भजनलाल का राजनीतिक कद बढ़ा, अमित शाह से आज मिलेंगे मुख्यमंत्री, सीएम अब फ्री हैड बैटिंग के मूड में
अनिता चौहान | इंडिया प्राइम पॉलिटिकल डेस्क | जयपुर/नई दिल्ली. भजनलाल का राजनीतिक कद बढ़ा ,पीएम मोदी के राजस्थान दौरे से उत्साहित सीएम भजन लाल दिल्ली में अमित शाह से मिलेंगे , सियासी गलियारो में मोदी दौरे को राजनीतिक,आर्थिक तौर पर मुख्यमंत्री भजन लाल की बढ़ते राजनीतिक कद के रुप में देखा जा रहा हैं। सीएम दिल्ली तक यह संदेश देने में सफल होते दिखाई दे रहे है कि उनके नेतृत्व में पार्टी राजस्थान में पार्टी एकजूट है और प्रदेश में मौजूदा सरकार को कायम रखने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में फ्री हैड दिया जाए
राजस्थान की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बालोतरा दौरे के बाद अब निगाहें सोमवार को नई दिल्ली में होने वाली मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मुलाकात पर टिक गई हैं। आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे, रिफाइनरी परियोजना के लोकार्पण और उसके बाद अब मुख्यमंत्री की अमित शाह से संभावित मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक पुनर्संतुलन को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं।
सहकारिता में राजस्थान बना राष्ट्रीय मॉडल
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में राजस्थान को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस कार्यक्रम में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान ने सहकारिता क्षेत्र में कई राष्ट्रीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।
मुख्य उपलब्धियां—
- विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना में 200 गोदाम स्वीकृत।
- 120 गोदामों का निर्माण पूर्ण।
- योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में प्रथम।
- ई-पैक्स कम्प्यूटरीकरण में अग्रणी प्रदर्शन।
- 10 करोड़ से अधिक ERP ट्रांजेक्शन।
- प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का तेजी से डिजिटलीकरण।
- 8.90 लाख नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ने का रिकॉर्ड।
मुख्यमंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारिता को केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, भारत टैक्सी मॉडल, जन औषधि केंद्र और नई सहकारी गतिविधियों तक इसका विस्तार किया जाए।
क्या दिल्ली में होगी राजनीतिक चर्चा?
राजस्थान भाजपा के भीतर पिछले कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार, बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां और संगठनात्मक संतुलन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से किसी राजनीतिक एजेंडे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि राजस्थान के संगठन और सरकार से जुड़े कई विषयों पर शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा संभव है।
मोदी दौरे के बाद बढ़ा मुख्यमंत्री का राजनीतिक कद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बालोतरा के पचपदरा में लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि पूरे प्रदेश में उसकी डिजिटल पहुंच रही।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर—
- 12 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें
- पंचायत समितियां
- जिला मुख्यालय
- नगर निगम
- नगर परिषद
- नगर पालिकाएं
वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जोड़ी गईं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 53 लाख से अधिक लोगों ने प्रदेशभर से इस कार्यक्रम को ऑनलाइन देखा और प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी व्यापक डिजिटल जनसहभागिता ने सरकार की प्रशासनिक क्षमता और कार्यक्रम प्रबंधन की नई मिसाल पेश की है।
प्रभावी मॉनिटरिंग का मिला संदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कार्यक्रम की लगातार मॉनिटरिंग, जिला स्तर पर समन्वय और तकनीकी व्यवस्थाओं के कारण रिफाइनरी उद्घाटन समारोह केवल सरकारी आयोजन न रहकर राज्यव्यापी जनभागीदारी अभियान बन गया।भाजपा इसे विकास योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने के प्रभावी मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत कर रही है।

‘सहकार से समृद्धि’ पर मुख्यमंत्री का फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि—
- सहकारिता ग्रामीण समृद्धि का सबसे प्रभावी माध्यम है।
- किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जाएं।
- सहकारी गोदामों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।
- नवाचार आधारित सहकारी मॉडल विकसित किए जाएं।
- भारत टैक्सी और जन औषधि केंद्र जैसी पहलों को सहकारिता से जोड़ा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को सहकारी संस्थाओं के दायरे का लगातार विस्तार करने के निर्देश दिए।
राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि राजस्थान में भाजपा अब सरकार के लगभग ढाई वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में आगामी महीनों में तीन बड़े विषय चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं—
- संभावित मंत्रिमंडल विस्तार।
- बोर्ड, निगम एवं आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां।
- निकाय एवं पंचायत चुनावों की तैयारी।
यदि ऐसा होता है तो सहकारिता सहित विभिन्न विभागों के प्रदर्शन और सरकार की उपलब्धियों को भी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाया जा सकता है।
आगे किस पर रहेगी नजर?
अब राजनीतिक नजरें इस बात पर रहेंगी कि—
- अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मुलाकात के बाद क्या कोई महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत मिलता है।
- मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं में कितनी तेजी आती है।
- लंबित राजनीतिक नियुक्तियों पर कब निर्णय होता है।
- निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी को लेकर भाजपा क्या नई रणनीति अपनाती है।
फिलहाल आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने के लिए है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे राजस्थान भाजपा के अगले चरण की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
मोदी दौरे के बाद भजनलाल का राजनीतिक कद बढ़ा , भजनलाल अब फ्री हैड बैटिग के मूड में, मोदी के बाद अमित शाह से भजनलाल की मुलाकात, सीएम विरोधियों की घड़कने तेज
