Live News Updates: July 21, 2026 – ईरान वार के चलते खाडी के कई देशों की विदेशी उड़ाने रद्द

Live News Updates: 11.40 AM IST July 21, 2026 / इंडिया प्राइम दिल्ली डेस्क/ संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन (21 जुलाई 2026) NEET-UG पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों में गरमाया हुआ है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला से विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी की मुलाकात और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आए बड़े बयान हैं:
राहुल गांधी ने स्पीकर से की मुलाकातचर्चा की मांग: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर मांग की है कि संसद में अन्य सभी कार्यों को रोककर सबसे पहले NEET पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।छात्रों की आवाज: राहुल गांधी ने कहा कि देश भर के लाखों युवा मानसिक तनाव में हैं, और विपक्ष संसद में छात्रों की आवाज बनकर इस धांधली के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ा रहेगा।पुलिस कार्रवाई का विरोध: उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुए पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने के मुद्दे को भी अध्यक्ष के सामने उठाया और इसकी कड़ी निंदा की।
पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा बयानसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, एनडीए (NDA) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक विवाद पर पहली बार सीधा और कड़ा रुख अपनाया है:”पेपर लीक घोर पाप है”: पीएम मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं को ‘घोर पाप’ करार दिया और स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने मामले के सामने आते ही त्वरित कार्रवाई की है, जिसके तहत मुख्य साजिशकर्ताओं सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
राजनीति न करने की अपील: पीएम मोदी ने विपक्ष से आग्रह किया कि युवाओं की सुरक्षा और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए इस संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर दलबंदी की राजनीति (Partisan Politics) से बचना चाहिए।राज्यों के साथ मिलकर काम: उन्होंने देश में एक अभेद्य परीक्षा प्रणाली (Foolproof Examination System) बनाने के लिए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को मिलकर काम करने को कहा है।
सांसदों को नसीहत: प्रधानमंत्री ने एनडीए के सांसदों से कहा कि वे “बच्चों को भड़काएं नहीं, बल्कि उन्हें सही रास्ता दिखाएं”।सदन की वर्तमान स्थितिविपक्ष द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में भारी नारेबाजी हो रही है। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है।
सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में हादसे में 10 मजदूरों की मौत
Live News Updates: 10.24 AM IST July 21, 2026 / इंडिया प्राइम दिल्ली डेस्क सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में हादसे में एक और मजदूर की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या 10 हो गई है। जानकारी के मुताबिक मजदूरों के शवों को रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाल लिया है।हादसे के वक्त सुरंग के भीतर कुल 43 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से 16 सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। जिला प्रशासन के अनुसार, अभी भी लगभग 18 से 25 कर्मियों के अंदर फंसे होने की आशंका है.
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर नामची जिले में निर्माणाधीन समरडुंग सुरंग (Samardung Tunnel) में हुए हादसे की पूरी जानकारी ली है। पीएम मोदी ने इस कठिन समय में सिक्किम के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और केंद्र सरकार की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन दबाव देखा गया। BSE सेंसेक्स 58.89 अंक गिरकर 77,649.63 और NSE निफ्टी 22.45 अंक टूटकर 24,216.05 पर खुला। बाजार में कमजोरी की प्रमुख वजह मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव है। हालांकि, संभावित 10-दिन के युद्धविराम की उम्मीद से ब्रेंट क्रूड करीब 0.4% गिरकर 88.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
सोनम वांगचुक ताजा हेल्थ बुलेटिन जारी
Live News Updates: 09.11 AM IST July 21, 2026 / Updates इंडिया प्राइम दिल्ली डेस्क . सोनम वांगचुक दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। सोनम वांगचुक का ताजा हेल्थ बुलेटिन जारी कर दिया गया है, जिसके अनुसार उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य पैरामीटर (Vital Parameters) पूरी तरह स्थिर हैं।
- पैरामीटर्स सामान्य: डॉक्टरों के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और ऑक्सीजन का स्तर नियंत्रण में है।
- अनशन जारी: सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और खुद को अस्पताल में रखे जाने के विरोध में उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन अनशन (Hunger Strike) जारी रखा हुआ है।
- अस्पताल में कड़ी सुरक्षा: आरएमएल अस्पताल के वार्ड के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, और किसी भी बाहरी व्यक्ति या समर्थक को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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दिल्ली में आज राजनीतिक माहौल गर्म ,संसद सत्र,किसान घेराव,जंतरमंतर घरना जारी
आज देशभर की निगाहे दिल्ली पर है। कल जंतरमंतर के बाद संसद घेराव को लेकर सोमवार को जंतर-मंतर पर हुए भारी हंगामे और झड़पों के बाद आज दिल्ली में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो रहे हैं,
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्र संगठनों द्वारा NEET-UG पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) परीक्षा की अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
लगभग 250 राष्ट्रीय किसान संगठनों के गठबंधन ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के किसान घाट (Kisan Ghat) पर मोटरसाइकिल मार्च और सभा आयोजित करने का एलान किया है।
विपक्ष का साझा हमला: विपक्षी दल (INDIA ब्लॉक) लोकसभा और राज्यसभा में NEET पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी, सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में रखने और कल प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। https://hi.indiaprimetv.com/delhi-live-news-updates/
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Live News Updates: 08.40 AM IST July 21, 2026 / Updates दिल्ली डेस्क/
देश भर में बरसात के कारण 39 लोगों की मौत, कई राज्यो में हालात बेकाबू .
