Update Chokhi Dhani Jaipur खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, कई अनियमितताएं मिलीं

इंडिया प्राइम जयपुर | 17 जुलाई, 2026.जयपुर: Chokhi Dhani Jaipur चोखी ढाणी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में क्या मिलीं अनियमितताएं, क्या है पूरा मामला और आगे क्या होगी कार्रवाई? देखिए इस खास रिपोर्ट में
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. चोखी ढाणी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई क्यों की?
राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 जुलाई 2026 को 181 जन शिकायत पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर चोखी ढाणी जयपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य तेल, काजू और मावा के नमूने लिए गए तथा कुछ कथित अनियमितताएं दर्ज की गईं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
2. निरीक्षण के दौरान क्या-क्या मिला?
अधिकारियों के अनुसार आलू तलने में उपयोग किए जा रहे तेल का टोटल पोलर कम्पाउंड (TPC) स्तर 31 प्रतिशत पाया गया, जबकि निर्धारित सीमा 25 प्रतिशत है। इसके अलावा काजू की पैकेजिंग पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि अंकित नहीं होने की बात कही गई। मावा और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
3. क्या चोखी ढाणी का खाना असुरक्षित घोषित कर दिया गया है?
नहीं। फिलहाल खाद्य पदार्थों के नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
4. चोखी ढाणी जयपुर क्या है?
चोखी ढाणी जयपुर राजस्थान की संस्कृति, लोककला, पारंपरिक भोजन और ग्रामीण जीवन का अनुभव कराने वाला एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक पर्यटन स्थल है। इसकी स्थापना वर्ष 1989 में की गई थी और यह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है।
5. क्या चोखी ढाणी जयपुर पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का सामना कर चुका है?
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय रिकॉर्ड के आधार पर 17 जुलाई 2026 की कार्रवाई की पुष्टि होती है। इससे पहले इसी प्रकार की बार-बार हुई खाद्य सुरक्षा कार्रवाई का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला है।
6. खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आगे क्या कार्रवाई होगी?
सभी नमूनों की जांच राज्य खाद्य प्रयोगशाला में की जाएगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
7. चोखी ढाणी जयपुर कहां स्थित है?
चोखी ढाणी जयपुर टोंक रोड, वाटिका के पास, जयपुर (राजस्थान) में स्थित है। यह जयपुर एयरपोर्ट और शहर के प्रमुख हिस्सों से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
8. क्या चोखी ढाणी जयपुर अभी पर्यटकों के लिए खुला है?
उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार चोखी ढाणी अपने सामान्य संचालन के साथ आगंतुकों का स्वागत करती है। निरीक्षण की खबर का अर्थ यह नहीं है कि प्रतिष्ठान को बंद कर दिया गया है। किसी भी संचालन संबंधी बदलाव की जानकारी संबंधित प्रबंधन या अधिकारियों द्वारा जारी की जाएगी।
राजस्थान की पहचान मानी जाने वाली सांस्कृतिक पर्यटन स्थली चोखी ढाणी जयपुर शुक्रवार को उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग ने यहां निरीक्षण कर कई कथित अनियमितताओं की ओर संकेत किया। यह कार्रवाई 181 जन शिकायत पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य तेल, मावा और काजू के नमूने लिए तथा कुछ सामग्री को जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया। (The Times of India)
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे “शुद्ध आहार, मिलावट पर वार” अभियान के तहत की गई।
Chokhi Dhani Jaipur: Essential Visitor Information
क्या है पूरा मामला?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर-द्वितीय की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को चोखी ढाणी का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे बिंदु सामने आए जिन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच के दायरे में रखा गया।
तेल में TPC स्तर निर्धारित सीमा से अधिक
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि आलू तलने के लिए उपयोग किए जा रहे खाद्य तेल का टोटल पोलर कम्पाउंड (TPC) स्तर 31 प्रतिशत पाया गया, जबकि निर्धारित अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत है। विभाग के अनुसार अधिक TPC स्तर यह संकेत देता है कि तेल का बार-बार उपयोग किया गया हो सकता है, इसलिए इसका प्रयोग स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। इसी कारण तेल का नमूना जांच के लिए लिया गया है। आगे की कार्रवाई प्रयोगशाला रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। (The Times of India)

काजू और मावा के नमूने भी लिए गए
सीएमएचओ जयपुर-द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सब्जियों में उपयोग किए जा रहे काजू की गुणवत्ता पर भी आपत्ति दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार पैकेजिंग पर निर्माण और समाप्ति तिथि अंकित नहीं थी। विभाग ने काजू का नमूना लेकर लगभग 90 किलोग्राम सामग्री को जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया।
इसके अलावा उपयोग में लिए जा रहे मावा (खोया) का भी नमूना परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। साथ ही लेबलिंग और प्रचार से जुड़े संभावित उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने तक अंतिम निष्कर्ष नहीं
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच अभी लंबित है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी भी खाद्य पदार्थ को कानूनी रूप से असुरक्षित घोषित नहीं किया जाता। यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में उल्लंघन की पुष्टि होती है, तभी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है चोखी ढाणी?
चोखी ढाणी की शुरुआत 1990 के दशक की शुरुआत में राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति, लोक कला, पारंपरिक भोजन और आतिथ्य को एक ही स्थान पर प्रस्तुत करने की अवधारणा के साथ की गई थी। समय के साथ यह केवल एक रेस्टोरेंट नहीं रहा, बल्कि एक सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हुआ, जहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक हर वर्ष आते हैं।
यहां पारंपरिक राजस्थानी भोजन के साथ लोक नृत्य, कठपुतली शो, ऊंट और बैलगाड़ी की सवारी, हस्तशिल्प, लोक संगीत और ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है। आज चोखी ढाणी समूह राजस्थान के अलावा भारत के अन्य शहरों और विदेशों में भी अपनी उपस्थिति रखता है। कंपनी अपनी वेबसाइट पर खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा रसोई में स्वच्छता संबंधी प्रक्रियाओं का उल्लेख भी करती है। (Chokhi Dhani)
राजस्थान में क्यों चल रहा है विशेष अभियान?
राज्य सरकार इन दिनों “शुद्ध आहार, मिलावट पर वार” अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, डेयरी इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें राज्य प्रयोगशाला भेजा जाता है और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। (Instagram)
उपभोक्ताओं के लिए क्या संदेश?
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रतिष्ठान के बारे में अंतिम राय बनाने से पहले आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता को भोजन की गुणवत्ता या स्वच्छता को लेकर शिकायत हो, तो वह संबंधित विभाग के शिकायत पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से इसकी जानकारी दे सकता है।

आगे क्या होगा?
निरीक्षण दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, विनोद थारवान और राजेश नागर शामिल थे। अब सभी की नजर राज्य खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर है। यदि नमूनों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूने मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं, तो उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
फिलहाल यह मामला निरीक्षण और प्रयोगशाला जांच के चरण में है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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क्या है चोखी ढाणी?




