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Board Results 2025: यह न किया तो 10वीं, 12वीं मार्कशीट के लिए होगी परेशानी!

इंडिया प्राइम | जयपुर  | देवेन्द्र सिंह | 6 May 2025 | Board Results 2025| देशभर के छात्र और उनके परिजन कक्षा 10 और 12वीं की हुई बोर्ड परिक्षाओं के रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। मान ले रिजल्ट की घोषणा हो चुकी है और आप मार्कशीट और सब्जेक्ट्स के नम्बर देखने को बेताब है। आपको रिजल्ट जानने के लिए इंतजार करना पड सकता है अगर आप मार्क देखने के लिए केवल बोर्ड की वेबसाइट पर निर्भर है। इंतजार निर्भर करता है तो बोर्ड या अन्य वेबसाइट पर एक समय में कितनी संख्या में रोलनम्बर और अन्य जानकारी दर्ज कर रिजल्ट देखने के प्रयास में है। चाहे CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) हो या फिर उत्तर प्रदेश बोर्ड (UPMSP), महाराष्ट्र बोर्ड (MSBSHSE) , राजस्थान बोर्ड (RBSE) , मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE),मेघालय बोर्ड (MBOSE),NIOS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग), CISCE (ICSE और ISC बोर्ड), केरल बोर्ड (DHSE), पंजाब बोर्ड (PSEB), बिहार बोर्ड (BSEB) और गोवा बोर्ड (GBSHSE) ज्यादातर स्टेट बोर्ड DigiLock पर 10वीं और 12वीं दोनों की मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराता है।  

Board Results 2025 ,पहले DigiLocker अकाउंट खोलें, वरना डिजिटल मार्कशीट नहीं मिलेगी

  1. वेबसाइट पर निर्भरता: हर बार रोल नंबर और कैप्चा डालकर रिजल्ट चेक करना पड़ेगा, जो समय लेने वाला है।

  2. सर्वर डाउन का खतरा: परिणाम घोषणा के दिन वेबसाइट क्रैश होने की संभावना, जिससे तनाव बढ़ता है।

  3. फ़िजिकल कॉपी की मुश्किल: मार्कशीट प्राप्त करने के लिए स्कूल या बोर्ड ऑफिस जाना पड़ सकता है, जिसमें समय और पैसा खर्च होता है।

  4. दस्तावेज़ गुमने का जोखिम: फ़िजिकल मार्कशीट खोने या क्षतिग्रस्त होने पर दोबारा प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी।

  5. भविष्य में असुविधा: कॉलेज एडमिशन या नौकरी के लिए डिजिटल कॉपी न होने पर परेशानी।

  6. केंद्रीय भंडारण का अभाव: सभी दस्तावेज़ एक जगह उपलब्ध न होने से प्रबंधन मुश्किल।

DigiLocker से रिजल्ट देखना और ज्यादा आसान, सुरक्षित और स्थायी तरीका है । पहले यह जानते है DigiLocker और वेबसाइट से रिजल्ट देखने की तुलना मे कितना वक्त लगता है और रिजेल्ट्स के अलावा अन्य किन कार्यो के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। 

DigiLocker बनाम वेबसाइट से रिजल्ट देखने की तुलना

विशेषता रिजल्ट वेबसाइट DigiLocker
देखने का समय तेज़ (1-2 मिनट) थोड़ा लंबा (3-5 मिनट)
लॉगिन की आवश्यकता नहीं हाँ (पहली बार)
मार्कशीट डाउनलोड कई बार उपलब्ध नहीं ✅ हमेशा उपलब्ध
भविष्य में दस्तावेज़ एक्सेस ❌ नहीं ✅ कभी भी, कहीं से भी
आधिकारिक प्रमाणपत्र ❌ सिर्फ स्कोर ✅ मान्य डिजिटल सर्टिफिकेट

 

board-results-2025
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DigiLocker डिजी लॉकर की शुरुआत भारत सरकार ने जुलाई 2015 में डिजिटल इंडिया अभियान के तहत की थी। इसका उद्देश्य नागरिकों को उनके दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों की एक डिजिटल, सुरक्षित और स्थायी कॉपी प्रदान करना है ताकि वे बार-बार फिजिकल कॉपी न ले जाएं। DigiLocker एक क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है जहां उपयोगकर्ता अपने आधार नंबर से जुड़कर महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को स्टोर और एक्सेस कर सकते हैं। इसका उपयोग शैक्षणिक प्रमाणपत्र (जैसे मार्कशीट, डिग्री), वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, COVID-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, और यहां तक कि बीमा व पेंशन दस्तावेज़ को डिजिटल रूप में देखने और साझा करने के लिए किया जा सकता है। DigiLocker के दस्तावेज़ भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होते हैं, इसलिए इन्हें कॉलेज एडमिशन, नौकरी के लिए आवेदन, सरकारी सेवाओं में दस्तावेज़ सत्यापन और यात्रा के दौरान पहचान पत्र के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। यह न केवल कागज़ की बचत करता है, बल्कि दस्तावेज़ों की सुरक्षा और पहुंच को भी आसान बनाता है। 

