स्मृति मंधाना बनीं टाइम की 100 सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय
अनिता चौहान | IndiaPrimeTV.com एक समय था जब वैश्विक खेल मंच पर भारत की पहचान मुख्य रूप से पुरुष क्रिकेट, हॉकी और कुछ चुनिंदा ओलंपिक खेलों तक सीमित थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। भारतीय महिला खिलाड़ी न केवल रिकॉर्ड बना रही हैं, बल्कि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों की सुर्खियां भी बन रही हैं।
इस बदलाव का सबसे ताजा उदाहरण हैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना, जिन्हें अमेरिकी प्रकाशन टाइम मैगजीन ने वर्ष 2026 की ‘100 मोस्ट इन्फ्लुएंशियल पीपल इन स्पोर्ट्स’ सूची में शामिल किया है। सबसे खास बात यह है कि इस सूची में जगह बनाने वाली वह एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं।
टाइम मैगजीन की यह सूची उन खिलाड़ियों, कोचों, एडवोकेट्स और निवेशकों को सम्मानित करती है, जो खेल जगत की दिशा और भविष्य तय कर रहे हैं। इस वर्ष सूची में अमेरिकी बास्केटबॉल दिग्गज लेब्रोन जेम्स, फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो, टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज, गोल्फर रोरी मैकलरॉय और बास्केटबॉल सनसनी विक्टर वेम्बान्यामा जैसे दिग्गज शामिल हैं।
स्मृति मंधाना: रिकॉर्ड, नेतृत्व और प्रभाव का नया नाम
29 वर्षीय मुंबई की बाएं हाथ की ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
टाइम मैगजीन ने अपनी प्रोफाइल में मंधाना को “रिकॉर्ड तोड़ने वाली खिलाड़ी” बताते हुए लिखा कि उनके नाम लगातार नई उपलब्धियां जुड़ रही हैं।
स्मृति के नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हैं—
- घरेलू एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी।
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला।
- 17 अंतरराष्ट्रीय शतकों के साथ महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली खिलाड़ियों में शामिल।
- एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से अधिक वनडे रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर।
हाल ही में वह भारत की सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली खिलाड़ी भी बनी हैं।
लेकिन स्मृति की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कप्तान के रूप में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 2024 और 2026 में विमेंस प्रीमियर लीग का खिताब दिलाया। वहीं, भारत की आईसीसी महिला विश्व कप जीत में उप-कप्तान के तौर पर उनकी भूमिका बेहद अहम रही, जहां वह टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बढ़ता भारतीय महिला क्रिकेट का प्रभाव
बीबीसी ने स्मृति मंधाना को 2025 की “इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर” चुना था। वहीं, द गार्जियन, ईएसपीएनक्रिकइन्फो और टाइम जैसी वैश्विक संस्थाएं उन्हें महिला क्रिकेट का चेहरा मान रही हैं।
महिला प्रीमियर लीग (WPL) की सफलता और भारतीय महिला टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन ने दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मृति मंधाना की लोकप्रियता सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है। वह नई पीढ़ी की उन महिला खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो खेल के साथ-साथ ब्रांड वैल्यू, नेतृत्व और सामाजिक प्रभाव का भी मजबूत उदाहरण हैं।
उभरते देशों के खिलाड़ी भी बदल रहे हैं वैश्विक खेल परिदृश्य
टाइम की सूची यह भी दिखाती है कि खेल जगत में अब सिर्फ पारंपरिक महाशक्तियों का दबदबा नहीं है। उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के खिलाड़ी भी दुनिया के खेल मानचित्र को बदल रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट कप्तान टेम्बा बावुमा इस सूची में शामिल दूसरे क्रिकेटर हैं। उन्होंने अपनी टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब और भारत में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दिलाई।
ब्राजील के फुटबॉलर विनीसियस जूनियर, केन्या और इथियोपिया के लंबी दूरी के धावक, चीन-अमेरिका की स्कीयर आइलीन गु और चीन की टेबल टेनिस स्टार सुन यिंग्शा जैसे खिलाड़ी भी दुनिया में खेल के नए प्रभावशाली चेहरों के रूप में उभर रहे हैं।
इन खिलाड़ियों की सफलता यह साबित करती है कि अब खेल प्रतिभा भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर वैश्विक प्रभाव पैदा कर रही है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
स्मृति मंधाना का टाइम की प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना सिर्फ एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय महिला खेलों की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी पेश कर रहा है और देश खेल अवसंरचना, महिला भागीदारी और पेशेवर लीगों में बड़े निवेश कर रहा है।
स्मृति की सफलता से यह संदेश भी जाता है कि भारतीय महिला खिलाड़ी अब सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक खेल संस्कृति को भी प्रभावित कर रही हैं।
आज भारत के गांवों और छोटे शहरों की लाखों लड़कियां स्मृति मंधाना, पीवी सिंधु, मीराबाई चानू और निकहत जरीन जैसी खिलाड़ियों को अपना आदर्श मान रही हैं।
भविष्य की नई खेल दूत
स्मृति मंधाना ने अपने खेल से यह साबित किया है कि प्रभावशाली खिलाड़ी बनने के लिए सिर्फ रिकॉर्ड बनाना ही काफी नहीं होता। इसके लिए नेतृत्व, निरंतरता और लाखों लोगों को प्रेरित करने की क्षमता भी जरूरी होती है।
टाइम मैगजीन की सूची में उनका नाम इस बात का प्रमाण है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब वैश्विक खेल जगत के केंद्र में पहुंच चुका है।
आने वाले वर्षों में स्मृति मंधाना सिर्फ भारत की स्टार क्रिकेटर नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली खेल हस्तियों में से एक के रूप में याद की जाएंगी।
