फोरेंसिक यूनिवर्सिटी जयपुर : कोचिंग हब के पांच टावर आवंटित करने का प्रस्ताव
इंडिया प्राइम टीवी ब्यूरो | फोरेंसिक यूनिवर्सिटी जयपुर राजस्थान में आधुनिक फोरेंसिक शिक्षा और वैज्ञानिक अपराध जांच प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल तेज कर दी है। नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU), अहमदाबाद के प्रस्तावित जयपुर कैंपस के लिए उपयुक्त भवन एवं भूमि चयन को लेकर मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर, आधारभूत सुविधाओं, भविष्य की विस्तार योजना तथा विद्यार्थियों की संभावित संख्या पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान एनएफएसयू के प्रतिनिधियों ने जयपुर में विश्वविद्यालय का संचालन प्रारंभ करने के लिए राजस्थान आवासन मंडल के कोचिंग हब स्थित पांच टावरों को आवंटित करने का प्रस्ताव रखा। इस पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान छात्र संख्या को देखते हुए इतने बड़े निर्मित क्षेत्र की तत्काल आवश्यकता प्रतीत नहीं होती। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि भविष्य में संभावित छात्र संख्या, शैक्षणिक विस्तार, अनुसंधान गतिविधियों और वास्तविक आधारभूत आवश्यकताओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन शीघ्र प्रस्तुत किया जाए, ताकि तथ्यों और दीर्घकालिक जरूरतों के आधार पर निर्णय लिया जा सके।
बैठक में दौलतपुरा क्षेत्र में निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का वैकल्पिक प्रस्ताव भी रखा गया। मुख्य सचिव ने कहा कि विस्तृत प्रस्तुतीकरण और सभी संबंधित विभागों की सहमति के बाद ही भूमि एवं भवन के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव, एनएफएसयू के कुलपति, रजिस्ट्रार, सिविल विंग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी शामिल किया जाए, ताकि सभी तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं पर व्यापक चर्चा कर शीघ्र निर्णय लिया जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग; आलोक गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग; अरविंद कुमार पोसवाल, आयुक्त, राजस्थान आवासन मंडल; एनएफएसयू के निदेशक तथा विश्वविद्यालय एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्रस्तावित कैंपस के लिए उपलब्ध विकल्पों, आधारभूत ढांचे और भविष्य की आवश्यकताओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
राजस्थान के युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
राज्य सरकार का मानना है कि जयपुर में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का कैंपस स्थापित होने से राजस्थान के युवाओं को फोरेंसिक साइंस, साइबर फोरेंसिक, डिजिटल एविडेंस, डीएनए विश्लेषण, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन और आधुनिक अपराध विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे। साथ ही राज्य की पुलिस, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), न्यायालयों और विभिन्न जांच एजेंसियों को प्रशिक्षित विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे, जिससे अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
बैठक की प्रमुख बातें
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने NFSU जयपुर कैंपस की तैयारियों की समीक्षा की।
- राजस्थान आवासन मंडल के कोचिंग हब के पांच टावर आवंटित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
- दौलतपुरा में वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
- विश्वविद्यालय से भविष्य की छात्र संख्या एवं विस्तार योजना का विस्तृत प्रेजेंटेशन मांगा गया।
- अगली बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, NFSU के कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
- उद्देश्य राजस्थान में आधुनिक फोरेंसिक शिक्षा, अनुसंधान और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
