इंटरनेश्ननल अपडेट दिनभर 19 जुलाई 2026

ताजा हमला: अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा हाल ही में तब बढ़ा जब 17-18 जुलाई 2026 की रात को ईरान ने जॉर्डन (Jordan) में स्थित ‘मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस’ (Muwaffaq Salti Airbase) पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमला किया। इस हमले में 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 16 तक पहुंच गई।
पिछली मौतें: इससे पहले 1 मार्च 2026 को कुवैत के शुएबा बंदरगाह (Shuaiba Port) पर ईरानी हमले में 6 अमेरिकी रिजर्व सैनिक मारे गए थे। इसके अलावा सऊदी अरब, इराक में विमान क्रैश और अरब सागर में हेलीकॉप्टर क्रैश के दौरान अन्य अमेरिकी सैनिकों की मौतें दर्ज की गई थीं।
2. आधिकारिक आंकड़ा (Official Death Toll)
यूएस सेंटकॉम (US CENTCOM) के अनुसार: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) और व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 430 से अधिक के घायल होने की पुष्टि की है।घायलों में एक बड़ी संख्या उन सैनिकों की है जो ईरानी मिसाइल धमाकों की वजह से ‘ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी’ (TBI) का शिकार हुए हैं।
3. अनौपचारिक आंकड़ा (Unofficial Claims)
स्वतंत्र मीडिया और रिपोर्ट्स के दावे: अमेरिकी सरकार और व्हाइट हाउस पर युद्ध में हुए वास्तविक नुकसान को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। खोजी समाचार पोर्टल ‘The Intercept’ और अन्य स्वतंत्र सैन्य विश्लेषकों की रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक मारे गए और घायल हुए अमेरिकी सैनिकों की वास्तविक संयुक्त संख्या 750 के पार हो चुकी है।
4. ईरान ने सबसे पहले क्या दावा किया? (How Iran Claimed First)
पूर्ण पैमाने पर हमले की चेतावनी: जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और सरकारी मीडिया ने सबसे पहले यह दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में उनके ऊर्जा गलियारों और सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है।
दावे का तरीका: ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उसने कुवैत के कैंप अली अल-सलेम और जॉर्डन के एयरबेस पर अमेरिकी हितों को सीधे चोट पहुंचाई है। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत हमले नहीं रुके, तो वह केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर विनाशकारी और ‘पूर्ण पैमाने का सैन्य अभियान’ (Full-scale offensive) शुरू कर देगा।
पेरू के एंडीज क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप पांच लोगों की मौत
स्थान और उपकेंद्र (Epicenter): भूकंप के झटके मध्य एंडीज के जुनिन (Junín) क्षेत्र में महसूस किए गए। ‘जियोफिज़िक्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ पेरू’ के अनुसार, भूकंप का केंद्र चुपाका (Chupaca) शहर के पास था। सबसे ज्यादा तबाही चोंगस बाजो (Chongos Bajo) शहर में हुई, जो लीमा से लगभग 300 किलोमीटर (180 मील) पूर्व में स्थित है।
हताहतों की संख्या: नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) अधिकारियों ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है और बताया है कि कम से कम 21 अन्य लोग घायल हुए हैं।
भूकंपीय डेटा: मुख्य भूकंप जमीन से 24 किलोमीटर (15 मील) की गहराई पर आया था। इसके ठीक 17 मिनट बाद 3.7 तीव्रता का एक हल्का आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद का झटका) भी दर्ज किया गया।
नुकसान: इस मानवीय क्षति के अलावा, भूकंप के कारण पहाड़ी इलाकों में बिजली गुल हो गई। साथ ही घरों, अस्पतालों और स्थानीय धार्मिक स्मारकों को भी भारी संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है। ‘नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस कमेटी’ (COEN) सहित अन्य आपातकालीन राहत एजेंसियां लगातार इस क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचा रही हैं।
अमेरिका और ईरान वार अपडेट्स
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान द्वारा की जा रही सैन्य कार्यवाहियों का समय (Time) मुख्य रूप से देर शाम और रात के समय तय किया गया है:
- ताजा हवाई हमले: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीधे निर्देश के बाद, अमेरिकी सेना द्वारा नए एयरस्ट्राइक शाम 6:00 बजे (Eastern Time / ET) शुरू किए गए.
- पिछली रात के हमले: इससे ठीक पहले के चरण में अमेरिका द्वारा की जा रही लगातार रात की बमबारी रात 9:30 बजे से 9:40 बजे (ET) के बीच पूरी की गई थी, जो ईरानी समय के अनुसार देर रात और तड़के सुबह का वक्त था। ईरान के स्थानीय समय के अनुसार यह हमले अक्सर रात 10:00 बजे के आसपास किए जा रहे हैं। [1, 3, 4]
- तड़के सुबह और रात का समय: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उसके सहयोगियों ने अमेरिकी ठिकानों तथा पड़ोसी खाड़ी देशों (जैसे जॉर्डन, कुवैत और बहरीन) पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले मुख्य रूप से रात के अंधेरे में या तड़के सुबह (Early Morning) अंजाम दिए हैं। [1, 5]
- उदाहरण के लिए, ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को जॉर्डन और कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने तड़के सुबह (Early Saturday) इंटरसेप्ट किया था।






