केरल वायनाड बड़ा हादसा ,भारी बारिश से सुरंग निर्माण लैंडस्लाइड
Indiaprime internet desk केरल के वायनाड जिले में (7 जुलाई 2026) एक बड़ा हादसा हुआ है, जहाँ भारी बारिश के कारण कल्लाडी में मीनाक्षी ब्रिज के पास सुरंग निर्माण (टनल कंस्ट्रक्शन) साइट पर भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है। आज तक की रिपोर्ट और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मलबे में दबने से 2 लोगों की मौत हो गई है और मौके से 8 लोगों को बचाकर सुरक्षित निकाला जा चुका है।
हादसे की मुख्य बातें
लोकेशन: वायनाड के कल्लाडी में मीनाक्षी ब्रिज के पास स्थित मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट साइट। दैनिक भास्कर के मुताबिक, यहाँ करीब 2,100–2,200 करोड़ की लागत से 8.17 किमी लंबी सुरंग का काम चल रहा है।
वजह: इलाके में पिछले 24 घंटों में 265 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के चलते खुदाई से जमा की गई मिट्टी और मलबे का बड़ा हिस्सा ढह गया, जिसने नीचे खड़े वाहनों और सुरक्षाकर्मियों को अपनी चपेट में ले लिया।
हताहतों की संख्या: हादसे में 2 लोगों की जान चली गई है, जबकि लगभग 7 से 8 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुछ लोगों के अभी भी लापता होने की आशंका है।
राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operations)
NDRF की तैनाती: नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें और लोकल फायर सर्विस के जवान मौके पर युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
इमरजेंसी मीटिंग: मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने जिला प्रशासन के साथ आपातकालीन बैठक की और राज्य मंत्री टी. सिद्दीकी व राजस्व मंत्री को तुरंत वायनाड पहुंचकर राहत कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
राहत शिविर: प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और चुलिक्का सरकारी एलपी स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है।
‘मानव निर्मित आपदा’ का आरोप
केरल के राज्य मंत्री टी. सिद्दीकी ने इस घटना पर बयान देते हुए इसे एक प्राकृतिक हादसा न मानकर लापरवाही का नतीजा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कलेक्टर ने पहले ही कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन को लिखित में इस साइट पर भूस्खलन के खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रोजेक्ट अधिकारियों द्वारा मलबा हटाने और सुरक्षा के सही कदम नहीं उठाए गए।
वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है और स्थानीय कार्यकर्ताओं से बचाव कार्य में हर संभव मदद करने की अपील की है।
