ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान मॉडल की चर्चा: जिलों में IAS अधिकारियों के नवाचार बने देश के लिए मिसाल
India Prime TV ब्यूरो | जयपुर 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस (NCeG 2026) के पहले दिन जयपुर में आयोजित “एम्पावरिंग यूथ, एक्सेलरेटिंग इनोवेशन, ट्रांसफॉर्मिंग गवर्नेंस” विषयक ब्रेकआउट सेशन में राजस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने जिलों में लागू किए गए डिजिटल नवाचारों और सुशासन के मॉडल देशभर के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किए। इस सत्र में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, डिजिटल शिक्षा और डेटा आधारित प्रशासन केवल भविष्य की तकनीक नहीं बल्कि आम नागरिक के जीवन को बदलने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं।
ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान मॉडल की चर्चा
: स्टार्टअप्स से हल होंगी समाज की वास्तविक समस्याएं
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि राजस्थान सरकार युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि उन्हें इनोवेटर और जॉब क्रिएटर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि—
- किसानों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं का समाधान स्टार्टअप्स के माध्यम से किया जा सकता है।
- युवाओं को समाज की वास्तविक चुनौतियों को समझकर AI और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने चाहिए।
- R-CAT (राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी) के जरिए अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा युवाओं तक पहुंचाई जा रही है।
- राजस्थान आज देश के अग्रणी स्टार्टअप मेंटरिंग राज्यों में शामिल है।
हिमांशु गुप्ता: जन्म से ही डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ रहा नागरिक
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने बताया कि राजस्थान में डिजिटल सेवाओं का विस्तार लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि—
- जन आधार और iStart जैसी योजनाओं ने नागरिक सेवाओं को डिजिटल बनाया है।
- राज्य सरकार AI Ready Data Centre विकसित कर रही है।
- डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
- जन्म से लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं तक नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में AI आधारित गवर्नेंस राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
चूरू मॉडल बना राष्ट्रीय आकर्षण: कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने साझा किए नवाचार
ब्रेकआउट सेशन में सबसे अधिक चर्चा चूरू जिले में लागू किए गए नवाचारों की रही। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने बताया कि जिला प्रशासन ने शिक्षा, तकनीक और स्टार्टअप को जोड़ते हुए कई अभिनव पहल शुरू की हैं।
Progress Lab
सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता विकसित करने के लिए प्रोग्रेस लैब बनाई गई हैं।
Code Churu
‘कोडयोगी’ संस्था के सहयोग से कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी स्कूल विद्यार्थियों को स्मार्टफोन के माध्यम से निःशुल्क Coding, Website Development और Software Development का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
Innovate Churu
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना तथा युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
Digital Sakhi Program
ग्रामीण महिलाओं को AI, Cyber Security, Digital Payments और ऑनलाइन सेवाओं का प्रशिक्षण देकर डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
कलेक्टर सुराणा ने कहा कि यदि बच्चों में विद्यालय स्तर से ही Critical Thinking विकसित की जाए तो वे अपने गांव और जिले की समस्याओं के समाधान स्वयं तैयार कर सकते हैं।
भरतपुर मॉडल: AI बदलेगा रोजगार और प्रशासन
भरतपुर जिला कलेक्टर कमर उल ज़मान चौधरी ने कहा कि Artificial Intelligence रोजगार की प्रकृति बदल रही है।
उन्होंने बताया कि AI का उपयोग इन क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है—
- Urban Planning
- Solid Waste Management
- Agriculture Research
- Soil Data Analytics
- Financial Planning
- Budget Management
- Tourism Promotion
- Export Promotion
उन्होंने कहा कि AI के माध्यम से प्रशासन अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और डेटा आधारित निर्णय ले सकेगा।
युवाओं को मिला नवाचार का राष्ट्रीय मंच
सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक चारु मल्होत्रा ने किया। कार्यक्रम में देशभर के तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, इनोवेटर्स और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए।
विशेषज्ञों का मानना रहा कि आने वाले समय में AI, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह बदल देंगे।
India Prime Analysis
जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का यह सत्र केवल तकनीक की चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजस्थान के जिलों में IAS अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों का राष्ट्रीय प्रदर्शन भी बन गया। चूरू का Code Churu और Digital Sakhi मॉडल, भरतपुर का AI आधारित प्रशासनिक विजन तथा आईटी विभाग की AI और स्टार्टअप नीति यह संकेत देती है कि राजस्थान अब केवल डिजिटल सेवाएं देने वाला राज्य नहीं, बल्कि AI आधारित सुशासन और जिला स्तर के नवाचारों की राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