इंडिया प्राइम दिल्ली डेस्क/देशव्यापी बारिश से जम्मू कश्मीर में 23 मौते जबकि उत्तर भारत और मध्य भारत में 16 मौते हो चुकी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे भारत में तेजी से सक्रिय हो गया है, जिससे कई राज्यों में अचानक बाढ़ (Flash Floods), भूस्खलन और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हुई हैं। पिछले कुछ दिनों में देश भर में मौसम जनित हादसों के कारण कम से कम 39 लोगों की जान जा चुकी है:
- जम्मू-कश्मीर (23 मौतें): यह केंद्र शासित प्रदेश इस समय सबसे गंभीर आपदा का सामना कर रहा है। पिछले तीन दिनों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण अकेले यहां 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश मौतें पुंछ और राजौरी जिलों में हुई हैं। कम से कम 7 लोग अब भी लापता हैं।
- उत्तर और पूर्वी भारत के अन्य राज्य (16 मौतें): उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन, मकान ढहने और बिजली गिरने से 16 और लोगों की मौत दर्ज की गई है।
आगामी मौसम का पूर्वानुमान और अलर्ट
- उत्तर-पश्चिम पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Floods) और नए भूस्खलन का अत्यधिक खतरा है।
- दिल्ली-एनसीआर और मैदानी इलाके: दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में 23-24 जुलाई तक आमतौर पर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
- पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत: असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
- पश्चिमी भारत (मुंबई और कोंकण): कोंकण क्षेत्र और महाराष्ट्र के घाट इलाकों में लगातार भारी बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी (IMD) की महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह
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कोयले से लदी मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे
Live News Updates: 08.25 AM IST July 21, 2026 / Updates दिल्ली डेस्क/ गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर आनंद विहार के पास कोयले से लदी एक मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। उत्तर रेलवे के अनुसार, हादसा मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को तड़के सुबह करीब 2:30 बजे (Late Monday Night / Tuesday Early Morning) हुआ .
इस हादसे में किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। दुर्घटना के तुरंत बाद डीआरएम (DRM), एडीआरएम (ADRM) सहित रेलवे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीमें राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुँच चुकी हैं.
- 53 ट्रेनें प्रभावित: रूट बाधित होने से कुल 53 ट्रेनों के शेड्यूल पर असर पड़ा है।
- 24 ट्रेनों का रूट बदला: यात्रियों की सुविधा के लिए 24 ट्रेनों को दिल्ली-नई दिल्ली और अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है।
- 16 ट्रेनें रद्द: उत्तर रेलवे ने मुख्य रूप से कई ईएमयू (EMU) और लोकल पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया है।
- 5 ट्रेनें आंशिक रद्द: कुल 5 पैसेंजर ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोककर आंशिक रूप से रद्द किया गया है।
- 8 ट्रेनें लेट: इस दुर्घटना और ट्रैक की मरम्मत के काम की वजह से 8 ट्रेनें देरी से (Regulated) चल रही हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
- रेल मदद हेल्पलाइन: यात्रा शुरू करने से पहले यात्री रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं।
- लाइव स्टेटस चेक: ट्रेनों की सही और ताजा स्थिति जानने के लिए NTES (National Train Enquiry System) App का उपयोग करें।
- ट्रैक बहाली: युद्धस्तर पर ट्रैक को खाली करने और यातायात को बहाल करने का काम जारी है।
सिक्कम सुंरग हादसे में 7 मजदूरों की मौत 20 को निकालने का काम जारी .
