बिहार में सरकारी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका होगी डिजिटल, ई शिक्षा कोष पर 28 तक भरें डीसीएफ – Jagran
Bihar Teacher Service Book Digital: बिहार के सरकारी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका अब डिजिटल होगी, जिसके लिए उन्हें 28 जून तक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डीसीएफ …और पढ़ें
शिक्षकों की सेवा पुस्तिका अब पूरी तरह डिजिटल होगी।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 28 जून तक डीसीएफ भरें।
प्रमोशन, ट्रांसफर, रिटायरमेंट प्रक्रियाएं होंगी आसान।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । E Shikshakosh Data Update: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा विभाग अब सभी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) को पूरी तरह डिजिटल करने जा रहा है।
इसके लिए विभाग एक व्यापक डिजिटल डाटाबेस तैयार कर रहा है, जिसके तहत शिक्षकों को ‘डाटा कैप्चर फार्मेट’ (डीसीएफ) भरना अनिवार्य कर दिया गया है।इस निर्धारित प्रारूप में अपनी पूरी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करने के लिए शिक्षकों को 28 जून तक का समय दिया गया है।
यह नियम किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि राज्य के नियोजित, नियमित, बीपीएससी से नियुक्त नए शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और अन्य सभी श्रेणियों के शिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा।
इसमें नियुक्ति से लेकर वर्तमान पदस्थापन तक की हर छोटी-बड़ी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा।
डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के लिए विभाग ने शिक्षकों से कुल 59 प्रकार की सूचनाएं मांगी हैं। डीसीएफ फॉर्म में शिक्षकों को अपने स्थायी और वर्तमान पते की सटीक जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही दोनों स्थानों के आवासीय प्रमाणपत्र की प्रति भी अटैच करनी होगी।
विभाग ने यह भी साफ किया है कि शिक्षकों को अपनी पहली नियुक्ति के समय जारी किया गया आवासीय प्रमाणपत्र का विवरण देना भी अनिवार्य होगा। इसके अलावा सेवाकाल के दौरान अब तक हुए सभी ट्रांसफर, पोस्टिंग, स्कूलों में योगदान की तारीख और नियुक्ति प्राधिकारी का पूरा ब्योरा देना होगा।
चूंकि हाल ही में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां थीं, इसलिए कई शिक्षकों को जरूरी कागजात और सर्टिफिकेट जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिक्षकों की इस व्यावहारिक दिक्कत को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल खुलने के बाद ऑनलाइन डाटा अपडेट करने और डीसीएफ फॉर्म जमा करने की बड़ी राहत दी है।
डीपीओ स्थापना कुमार सत्यम के अनुसार ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर सभी शिक्षकों को अपना डाटा अपडेट करना बेहद जरूरी है। शिक्षक विशेष रूप से अपना मोबाइल नंबर, स्थायी पता और वर्तमान पते की जानकारी बिल्कुल सही और अद्यतन (अपडेटेड) रूप में दर्ज करें ताकि आगे चलकर कोई तकनीकी समस्या न आए।
इस डिजिटल सेवा पुस्तिका में शिक्षकों को अपनी नियुक्ति पत्र संख्या, जॉइनिंग डेट, शुरुआती सैलरी, वर्तमान मूल वेतन (बेसिक पे), मौजूदा पोस्टिंग, यूएएन (UAN) नंबर और सैलरी पेमेंट से जुड़े सभी रिकॉर्ड दर्ज करने होंगे।
नियोजित शिक्षकों के लिए विभाग ने अलग से गाइडलाइन जारी की है। पंचायती राज और नगर प्रारंभिक शिक्षक नियोजन नियमावली के तहत बहाल हुए शिक्षकों को विभागीय आदेश के मुताबिक अपनी नियुक्ति तिथि 1 जुलाई 2006 दर्ज करनी होगी।
वहीं, नियमित और बीपीएससी से आए शिक्षकों को अपना पे मैट्रिक्स लेवल, वर्तमान वेतनमान और होम रेंट अलाउंस (HRA) समेत दूसरी तमाम जानकारियां देनी होंगी। विभाग का मकसद साफ है कि पूरे सेवाकाल का रिकॉर्ड एक जगह डिजिटल हो जाने से आने वाले समय में प्रमोशन, ट्रांसफर और रिटायरमेंट जैसे कामों के लिए शिक्षकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
