हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर सख्त नजर, गायत्री राठौड़ ने दिए स्वास्थ्य विभाग को अहम निर्देश

इंडिया प्राइम जयपुर। राजस्थान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने कहा कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की समय पर पहचान, नियमित निगरानी और उचित उपचार सुनिश्चित कर गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने चिकित्साधिकारियों, एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) को निर्देश दिए कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। जरूरत पड़ने पर समय पर रेफरल और उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को गंभीर स्थिति या आईसीयू तक पहुंचने की नौबत कम आए।
गायत्री राठौड़ ने कहा कि अगले एक महीने में जिन महिलाओं का प्रसव संभावित है, उनकी आवश्यक जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श पहले से ही पूरा कर लिया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण और नियमित काउंसलिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
बैठक में उन्होंने 104 एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता की रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेकर सेवा में यदि कोई कमी मिले तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से आमजन तक पहुंच सकें।
प्रमुख शासन सचिव ने परिवार नियोजन को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में परिवार नियोजन साधनों की स्वीकार्यता कम है, वहां ब्लॉक स्तर पर चिकित्साधिकारी, एएनएम, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने हाल के एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर चिकित्सकीय सलाह और परामर्श का पालन करना मातृ स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।
इसके अलावा उन्होंने गंभीर एनीमिया के मरीजों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुनिश्चित करने तथा गुजरात सीमा से सटे जिलों में चांदीपुर वायरस के संभावित लक्षणों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सैन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






