तमिलनाडु वेल्लोर हादसा: छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत, 11 घायल
इंडिया प्राइम टीवी ब्रेकिंग डेस्क तमिलनाडु के वेल्लोर (Vellore) जिले में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां काटपाडी के पास मंडी कृष्णापुरम में निर्माणाधीन ‘चर्च ऑफ साउथ इंडिया’ (CSI) की छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत हो गई और 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर करीब 20 फुट ऊंचे स्टील के मचान (scaffolding) पर खड़े होकर छत की ढलाई के लिए कंक्रीट डाल रहे थे।
कैसे हुआ तमिलनाडु वेल्लोर हादसा
अचानक भारी कंक्रीट और सपोर्टिंग फ्रेमवर्क का पूरा ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे और गीले सीमेंट के नीचे बुरी तरह दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की पुलिस भी मदद के लिए तुरंत मौके पर पहुंच गई, क्योंकि यह इलाका राज्य की सीमा के बेहद करीब है। मलबे की भयावहता को देखते हुए अरक्कोनम से नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 38 सदस्यीय टीम को स्निफर डॉग्स (खोजती कुत्तों) के साथ बुलाया गया।
एनडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने मिलकर घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला। इस घटना में तीन मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि मलबे से सुरक्षित निकाले गए 11 घायलों को इलाज के लिए वेल्लोर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) और आंध्र प्रदेश के चित्तूर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
इस भीषण त्रासदी के बीच एक ऐसी घटना भी सामने आई जिसने कई जिंदगियां बचा लीं। बताया जा रहा है कि हादसे से ठीक कुछ मिनट पहले, निर्माण स्थल के पास ही मजदूरों के लिए बिरयानी परोसी जा रही थी। बिरयानी खाने के लिए बड़ी संख्या में मजदूर उस निर्माणाधीन छत के नीचे से हटकर थोड़ी दूरी पर चले गए थे। अगर वे मजदूर भी उस समय काम कर रहे होते या छत के नीचे मौजूद होते, तो हताहतों की संख्या कहीं ज्यादा बड़ी हो सकती थी। बिरयानी खाने के इस छोटे से अंतराल ने दर्जनों मजदूरों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।
प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और वेल्लोर की जिला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स ने खुद घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने घोषणा की है कि हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेषज्ञ तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा, जो निर्माण की गुणवत्ता की जांच करेगी। इसके साथ ही प्रशासन इस बात की भी गहन जांच कर रहा है कि क्या इस चर्च के निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन से सभी आवश्यक कानूनी मंजूरियां और बिल्डिंग परमिट लिए गए थे या नहीं। फिलहाल थिरुवलम पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






