लखनऊ में फर्जी जॉब कॉल सेंटर का भंडाफोड़,: 5 गिरफ्तार; अमेजन-इन्फोसिस समेत बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने क… – Dainik Bhaskar
लखनऊ में साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने विभूतिखंड स्थित जेएस टॉवर में संचालित कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोप
मौके से 13 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 102 अभ्यर्थियों का डाटा और 26 फर्जी जॉइनिंग व अप्रूवल लेटर बरामद किए गए हैं।
नामी कंपनियों के नौकरी लगवाने का झांसा देते थे
पुलिस के मुताबिक गिरोह अमूल, अमेजन, इन्फोसिस, फ्लिपकार्ट, मैनकाइंड, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी नामी कंपनियों में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का झांसा देता था। आरोपी नौकरी तलाश रहे युवाओं का डाटा खरीदकर उन्हें कॉल करते थे और फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजकर रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरव्यू चार्ज और गेट पास शुल्क के नाम पर रकम वसूलते थे।
जांच में सामने आया कि गिरोह नौकरी चाहने वालों का डाटा Fresherworld.com और Shine.com जैसे पोर्टलों से हासिल करता था। कॉल सेंटर में तैनात कॉलर अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे और इच्छुक उम्मीदवारों की कॉल गिरोह के संचालकों को ट्रांसफर कर दी जाती थी। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज भेजकर भरोसे में लिया जाता था और रकम फर्जी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी।
मैनेजर और टीम लीडर भी दबोचा गया
गिरफ्तार आरोपियों में हरदोई निवासी जीशान खान, सुल्तानपुर निवासी सतीश पाल, उन्नाव की सोनाली चौरसिया, शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जीशान कॉल सेंटर का मैनेजर था, जबकि सतीश टीम लीडर और बाकी आरोपी कॉलर के रूप में काम कर रहे थे।
बरामद मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की जांच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर की गई, जिसमें देशभर से 60 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें मिलीं। पुलिस का अनुमान है कि गिरोह ने लाखों रुपये की ठगी की है। पीड़ितों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में साइबर थाना लखनऊ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस की अपील
साइबर अपराधियों द्वारा नौकरी दिलाने, बैंक केवाईसी अपडेट कराने या निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और ओटीपी, सीवीवी, पिन या बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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