DigiLocker में मार्कशीट साझा करने वाले बोर्ड (2025)

क्रम बोर्ड का नाम उपलब्ध दस्तावेज़ कक्षा
1 CBSE (Central Board of Secondary Education) मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट 10वीं, 12वीं
2 MSBSHSE (Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education) मार्कशीट 12वीं
3 RBSE (Rajasthan Board of Secondary Education) रिजल्ट व मार्कशीट 10वीं, 12वीं
4 UPMSP (Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad) रिजल्ट व डिजिटल मार्कशीट 10वीं
5 MPBSE (Madhya Pradesh Board of Secondary Education) मार्कशीट व प्रमाणपत्र 10वीं, 12वीं
6 MBOSE (Meghalaya Board of School Education) रिजल्ट व मार्कशीट 12वीं
7 NIOS (National Institute of Open Schooling) मार्कशीट व अन्य दस्तावेज़ 10वीं, 12वीं
8 CISCE (Council for the Indian School Certificate Examinations – ICSE/ISC) मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट 10वीं (ICSE), 12वीं (ISC)
9 Kerala Pareeksha Bhavan / DHSE रिजल्ट व मार्कशीट 10वीं, 12वीं
10 Punjab School Education Board (PSEB) मार्कशीट (आंशिक बोर्डों पर निर्भर) 10वीं, 12वीं
11 Bihar School Examination Board (BSEB) मार्कशीट (कुछ वर्षों के लिए उपलब्ध) 10वीं, 12वीं
12 Goa Board of Secondary and Higher Secondary Education (GBSHSE) रिजल्ट व मार्कशीट 10वीं, 12वीं

देशभर में 20–25 करोड़ छात्र डिजी लॉकर पर नहीअनुमान के आधार पर वर्तमान में , 80 लाख से 1 करोड़ छात्र डिजी लॉकर पर रजिस्टर्ड नहीं होने की आंशका है । भारत में प्रतिवर्ष कक्षा 10 और 12 के लगभग 2.5–3 करोड़ छात्र बोर्ड परीक्षाएँ देते हैं (CBSE, राज्य बोर्ड्स, ICSE आदि मिलाकर)।यदि डिजी लॉकर के 27 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में से 10–15% छात्र हैं, तो लगभग 2.7–4 करोड़ छात्र प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े होंगे।इस हिसाब से, लगभग 20–25 करोड़ छात्र (स्कूल और कॉलेज स्तर तक) अभी भी डिजी लॉकर का उपयोग नहीं कर रहे होंगे।

छात्रों की अनुमानित संख्या (2025):

  • UPMSP: ~54 लाख

  • MSBSHSE: ~15 लाख

  • RBSE: ~20 लाख

  • MPBSE: ~18 लाख

  • CBSE: ~35 लाख
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    देशभर में 20–25 करोड़ छात्र डिजी लॉकर पर नही

Board Results 2025  DigiLocker पर 10वीं और 12वीं माक्स कैसे देखें?

DigiLocker का उपयोग विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं में किया जा रहा है, जिसमें शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों का डिजिटल रूप से संग्रहण और साझा करना शामिल है। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से 2024-25 तक कुल 943.56 करोड़ (9.44 बिलियन) दस्तावेज़ जारी किए गए हैं। भारत सरकार ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए डिजी लॉकर के अलावा कई अन्य प्लेटफ़ॉर्म और योजनाएं शुरू की हैं, जो छात्रों, नागरिकों और संस्थानों के लिए उपयोगी हैं। DigiLocker “Paperless Governance” और “Faceless, Paperless, Cashless” सेवाओं के केंद्र में है।

DigiLocker से रिजल्ट और मार्कशीट कैसे पाएं? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: 

  1. results.digilocker.gov.in वेबसाइट या ऐप डाउनलोड करें।

  2. मोबाइल नंबर डालें → OTP से वेरिफिकेशन करें।

  3. आधार नंबर से लिंक करें।

  4. प्रोफाइल बनाएं और दस्तावेज़ एक्सेस करें।results.digilocker.gov.in पर जाएं या ऐप खोलें।

