबर 3 के पास काम कर रहे थे, तभी अचानक इंडक्शन फर्नेस में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई. इसके परिणामस्वरूप करीब 1500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर उबल रहा पिघला हुआ गर्म धातु (लोहा) अचानक तेज उफान के साथ बाहर की तरफ उछल गया. भट्टी के पास मुस्तैद कर्मचारी इस खौलते बारूद जैसी धातु की चपेट में आ गए, जिससे पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराना और दो श्रमिकों की मौत
हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद साथी कर्मचारियों ने बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को रायगढ़ के ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया. झुलसे हुए 5 मजदूरों में प्रमोद सोनी, चौखट सिंह, शनि सिंह, चतुर यादव और गुड्डू यादव शामिल थे. इनमें से प्रमोद सोनी और चौखट सिंह की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर के एक विशेष अस्पताल (कालड़ा हॉस्पिटल) रेफर किया गया था, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उपचार के दौरान इन दोनों श्रमिकों ने दम तोड़ दिया. बाकी 3 घायल मजदूरों का इलाज जारी है.
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: भट्टी नंबर 3 सील और मालिक को नोटिस
हादसे की सूचना मिलते ही पूंजीपथरा थाना पुलिस, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग (Industrial Health and Safety Department) की टीमें और प्रशासनिक अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे. जांच दल को प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की घोर अनदेखी और सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी मिली. इस घोर लापरवाही को देखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से हादसे वाली भट्टी नंबर 3 को पूरी तरह सील (बंद) कर दिया है. इसके साथ ही, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में मां शिवा स्टील प्लांट के मालिक रजत गारा (गेरा) को फैक्ट्री एक्ट के तहत कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया







