आसमान में पायलटों की जंग! विमान को गिराने की कोशिश का शक, 7500 कोड से मचा हड़कंप
इंडिया प्राइम टीवी इंटरनेशनल डेस्क दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में बुधवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने कुछ ही मिनटों में विमान को संभावित हाइजैक और बड़े हादसे के खतरे में डाल दिया। विमान में 174 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। फ्लाइट को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
— surya pratap (@4suryapratap) September 30, 2026
पहले सब सामान्य था… फिर अचानक बदला सबकुछ
फ्लाइट तेल अवीव की ओर जा रही थी, लेकिन उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प शुरू हो गई। इसी दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक तेज गिरावट दर्ज हुई।
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान में असामान्य ऊंचाई परिवर्तन दर्ज हुए। रिपोर्टों में कुछ ही समय में हजारों फीट की तेज गिरावट का उल्लेख है।
7700 के बाद आया 7500 कोड
इसके बाद विमान ने पहले 7700 इमरजेंसी कोड प्रसारित किया। कुछ देर बाद 7500, यानी संभावित unlawful interference/हाइजैक का संकेत देने वाला कोड, प्रसारित हुआ।
यहीं से इजराइल में खतरे की घंटी बज गई। सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं और रिपोर्टों के मुताबिक लड़ाकू विमानों को भी अलर्ट किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी स्थिति पर तत्काल सुरक्षा बैठक की।
कॉकपिट में आखिर हुआ क्या था?
यात्रियों के हवाले से आई रिपोर्टों में कॉकपिट से चीखने की आवाजें आने और एक पायलट के घायल होने की बात कही गई है। कुछ रिपोर्टों में पायलटों के बीच चाकू से हमले का दावा भी किया गया है।
इजराइली अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। हालांकि घटना का पूरा क्रम अभी जांच के दायरे में है।
क्या एक पायलट विमान को गिराना चाहता था?
यही इस पूरी घटना का सबसे बड़ा सवाल है।
इजराइली अधिकारियों और मीडिया की बाद की रिपोर्टों में यह आशंका सामने आई कि एक पायलट ने विमान पर नियंत्रण हासिल करने और उसे नीचे ले जाने की कोशिश की हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में इसे विमान को जानबूझकर क्रैश करने की संभावित कोशिश से जोड़ा गया है।
लेकिन इस समय इसे अंतिम तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी। शुरुआती दौर में इजराइली अधिकारी इसे पायलटों के बीच हिंसक झड़प से पैदा हुई आपात स्थिति बता रहे थे और बाद में जांच में जानबूझकर विमान को नुकसान पहुंचाने की आशंका पर भी विचार किया गया।

तेल अवीव नहीं, तबुक में हुई लैंडिंग
स्थिति को देखते हुए फ्लाइट को डायवर्ट कर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट ले जाया गया। विमान सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री व क्रू सुरक्षित बताए गए। फ्लाईदुबई ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विमान सुरक्षा कारणों से तबुक में उतरा।
ऐसी घटना पहली बार नहीं
कॉकपिट में पायलटों के बीच हिंसक विवाद का इतिहास भी सामने आता रहा है।
2022 में Air France की जिनेवा-पेरिस उड़ान में कैप्टन और को-पायलट के बीच कॉकपिट में हाथापाई हुई थी। केबिन क्रू ने बीच-बचाव किया और विमान सुरक्षित पेरिस पहुंचा। बाद में दोनों पायलटों को निलंबित किया गया।
2015 में Air India की जयपुर-दिल्ली उड़ान के पायलटों के बीच विवाद की घटना भी सामने आई थी। एयर इंडिया ने दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया था और जांच के आदेश दिए थे। हालांकि उस मामले में एयरलाइन के प्रवक्ता ने कॉकपिट में हिंसा होने से इनकार किया था।
लेकिन FZ1073 की घटना का पैमाना अलग है, क्योंकि इसमें पायलटों के विवाद के साथ विमान की ऊंचाई में तेज बदलाव, 7700 और 7500 कोड तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अब जांच के सामने सबसे बड़े सवाल
पायलटों के बीच विवाद क्यों हुआ?
विमान इतनी तेजी से नीचे क्यों आया?
7500 कोड किसने प्रसारित किया?
क्या विमान को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई?
और कॉकपिट में सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई या नहीं?







