JDA डिजिटल रिकॉर्ड अभियान : 6 महीने में 2.30 लाख फाइलें हुईं डिजिटल

इंडिया प्राइम जयपुर .JDA डिजिटल रिकॉर्ड अभियान . जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ई-गवर्नेंस की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए फाइल ट्रैकिंग सिस्टम (एफटीएस) के तहत नया रिकॉर्ड बनाया है। मिशन मोड में चलाए गए अभियान के दौरान महज छह महीनों में 2.30 लाख से अधिक फाइलों का डिजिटलीकरण और ऑनलाइन पंजीकरण पूरा किया गया है।
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जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि इस अभियान के बाद जेडीए की कुल 6,33,657 फाइलें अब फाइल ट्रैकिंग सिस्टम में दर्ज हो चुकी हैं। खास बात यह है कि जहां पिछले करीब दस वर्षों में 4.03 लाख फाइलें ही सिस्टम में दर्ज हुई थीं, वहीं पिछले छह महीनों में ही 2.30 लाख से अधिक फाइलों को डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया गया।
उन्होंने बताया कि अब प्रत्येक फाइल को एक यूनिक आईडी, फाइल नंबर, राजकाज नंबर, विषय, संबंधित जोन, पृष्ठ संख्या और अन्य आवश्यक विवरण के साथ डिजिटल रूप से सुरक्षित किया गया है। इससे किसी भी समय फाइल की वर्तमान स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी और दस्तावेजों के गुम होने की आशंका भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत जेडीए के सभी जोनों में फाइलों का हस्तांतरण भी पूरी तरह ऑनलाइन होगा। किसी भी फाइल का चार्ज संबंधित कर्मचारी या सहायक को एफटीएस के माध्यम से सौंपा जाएगा, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस अधिकारी या कर्मचारी के पास कौन-सी फाइल है। स्थानांतरण या कार्यमुक्ति की स्थिति में भी ऑनलाइन चार्ज हस्तांतरण के बाद ही जिम्मेदारी समाप्त मानी जाएगी।
जेडीए का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से फाइलों के लंबित रहने की समस्या कम होगी, रिकॉर्ड खोजने में समय की बचत होगी और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही आम नागरिकों को भी समयबद्ध और अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना आसान होगा।
यह पहल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के विजन तथा नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएगी।





