बैंक ऑफ बड़ौदा का दमदार प्रदर्शन, कारोबार 30.50 लाख करोड़ के पार

इंडिया प्राइम जयपुर । बैंक ऑफ बड़ौदा का दमदार प्रदर्शन सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए कारोबार में मजबूत वृद्धि और आस्ति गुणवत्ता में निरंतर सुधार दर्ज किया है। बैंक का वैश्विक कारोबार सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत बढ़कर 30.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया, जबकि जमा और ऋण दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय विस्तार देखने को मिला।
बैंक के अनुसार वैश्विक अग्रिमों में 17.4 प्रतिशत और घरेलू अग्रिमों में 16.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खुदरा बैंकिंग भी मजबूत रही, जहां ऑटो लोन, मॉर्गेज, होम लोन और एजुकेशन लोन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी मांग देखने को मिली। इसके चलते ऑर्गेनिक रिटेल ऋण पोर्टफोलियो में 18.4 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिटेल, कृषि और एमएसएमई (RAM) पोर्टफोलियो में भी 16.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल ऋण वितरण में इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 62.9 प्रतिशत तक पहुंच गई। कृषि ऋण, एमएसएमई और कॉर्पोरेट लोन में भी बैंक ने संतुलित वृद्धि दर्ज करते हुए अपने व्यवसाय का विस्तार जारी रखा।
जमा आधार भी लगातार मजबूत हुआ है। बैंक की वैश्विक जमा राशि में 13.8 प्रतिशत और घरेलू जमा में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं घरेलू CASA जमा 10 प्रतिशत बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जिससे बैंक की फंडिंग स्थिति और मजबूत हुई।
तिमाही के दौरान बैंक की निवल ब्याज आय (NII) 9.5 प्रतिशत बढ़कर 12,524 करोड़ रुपये रही। परिचालन लाभ 8,127 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि एकमुश्त अपवादात्मक मद के प्रभाव के कारण रिपोर्टेड शुद्ध लाभ 1,278 करोड़ रुपये रहा। बैंक ने स्पष्ट किया कि यदि इस विशेष मद को शामिल नहीं किया जाए तो तिमाही का शुद्ध लाभ 5,528 करोड़ रुपये होता।
आस्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। सकल एनपीए घटकर 1.99 प्रतिशत और निवल एनपीए 0.50 प्रतिशत पर पहुंच गया। स्लिपेज अनुपात में भी सुधार हुआ है, जबकि प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) 93.28 प्रतिशत के स्तर पर बना रहा। इससे बैंक की बैलेंस शीट पहले की तुलना में अधिक मजबूत मानी जा रही है।
बैंक की पूंजी पर्याप्तता (CRAR) 16.30 प्रतिशत रही, जो भविष्य की कारोबारी जरूरतों और विस्तार के लिए मजबूत पूंजी आधार का संकेत देती है। इसके साथ ही बैंक का चलनिधि कवरेज अनुपात (LCR) लगभग 127 प्रतिशत रहा, जिससे उसकी तरलता स्थिति भी मजबूत बनी हुई है।
बैंक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है। विदेशी अग्रिमों में 23.3 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय जमा में 8.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक का मानना है कि बेहतर जोखिम प्रबंधन, संतुलित ऋण वृद्धि और मजबूत जमा आधार आने वाली तिमाहियों में भी उसके प्रदर्शन को मजबूती देंगे।






