मुंबई रफ्तार का कहर : कार ने 16 लोगों को मारी टक्कर
इंडिया प्राइम टीवी नेशनल डेस्क . मुंबई के मलाड वेस्ट में हुए खौफनाक सड़क हादसे का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आ चुका है, जिसमें एक तेज रफ्तार कार ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े वाहनों को बेरहमी से रौंदती नजर आ रही है। यह दर्दनाक घटना 30 अगस्त 2026, रविवार रात करीब 8 बजे एस.वी. रोड (S.V. Road) पर मामलतदारवाड़ी जंक्शन के पास हुई। इस हादसे में 34 वर्षीय महिला प्रियंका सात्रा की मौत हो गई और उनके पति समेत 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मुंबई रफ्तार का कहर कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
- सिग्नल पर रुकी थी बाइक: मृतका प्रियंका सात्रा (एक लॉ ग्रेजुएट और दो बच्चों की मां) अपने पति मयंक सात्रा के साथ मोटरसाइकिल पर सब्जी खरीदकर लौट रही थीं। वे सिग्नल पर रुके हुए थे, तभी पीछे से आई बेकाबू कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
- कई वाहन चपेट में आए: टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी बाइक से दूर जा गिरे। कार ने बाइक को रौंदने के बाद आगे खड़े तीन ऑटो-रिक्शा को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान सड़क पर मौजूद करीब 15 से 16 लोग इसकी जद में आने से बाल-बाल बचे।
- ब्रेक की जगह दबाया एक्सीलेटर: कार चला रहे 70 वर्षीय रियल एस्टेट डेवलपर कृष्ण चामणकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि सबवे से एस.वी. रोड की तरफ आते समय उससे गलती से ब्रेक की जगह एक्सीलेटर (गति बढ़ाने वाला पैडल) दब गया था, जिससे कार बेकाबू हो गई।
हताहतों की स्थिति
- प्रियंका सात्रा (उम्र 34 वर्ष): हादसे के तुरंत बाद उन्हें नजदीक के सुचक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- मयंक सात्रा (पति): उनकी रीढ़ की हड्डी और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर फ्रैक्चर आया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- अन्य घायल: हादसे में तीन ऑटो-रिक्शा चालक (सूबेदार चंद्र गौतम, रामकेश राजभर, अब्दुल रहमान शेख) और ऑटो में बैठी एक 48 वर्षीय महिला यात्री ज़ैतून बी इमाम के सिर में गंभीर चोटें आईं।
पुलिस कार्रवाई और बढ़ता आक्रोश
- आरोपी को मिली जमानत: पुलिस की मेडिकल जांच में आरोपी के खून में अल्कोहल (शराब) नहीं पाई गई। उसे लापरवाही से गाड़ी चलाने की धाराओं के तहत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 15,000 रुपये के कैश बॉन्ड पर जमानत मिल गई है।
- VIP ट्रीटमेंट के आरोप: पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने मलाड पुलिस स्टेशन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी को लॉकअप में रखने के बजाय एसी (AC) रूम, आरामदायक कुर्सी और स्मार्टफोन जैसी वीआईपी सुविधाएं दी गईं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस शिकायत की जांच के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।
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