Gold Reserve 2026 : सोने ने अमेरिकी ट्रेजरी को पछाड़ा, बना दुनिया की सबसे बड़ी रिज़र्व संपत्ति

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गुुरुवार जुलाई 23 ,2026 / Live Updates: इंडिया प्राइम  इंटरनेश्ननल डेस्क. Gold Reserve 2026 सोने ने अमेरिकी ट्रेजरी को पछाड़ा वैश्विक वित्तीय प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव के तहत, सोने (Gold) ने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड (U.S. Treasuries) को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी आरक्षित संपत्ति (Largest Reserve Asset) का दर्जा हासिल कर लिया है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB Report) और वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले तीन दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब वैश्विक केंद्रीय बैंकों के पोर्टफोलियो में मूल्य के मामले में सोना सबसे ऊपर पहुँच गया है। 
इस बड़े वैश्विक आर्थिक बदलाव से जुड़े मुख्य बिंदु और आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
वैश्विक रिज़र्व के ताज़ा आंकड़े (Market Share)
    • सोने की हिस्सेदारी: वैश्विक आधिकारिक आरक्षित संपत्तियों में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 27% हो गई है, जिसका कुल मूल्य लगभग $4 ट्रिलियन (लगभग 334 लाख करोड़ रुपये) आंका गया है। 
    • अमेरिकी ट्रेजरी की गिरावट: इसके विपरीत, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड (U.S. Treasuries) की हिस्सेदारी घटकर 22% (लगभग $3.9 ट्रिलियन) रह गई है, जो पहले शीर्ष स्थान पर हुआ करती थी। 
    • यूरो की स्थिति: वैश्विक रिज़र्व में यूरोपीय मुद्रा ‘यूरो’ (Euro) की हिस्सेदारी 15% पर स्थिर बनी हुई है।


 इस बड़े बदलाव के मुख्य कारण
    • कीमतों में रिकॉर्ड उछाल: इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण सोने की कीमतों में आई भारी तेजी (Valuation Effect) है। वर्ष 2025 में सोने की कीमतों में लगभग 64% से 70% तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे केंद्रीय बैंकों के पास मौजूद पुराने सोने के स्टॉक का मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। 
    • डी-डॉलरॉइजेशन (De-Dollarization) की होड़: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी प्रतिबंधों के डर और आर्थिक अनिश्चितता के कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर और बांड्स पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं।
    • केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक खरीदारी: चीन, भारत, पोलैंड और तुर्की जैसे प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों ने पिछले कुछ वर्षों में औसतन 1,000 टन सालाना की दर से रिकॉर्ड सोने की भौतिक खरीदारी की है। 


🇮🇳 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर इसका असर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी इस वैश्विक रणनीति का एक बड़ा हिस्सा रहा है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल स्वर्ण भंडार बढ़कर 880.52 मीट्रिक टन हो चुका है। इसके साथ ही भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में सोने की हिस्सेदारी जो सितंबर 2024 में मात्र 9.3% थी, वह अब तेजी से बढ़कर 16.7% हो गई है, क्योंकि भारत लगातार अमेरिकी ट्रेजरी के अपने निवेश को घटाकर सोने में स्थानांतरित कर रहा है

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