गन्ना समितियों के कॉलेजों में अब कॉरपोरेट जैसी ट्रेनिंग, युवाओं को जॉब-रेडी बनाने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम – up sugarcane colleges yogi govts skill training for jobready youth – Jagran
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में गन्ना समितियों के कॉलेजों के छात्रों को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। …और पढ़ें
गन्ना समितियों के कॉलेजों में छात्रों को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
गन्ना समितियों के कॉलेजों में छात्रों को कौशल प्रशिक्षण।
वाधवानी फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘इंडस्ट्री-रेडी’ युवा।
एआई-आधारित लर्निंग सिस्टम से मिलेगी मुफ्त सामग्री।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे सीधे रोजगार से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक बड़ी पहल की गई है। प्रथम चरण में सहकारी गन्ना समितियों द्वारा संचालित इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों के जर्जर भवनों का कायाकल्प करने के बाद, अब वहां के छात्रों को ‘इंडस्ट्री-रेडी’ (उद्योग जगत के लिए तैयार) बनाया जाएगा। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने युवाओं को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए वाधवानी फाउंडेशन के “स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (SDN)” के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक कॉर्पोरेट स्किल्स देना है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा सकें।
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 09 इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों में लगभग 15,440 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। आज के समय में उद्योगों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ संचार कौशल, तकनीकी दक्षता, टीम वर्क और प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी वाले युवाओं की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए, पहले चरण में लगभग 3,500 विद्यार्थियों को 75 से 90 घंटे का विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत छात्राओं के ओवरऑल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस रहेगा।
इस कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। वाधवानी फाउंडेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुनील दहिया के अनुसार, शिक्षकों और विद्यार्थियों को एआई (Artificial Intelligence) पर आधारित अत्याधुनिक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर डिजिटल कंटेंट, वीडियो लेक्चर और प्रैक्टिस मॉड्यूल मौजूद रहेंगे। ट्रेनिंग में विद्यार्थियों को प्रभावी संचार, इंटरव्यू की तैयारी, डिजिटल साक्षरता और लीडरशिप सिखाई जाएगी। साथ ही, “एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट प्रोग्राम” के जरिए युवाओं को स्टार्टअप, बिजनेस और रिस्क मैनेजमेंट के गुर भी सिखाए जाएंगे।
छात्रों को ग्लोबल मार्केट के ट्रेंड्स से रूबरू कराने के लिए समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। मास्टरक्लास और करियर काउंसलिंग सत्रों के जरिए छात्रों को नए अवसरों और भविष्य की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इस पूरी कवायद का अंतिम लक्ष्य इन विद्यार्थियों को बेहतरीन इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से सीधे तौर पर जोड़ना है।
ट्रेनिंग के साथ-साथ छात्रों का उत्साह बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन योजना भी तैयार की है। गन्ना आयुक्त ने बताया कि चीनी मिलों और गन्ना समितियों के सहयोग से प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री और मोबाइल उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, ट्रेनिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले टॉप-20 विद्यार्थियों को चीनी मिलों की ओर से विशेष पारितोषिक (इनाम) देकर सम्मानित किया जाएगा।
