प्याज की बढ़ती कीमतें:’कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए सीधे बाजारों में पहुंचेगी बफर स्टॉक की बड़ी खेप
इंडिया प्राइम टीवी बिजनेस डेस्क देश भर में प्याज की कीमतों (Onion Prices) में आया अचानक उछाल आम उपभोक्ताओं के बजट पर भारी पड़ रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर प्याज की औसत खुदरा कीमत पिछले साल के ₹27.37 प्रति किलो के मुकाबले करीब 59% बढ़कर ₹43.53 प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। इसी तरह थोक बाजार (Wholesale Market) में भी 68% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहाँ पिछले साल ₹21.23 प्रति किलो मिलने वाला प्याज अब ₹35.58 प्रति किलो बिक रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में खुदरा कीमतें ₹55 और चेन्नई जैसे महानगरों में यह ₹60 प्रति किलो के आंकड़े को पार कर चुकी हैं, जिसने सरकार को तुरंत बड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
क्या है ‘कांदा एक्सप्रेस’ और सरकार की नई रणनीतिक योजना?
त्योहारों के सीजन से ठीक पहले बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (Ministry of Consumer Affairs) ने भारतीय रेलवे के साथ मिलकर ‘कांदा एक्सप्रेस’ (Kanda Express) विशेष मालगाड़ी सेवा की शुरुआत की है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक, इतिहास में पहली बार प्याज के थोक परिवहन के लिए ट्रकों के बजाय पूरी की पूरी मालगाड़ी (Rail Rakes) बुक की गई है। नासिक (महाराष्ट्र) से रवाना हुई यह विशेष ट्रेनें देश के पांच सबसे ज्यादा प्रभावित मुख्य केंद्रों—दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में प्याज की भारी खेप पहुंचाएंगी। रेलवे के इस्तेमाल से समय की भारी बचत होगी और परिवहन लागत कम होने से मंडियों में थोक दाम तेजी से नीचे आएंगे।
₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर मिलेगा बफर स्टॉक का प्याज
बाजार में प्याज की कृत्रिम किल्लत और मनमानी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अपने रणनीतिक बफर स्टॉक (Strategic Buffer Stock) का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें वर्तमान में 1.21 लाख टन प्याज सुरक्षित रखा गया है। जैसे ही ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की यह बड़ी खेप दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में पहुंचेगी, इसे राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) और नैफेड (NAFED) के सुपुर्द कर दिया जाएगा। सरकार इस प्याज को आम जनता के लिए बेहद सस्ती और रियायती दर, यानी सिर्फ ₹35 प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य शहरों में मोबाइल वैन, मदर डेयरी के सफल आउटलेट्स और ‘भारत ब्रांड’ के रिटेल स्टोर्स की मदद ली जाएगी।
क्यों अचानक बढ़े प्याज के दाम? क्या हैं इसके मुख्य कारण?
सरकारी समीक्षा और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज की कीमतों में इस अचानक आए उछाल के पीछे मौसम की मार और बाजार के समीकरण दोनों जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण नासिक और महाराष्ट्र के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश और मौसमी बदलाव हैं, जिसने घरेलू सप्लाई चेन (Supply Chain) को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके अलावा, सरकार को यह भी अंदेशा है कि त्योहारों को देखते हुए कुछ स्थानीय स्तर पर व्यापारियों द्वारा जमाखोरी (Hoarding) और कृत्रिम रूप से दाम बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं। यही वजह है कि सरकार ने सीधे दखल देकर थोक बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला किया है ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके।






