Indian Army Leadership Changes 2026 लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन बने VCOAS, राजेश पुष्कर संभालेंगे दक्षिणी कमान, मोहित मल्होत्रा जयपुर की दक्षिण-पश्चिमी कमान के नए प्रमुख
India Prime Defence Desk | नई दिल्ली Indian Army Leadership Changes 2026 भारतीय सेना में 1 जुलाई 2026 से शीर्ष स्तर पर बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। सेना मुख्यालय ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन नियुक्तियों में Vice Chief of Army Staff (VCOAS) से लेकर देश की दो सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमानों और प्रतिष्ठित II Corps (खड़गा कोर) के नेतृत्व में बदलाव शामिल है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल नियमित पदस्थापन नहीं, बल्कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, भविष्य की युद्ध रणनीति, सीमा सुरक्षा और संयुक्त थिएटर कमांड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
01 जुलाई 2026 से भारतीय सेना की नई शीर्ष कमान
| पद | अधिकारी |
|---|---|
| Vice Chief of Army Staff (VCOAS) | लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन |
| GOC-in-C, Southern Command | लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर |
| GOC-in-C, South Western Command (जयपुर) | लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा |
| GOC, II Corps (खड़गा कोर, अंबाला) | लेफ्टिनेंट जनरल मनीष लूथरा |
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन बने Vice Chief of Army Staff
अब तक पुणे स्थित Southern Command का नेतृत्व कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को भारतीय सेना का Vice Chief of Army Staff (VCOAS) नियुक्त किया गया है।
VCOAS भारतीय सेना का दूसरा सबसे वरिष्ठ पद माना जाता है। इस पद पर अधिकारी सेना के आधुनिकीकरण, सैन्य खरीद, ऑपरेशनल प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और भविष्य की रणनीतिक तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर संभालेंगे दक्षिणी कमान
लगभग 35 वर्षों के सैन्य अनुभव वाले लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर भारतीय सेना की Southern Command के नए General Officer Commanding-in-Chief (GOC-in-C) होंगे।
वे इससे पहले अंबाला स्थित II Corps (खड़गा कोर) के कमांडर थे।
प्रमुख उपलब्धियां
- आर्मर्ड कोर के वरिष्ठ अधिकारी
- II Corps (खड़गा कोर) के कमांडर
- पश्चिमी सीमा पर इन्फैंट्री डिवीजन एवं स्वतंत्र आर्मर्ड ब्रिगेड का नेतृत्व
- भूटान में Indian Military Training Team (IMTRAT) में सेवाएं
- मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में Defence Attaché
- Director General Territorial Army के रूप में कार्य
- आधुनिक युद्ध रणनीति एवं ऑपरेशनल प्लानिंग में विशेषज्ञ
दक्षिणी कमान का रणनीतिक महत्व
पुणे स्थित Southern Command भारतीय सेना की सबसे बड़ी भौगोलिक कमानों में से एक है।
इसकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं—
- दक्षिणी एवं पश्चिमी क्षेत्रों की सुरक्षा
- समुद्री सुरक्षा से समन्वय
- सामरिक सैन्य अभ्यास
- आपदा राहत अभियान
- महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा संभालेंगे जयपुर की दक्षिण-पश्चिमी कमान
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा को भारतीय सेना की South Western Command (सप्त शक्ति कमान) का नया Army Commander नियुक्त किया गया है।
जयपुर स्थित यह कमान भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा के लिहाज से भारतीय सेना की सबसे सक्रिय ऑपरेशनल कमानों में गिनी जाती है।
वे वर्तमान कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजींदर सिंह का स्थान लेंगे।
उनका सैन्य अनुभव
- 1989 में 47वीं आर्मर्ड रेजिमेंट में कमीशन
- Eastern Command में Chief of Staff
- 12 Corps (जोधपुर) के कमांडर
- 1st Armoured Division के कमांडर
- Additional Director General (Strategic Communication)
- NDA के पूर्व कैडेट
- ब्रिटेन से Advanced Command & Staff Course
South Western Command क्यों है महत्वपूर्ण?
जयपुर स्थित यह कमान वर्ष 2005 में स्थापित की गई थी।
इसकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं—
- राजस्थान एवं गुजरात सेक्टर की सुरक्षा
- पश्चिमी रेगिस्तानी सीमा की रक्षा
- स्ट्राइक फॉर्मेशन की तैयारी
- तेज़ सैन्य प्रतिक्रिया (Rapid Mobilisation)
- पाकिस्तान सीमा पर ऑपरेशनल समन्वय
इसे भारतीय सेना की “सप्त शक्ति कमान” भी कहा जाता है।
खड़गा कोर (II Corps) की कमान संभालेंगे लेफ्टिनेंट जनरल मनीष लूथरा
दक्षिणी कमान में राजेश पुष्कर की नियुक्ति के बाद अब लेफ्टिनेंट जनरल मनीष लूथरा को अंबाला स्थित II Corps (खड़गा कोर) का नया General Officer Commanding (GOC) नियुक्त किया गया है।
II Corps भारतीय सेना की सबसे महत्वपूर्ण स्ट्राइक फॉर्मेशन में से एक मानी जाती है। पश्चिमी मोर्चे पर इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और युद्धकाल में यह सेना की आक्रामक रणनीति का प्रमुख हिस्सा होती है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल मनीष लूथरा का व्यापक ऑपरेशनल अनुभव इस जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
शशि थरूर ने जताया गर्व
कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर उनके बहनोई हैं।
उन्होंने उनके सैन्य नेतृत्व, राष्ट्र सेवा और उत्कृष्ट करियर की सराहना करते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया।
भारतीय सेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य केवल नियमित स्थानांतरण नहीं बल्कि भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
इन अधिकारियों के सामने प्रमुख चुनौतियां होंगी—
- पश्चिमी सीमा की सुरक्षा
- आधुनिक युद्ध प्रणाली
- ड्रोन एवं AI आधारित युद्ध
- थिएटर कमांड की तैयारी
- साइबर एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता
- संयुक्त सैन्य अभियान
निष्कर्ष
1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इन नेतृत्व परिवर्तनों के साथ भारतीय सेना का शीर्ष कमांड ढांचा और अधिक मजबूत होगा।
- लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन सेना मुख्यालय में Vice Chief of Army Staff के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर दक्षिणी कमान का नेतृत्व संभालेंगे।
- लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा जयपुर स्थित दक्षिण-पश्चिमी कमान की कमान संभालेंगे।
- लेफ्टिनेंट जनरल मनीष लूथरा प्रतिष्ठित खड़गा कोर (II Corps) का नेतृत्व करेंगे।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इन अनुभवी अधिकारियों के नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी ऑपरेशनल क्षमता, सामरिक तैयारी और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी।
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