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राजस्थान विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश को लेकर विवाद, आरक्षण नहीं देने के आरोप पर छात्रों का प्रदर्शन

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Indiaprimetv news desk जयपुर, 18 जून। राजस्थान विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ओबीसी, एससी, एसटी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों ने आरोप लगाया है कि पीएचडी प्रवेश में आरक्षण नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पीएचडी प्रवेश संयोजक प्रो. एस.के. गुप्ता के कार्यालय के बाहर धरना दिया और प्रवेश प्रक्रिया में निर्धारित आरक्षण नियमों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि राज्य की आरक्षण नीति और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार आरक्षित वर्गों को उनका अधिकार मिलना चाहिए।

छात्र नेता नीरज खीचड़ और डॉ. रामसिंह सामोता ने कहा कि यदि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सीट आवंटन और रोस्टर प्रणाली को सार्वजनिक करने की भी मांग की है।

छात्रों का आरोप है कि वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतते हुए आरक्षण संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि छात्रों का धरना जारी है और विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

गौरतलब है कि पीएचडी प्रवेश में आरक्षण को लेकर समय-समय पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में रोस्टर प्रणाली और सीट निर्धारण को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। अब देखना होगा कि राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। India Prime TV New Desk

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