Live News Updates: 07.45 AM IST July 21, 2026 / Updates दिल्ली डेस्क/ सिक्किम के नामची जिले में हुए भीषण सुरंग हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 मजदूर अब भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। यह हादसा सोमवार, 20 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3:40 बजे समरडुंग (झोलुंगे) इलाके में NHPC की तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ।
सुरंग हादसा कारण और मुख्य चुनौतियाँ
शुरुवाती जानकारी के मुताबिक सुरंग के भीतर प्राकृतिक रूप से जमा मीथेन गैस में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद हुए भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से पूरी तरह बंद हो गया। टनल के अंदर लगातार हो रहे मीथेन गैस के रिसाव और ऑक्सीजन की कमी के कारण राहत अभियान बेहद जटिल हो गया है। हालात यह है कि गैस के तीव्र असर, संकरे रास्ते और कम दृश्यता के चलते शुरुआत में कुछ बचावकर्मी भी चक्कर खाकर बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
सुरंग हादसा राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation)
घटना की सूचना मिलते ही NDRF SDRF की टीमे, सिक्किम पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं जो लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं। पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से विशेष रूप से प्रशिक्षित बचाव दल को गैस सुरक्षा उपकरण और विशेष मास्क के साथ राहत कार्य के लिए बुलाया गया है। शुरुआत में टनल के अंदर 27 मजदूरों के फंसे होने का अनुमान था। जिला प्रशासन के अनुसार इनमें से 21 कर्मचारी निजी कंपनी ‘पटेल इंजीनियरिंग’ के और 6 कर्मचारी से जुड़े हुए हैं।
इनमें से घायल और मृतक कुछ स्थानीय कर्मचारी (सिक्किम) हैं, जबकि अधिकांश मजदूर पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जो हाइड्रोइलेक्ट्रिक टनल प्रोजेक्ट्स में बतौर कुशल और अकुशल श्रमिक काम करते हैं प्रशासन द्वारा हादसे में मृतकों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, नामची जिला अस्पताल और एसटीएनएम अस्पताल गंगटोक भेजा गया है। मौके पर कई एंबुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि बाहर निकाले जाने वाले मजदूरों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके
Live News Updates: 01.34 AM IST July 21, 2026 / Updates Desk Delhi
अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका के पास कितने समय तक क्या विकल्प हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार, विमानन और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा दिया है। युद्धविराम के बाद हालात कुछ सामान्य हुए हैं, लेकिन यदि संघर्ष दोबारा तेज होता है तो इसका सबसे बड़ा असर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
अमेरिका कितने समय तक इस स्थिति को संभाल सकता है?
यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि युद्ध कितने समय तक चलता है और कच्चे तेल की कीमतें किस स्तर पर बनी रहती हैं।
यदि तेल 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहता है
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर सीमित असर पड़ेगा।
- महंगाई नियंत्रण में रह सकती है।
- बाजार सामान्य गति से काम करता रहेगा।
यदि तेल 90–110 डॉलर प्रति बैरल पर 2–3 महीने तक बना रहता है
- पेट्रोल और डीजल महंगे रहेंगे।
- महंगाई बढ़ सकती है।
- अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) ब्याज दरों में राहत देने से बच सकता है।
यदि तेल 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कई महीनों तक बना रहता है
- अमेरिका में मंदी (Recession) का खतरा बढ़ जाएगा।
- कंपनियों का मुनाफा घटेगा।
- एयरलाइन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
- आम उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता कम हो सकती है।
अमेरिका के पास क्या विकल्प हैं?
1. सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve – SPR)
अमेरिका जरूरत पड़ने पर अपने सामरिक तेल भंडार से बाजार में कच्चा तेल जारी कर सकता है ताकि ईंधन की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
2. घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाना
अमेरिका अपनी शेल ऑयल कंपनियों का उत्पादन बढ़ा सकता है। हालांकि इसका असर तुरंत नहीं बल्कि कुछ सप्ताह या महीनों बाद दिखाई देता है।
3. सहयोगी तेल उत्पादक देशों से मदद
सऊदी अरब, यूएई और अन्य तेल उत्पादक देशों से उत्पादन बढ़ाने का अनुरोध कर वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है।
4. दूसरे देशों से आयात बढ़ाना
कनाडा, ब्राजील, गुयाना और नॉर्वे जैसे देशों से अतिरिक्त तेल खरीदकर खाड़ी क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सकती है।
5. कूटनीतिक समाधान
सबसे प्रभावी और कम खर्चीला विकल्प युद्धविराम बनाए रखना, होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखना और क्षेत्रीय तनाव को कम करना है।
अमेरिका का सामरिक तेल भंडार (SPR) कितने दिन चल सकता है? more at hi.indiaprimetv.com
खाडी देशो में कई देशो की उड़ानों पर रोक।
लगातार युद्द के हालात के कारण अब खाड़ी देशो में यूरोप और अन्य महादीपो की हवाई सेवाए स्थागित हो रही है। एयर फ्रांस ने सुरक्षा चिंताओं के कारण दुबई (यूएई) और रियाद (सऊदी अरब) की अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) द्वारा जारी की गई हाई-अलर्ट एडवाइजरी के बाद विदेशी एयरलाइंस ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों के लिए अपनी उड़ानों को निलंबित (Suspend) किया हुआ है
अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में बढ़ते सैन्य संघर्ष और हवाई क्षेत्र (Airspace) के खतरों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।यात्रियों के लिए सलाह: प्रभावित रूट के यात्रियों को एयरलाइन द्वारा रिफंड या वैकल्पिक बुकिंग (Rerouting) के विकल्प दिए जा रहे हैं।
- प्रभावित अरब देश: सुरक्षा खतरे और ड्रोन हमलों के अलर्ट के कारण मुख्य रूप से यूएई (दुबई/अबू धाबी), सऊदी अरब (रियाद/आभा), कुवैत और बहरीन जाने वाली उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
- लोकल एयरलाइंस की स्थिति: अरब देशों की अपनी स्थानीय एयरलाइंस (जैसे Emirates, Etihad, Flydubai) अभी भी एक्टिव हैं, लेकिन उन्होंने भी कुवैत और सऊदी के आभा (Abha) एयरपोर्ट के लिए अपनी चुनिंदा उड़ानें रद्द की हैं।
जर्मनी और स्विट्जरलैंड (Lufthansa Group & SWISS): इन्होंने दुबई, रियाद, अबू धाबी, दम्माम और मस्कट के लिए अपनी सभी उड़ानें 13 सितंबर से 24 अक्टूबर 2026 तक के लिए पूरी तरह निलंबित कर दी हैं।
नीदरलैंड (KLM): एम्सटर्डम से दुबई, रियाद और दम्माम जाने वाली सभी उड़ानें अगस्त 2026 के आखिरी हफ्ते तक रद्द की गई हैं।
यूनाइटेड किंगडम (British Airways): ब्रिटिश एयरवेज ने सुरक्षा चिंताओं के कारण दुबई, बहरीन और दोहा की उड़ानें रोक रखी हैं।
सिंगापुर (Singapore Airlines & Scoot): सिंगापुर एयरलाइंस ने दुबई के लिए अपनी सर्विस 24 अक्टूबर 2026 तक और जेद्दा (सऊदी अरब) की फ्लाइट्स को पूरी तरह रोक दिया है।
कनाडा (Air Canada): कनाडा से दुबई और अन्य अरब देशों के लिए उड़ानों का निलंबन अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक बढ़ा दिया गया है।
फ्रांस (Air France): एयर फ्रांस ने सुरक्षा समीक्षा का हवाला देते हुए दुबई और रियाद के लिए अपने ऑपरेशन्स अस्थायी रूप से रोके हैं।
हांगकांग (Cathay Pacific): कैथे पैसिफिक ने भी सुरक्षा कारणों से दुबई और रियाद के लिए अपने उड़ान शेड्यूल को अक्टूबर के अंत तक के लिए टाल दिया है।
इटली (ITA Airways): रियाद और दुबई की उड़ानें परिचालन और सुरक्षा कारणों से निलंबित हैं।







