गडकरी का विजन भजनलाल का एक्शन: राजस्थान में सुरक्षित यात्रा का नया रोडमैप तैयार
इंडिया प्राइम इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्क | कोटा/जयपुर गडकरी का विजन भजनलाल का एक्शन . पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दौसा सहित देश के अन्य हिस्सों में हुई सड़क दुर्घटनाओं से एक बार फिर रफ्तार के साथ सुरक्षित यात्रा का जिम्मेदार कौन जैसे सवाल खडे़ कर दिए हैं। इन्ही का जवाब तलाशने और तेजी से विकसित होते हाइवे पर सुरक्षित यात्रा का भरोसा बढाने राजस्थान के दो बडे नेता ,सीएम भजन लाल और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत नितिन गडकरी एक साथ सडक पर नजर आए।
संदेश साफ था कि आधुनिक एक्सप्रेसवे केवल तेज़ रफ्तार यात्रा के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित यात्रा के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान परियोजना की गुणवत्ता, निर्माण प्रगति, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और भविष्य की सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को नियंत्रित प्रवेश (Controlled Access), आधुनिक क्रैश बैरियर, ग्रेड सेपरेटेड इंटरचेंज, हाई-विजिबिलिटी साइनेज, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन सहायता प्रणाली, एम्बुलेंस पहुंच, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तथा मुकुंदरा टनल में अत्याधुनिक वेंटिलेशन, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर इंजीनियरिंग के साथ-साथ निर्धारित गति सीमा, लेन अनुशासन, गलत दिशा में वाहन चलाने पर रोक और प्रभावी ट्रैफिक प्रवर्तन ही भविष्य में दुर्घटनाओं को कम करने की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी होंगे।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बूंदी के लबान इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने परियोजना की प्रगति और राजस्थान के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में इसकी भूमिका पर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाड़ौती क्षेत्र की कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास से जुड़े सुझाव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा: सड़कें ही आर्थिक विकास का आधार
कोटा और हाड़ौती को मिली बड़ी सड़क परियोजनाएं
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- एनएच-52 से मुकुंदरा वाइल्डलाइफ सेंचुरी को बाईपास करते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक लगभग ₹550 करोड़ की लागत से लिंक रोड।
- कोटा को बालापुरा के माध्यम से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 21 किलोमीटर का चार लेन ग्रीनफील्ड संपर्क मार्ग।
- भवानीमंडी को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार।
- कोटा से इटावा तक प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे (पूर्व चंबल एक्सप्रेसवे), जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹15,000 करोड़ होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में भारत ने सड़क अवसंरचना विकास में नया इतिहास रचा है और राजस्थान इस परिवर्तन का प्रमुख लाभार्थी बन रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, भारतमाला परियोजना और मुकुंदरा टनल जैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले लगभग ढाई वर्षों में केवल कोटा जिले में ही करीब ₹5,000 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कोटा (डीसीएम रोड) से उम्मेदगंज तक चार लेन स्पर एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिससे एक्सप्रेसवे तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
नितिन गडकरी: एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं, विकास का इंजन हैं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल वाहनों के आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास के नए कॉरिडोर हैं।
उन्होंने बताया कि लगभग ₹1.10 लाख करोड़ की लागत वाली दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का 75–80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अगले दो वर्षों में दिल्ली से मुंबई के नरीमन पॉइंट तथा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक लगभग 12 घंटे में सड़क मार्ग से यात्रा संभव होगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित भारत की आर्थिक रीढ़ बनेगा और राजस्थान को देश के सबसे मजबूत लॉजिस्टिक राज्यों में शामिल करेगा।
ओम बिरला: हाड़ौती विकास का नया अध्याय
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नितिन गडकरी की कार्यशैली ने भारत में विश्वस्तरीय हाईवे नेटवर्क तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कोटा और हाड़ौती क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा यमुना जल समझौता और राम जल सेतु जैसी परियोजनाओं को भी राजस्थान के दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव बताया।
राजस्थान का बदलता हाईवे नेटवर्क
राजस्थान वर्तमान में देश के सबसे तेज़ी से विकसित होते सड़क नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, भारतमाला परियोजना, अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड हाईवे, रिंग रोड, आर्थिक कॉरिडोर तथा अनेक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य चल रहा है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल यात्रा समय कम करना नहीं बल्कि—
- औद्योगिक निवेश आकर्षित करना।
- लॉजिस्टिक्स लागत कम करना।
- कृषि उत्पादों को तेज़ बाज़ार उपलब्ध कराना।
- पर्यटन को बढ़ावा देना।
- नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ना।
- लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करना।
इंडिया प्राइम विश्लेषण
राजस्थान में सड़क अवसंरचना अब केवल निर्माण परियोजना नहीं रह गई है, बल्कि इसे राज्य की आर्थिक रणनीति का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राज्य स्तरीय विकास प्राथमिकताओं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के तकनीकी नेतृत्व और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के क्षेत्रीय समन्वय के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाएं राजस्थान को उत्तर-पश्चिम भारत के प्रमुख औद्योगिक, लॉजिस्टिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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