  5. अपने आधार-लिंक मोबाइल नंबर से लॉग इन करें।

  6. “Education” सेक्शन में जाएं और अपना बोर्ड चुनें।

  7. रोल नंबर और परीक्षा वर्ष दर्ज करें।

  8. आपकी मार्कशीट/सर्टिफिकेट दिख जाएगी—डाउनलोड करें।

NEP 2020 और DigiLocker का एकीकरण
 नई शिक्षा नीति में DigiLocker और राष्ट्रीय अकादमिक डिपॉजिटरी (NAD) की महत्वपुर्ण भूमिका है। यह शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के डिजिटल भंडारण के लिए है। विश्वविद्यालयों और बोर्डों को NAD के ज़रिए छात्रों के डॉक्यूमेंट अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित, जहाँ NCERT की किताबें, वीडियो लेक्चर और ऑनलाइन स्टडी मटीरियल मुफ्त में उपलब्ध है। लिंक: https://epathshala.nic.in

शैक्षणिक संसाधनों के लिए

  • National Testing Agency (NTA) Websites: JEE, NEET, CUET जैसी परीक्षाओं के रिजल्ट और एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए: https://nta.ac.in  UGC के पोर्टल:कॉलेज और यूनिवर्सिटी से जुड़ी जानकारी: https://ugc.gov.in विद्यालयी शिक्षा पोर्टल (एनसीईआरटी)स्कूली शिक्षा संसाधन: https://ncert.nic.in

  • छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और वित्तीय सहायता National Scholarship Portal (NSP):सभी सरकारी छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन: https://scholarships.gov.in,विद्यार्थी योजना पोर्टल (केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय) छात्रों के लिए योजनाएँ और गाइडेंस: https://www.education.gov.in
  • ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म SWAYAM (स्टडी वेब्स ऑफ़ एक्टिव लर्निंग): मुफ्त ऑनलाइन कोर्सेज (स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक): https://swayam.gov.in  DIKSHA (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग)टीचर्स और स्टूडेंट्स के लिए इंटरेक्टिव कंटेंट: https://diksha.gov.in NPTEL (नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग)इंजीनियरिंग और साइंस के कोर्सेज: https://nptel.ac.in

आधार ई-केवाईसी (Aadhaar e-KYC) और eSign सुविधा

DigiLocker में दस्तावेज़ एक्सेस करने और eSign करने के लिए आधार आधारित KYC ज़रूरी है। eSign का उपयोग डिजिटल हस्ताक्षर के रूप में किया जा सकता है, जो सरकारी और निजी प्रक्रियाओं में मान्य है। UMANG App, BHIM, और CSC जैसे एप्लिकेशन जो मिलकर डिजिटल इकोसिस्टम बनाते हैं। इसका उपयोग ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन RC, फाइन चेक करने और ऑनलाइन आवेदन के लिए किया जा सकता है। लिंक: https://parivahan.gov.in

डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक मान्यता

DigiLocker से प्राप्त दस्तावेज़ों को आईटी अधिनियम 2000 के तहत वैध और न्यायिक रूप से मान्यता प्राप्त माना जाता है।सरकारी नौकरियों, कॉलेजों, और अदालतों में इन्हें प्रस्तुत किया जा सकता है। कई राज्य सरकारों ने DigiLocker को अपने e-District पोर्टल से जोड़ा है, जिससे निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र जैसे सरकारी डॉक्यूमेंट भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

आप इस विषय पर अपने सुझाव, विचार हमे साझा कर सकते है। 

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IndiaPrime Hindi

Devender Singh is a senior journalist and media professional with over two decades of experience in television, digital, and Hindi-language journalism. He began his career with ETV Hindi in 2000 and has since served as Bureau Chief for several prominent news networks, including India News, Sahara Samay, and Bharat Express. Throughout his career, he has reported on several high-impact stories, including tribal starvation deaths, the Asaram case, the Jaipur serial bomb blasts, and numerous crime, political, and social issues that earned him recognition as a credible and influential journalist across India. Beyond television journalism, Devender Singh has contributed significantly to digital media transformation, Hindi journalism innovation, and AI-driven Hindi language initiatives. He has also served as a media and communication advisor to several prominent individuals, organizations, and institutions. Holding a postgraduate degree in Journalism along with a degree in Law, he continues to write and analyze issues related to governance, public policy, technology, politics, and social development, delivering insightful and fact-based content to readers.