Mata Vaishno Devi Temple ₹550 करोड़ की नकली चांदी का मामला; जम्मू कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

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इंडिया प्राइम स्टेट डेस्क जम्मू  . Mata Vaishno Devi Temple नकली चांदी मामला .जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) मुनीश कुमार मनहास ने माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करीब ₹550 करोड़ मूल्य की 20 टन चांदी के नकली (मिलावटी) होने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए क्राइम ब्रांच को जांच के आदेश दिए हैं।

यह कथित घोटाला तब सामने आया जब श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVSB) ने चढ़ावे की चांदी को पिघलाने के लिए सरकारी टकसाल भेजा, जहां जांच में पाया गया कि धातु में केवल 5 से 6 प्रतिशत ही असली चांदी है और बाकी 95% हिस्सा कैडमियम और लोहे जैसी सस्ती व जहरीली धातुओं का मिश्रण है।

इस मिलावट के कारण चांदी की अनुमानित कीमत ₹550 करोड़ से घटकर महज ₹20 से ₹30 करोड़ रह गई है। इस पर एडवोकेट दीपक शर्मा ने कोर्ट में याचिका दायर कर यह जांच करने की मांग की है कि क्या स्थानीय दुकानदारों ने श्रद्धालुओं को नकली चांदी बेची थी या फिर श्राइन बोर्ड के स्तर पर असली चांदी का गबन किया गया है, जिसके बाद अदालत ने जांच अधिकारी (IO) को 29 जुलाई 2026 को सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। इस मामले में कोर्ट की आगामी 29 जुलाई की सुनवाई है.

जांच में पाया गया कैडमियम एक अत्यधिक जहरीला (Toxic) पदार्थ और कार्सिनोजेन (कैंसरकारी तत्व) है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार आम उपयोग के गहनों या बर्तनों में इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। चांदी को पिघलाने की प्रक्रिया के दौरान इसके धुएं से कर्मचारियों के फेफड़ों और सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है

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