जन धन योजना राजस्थान की बड़ी छलांग, 3.85 करोड़ खातों से बदली लाखों की जिंदगी

इंडिया प्राइम जयपुर जन धन योजना राजस्थान प्रधानमंत्री जन धन योजना ने राजस्थान में वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने वाली इस योजना के तहत प्रदेश में अब तक 3 करोड़ 85 लाख 84 हजार से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जन धन खातों में जमा राशि के मामले में राजस्थान देशभर में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
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राज्य में इन खातों में 24,610 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोगों का औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा लगातार बढ़ा है। जन धन खातों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी सेवा वितरण को मजबूती मिली है।
महिलाओं की भागीदारी इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। राजस्थान में 2 करोड़ 19 लाख से अधिक महिलाओं के जन धन खाते खोले गए हैं। प्रदेश के कुल जन धन खातों में करीब 57 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम हैं, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और वित्तीय सशक्तिकरण को नई गति मिली है।
जन धन खाताधारकों को बैंकिंग सुविधाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान हुई है। इसके अलावा पात्र खाताधारकों को जीरो बैलेंस सुविधा, 10 हजार रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में 2 करोड़ 87 लाख 65 हजार से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए पात्र जन धन खातों पर खाताधारकों को 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच भी मजबूत हुई है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि जन धन योजना केवल बैंक खाते खोलने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने लाखों परिवारों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़कर बचत, बीमा, पेंशन और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई है। यही कारण है कि राजस्थान वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में लगातार मजबूत पहचान बना रहा है।






