Ebola Virus Update कांगो में 2011 मौतें, पड़ोसी देशों में ‘हाई अलर्ट’ जारी
इंडिया प्राइम इंटरनेशनल डेस्क ,Ebola Virus Update डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस से मरने वालों की संख्या आधिकारिक तौर पर 2,000 को पार करते हुए 2,011 तक पहुंच गई है, जिससे यह इतिहास का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप बन गया है।
कांगो के पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 4,381 हो गई है, जो देश के पांच प्रांतों (इटुरी, नॉर्थ कीवू, साउथ कीवू, हौत-उएले और शोपो) में फैले हुए हैं। पिछले प्रकोपों के विपरीत, जो व्यापक रूप से ज्ञात जायरे (Zaire) स्ट्रेन के कारण थे, इबोला का यह 17वां प्रकोप दुर्लभ बुंडिबुग्यो (Bundibugyo) स्ट्रेन के कारण हुआ है।
इस विशिष्ट स्ट्रेन के लिए वर्तमान में कोई भी स्वीकृत टीका या लक्षित चिकित्सा उपचार उपलब्ध नहीं है, जिसने मानक आपातकालीन वैक्सीन स्टॉक को पूरी तरह से अप्रभावी बना दिया है। यही कारण है कि देश में मृत्यु दर बेहद घातक रूप से बढ़ी है और मरने वालों का आंकड़ा महज एक महीने से भी कम समय में 1,000 से बढ़कर 2,000 के पार चला गया है। [1, 2, 3
मैदानी स्तर पर चल रही चुनौतियां इस स्वास्थ्य संकट को और अधिक गंभीर बना रही हैं, क्योंकि 60% से 70% मौतें सीधे स्थानीय समुदायों और घरों में हो रही हैं, इससे पहले कि मरीज किसी अलगाव (आइसोलेशन) या उपचार केंद्र तक पहुंच सकें। पूर्वी कांगो में सक्रिय सैन्य संघर्ष, जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल और स्थानीय लोगों में अविश्वास के कारण संपर्क ट्रेसिंग (contact tracing) पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आपातकालीन टीमें केवल 30% सक्रिय मामलों को ही ट्रैक करने में सफल हो पा रही हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस महामारी को आधिकारिक तौर पर ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (PHEIC) घोषित कर दिया है। वायरस को घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए, प्रशासन ने राजधानी किंशासा की ओर जाने वाले नदी बंदरगाहों और अन्य प्रमुख पारगमन चौकियों पर जांच और स्क्रीनिंग को बेहद कड़ा कर दिया है।
पड़ोसी देशों से इबोला की रिपोर्ट Ebola Virus Update Current Status
- युगांडा (Uganda): DRC से लगी सीमा के कारण शुरुआत में युगांडा की राजधानी कंपाला और अन्य हिस्सों में 20 पुष्ट मामले और 2 मौतें दर्ज की गई थीं। हालांकि, युगांडा ने बेहतरीन स्वास्थ्य प्रबंधन से इस पर काबू पा लिया है और 28 जुलाई 2026 को खुद को स्थानीय स्तर पर इबोला-मुक्त (Ebola-free) घोषित कर दिया था। इसके बावजूद, DRC में जारी संक्रमण के चलते युगांडा पर अभी भी दोबारा मामले आने का खतरा बना हुआ है। [1, 2, 3, 4, 5]
- दक्षिण सूडान (South Sudan): अभी तक दक्षिण सूडान में इबोला का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच खुली सीमाओं (Porous Borders) और लोगों की आवाजाही के कारण यहां संक्रमण फैलने का जोखिम बेहद उच्च (High Risk) माना गया है। [1]
- मध्य अफ़्रीकी गणराज्य (CAR) और अन्य पड़ोसी: कांगो के शोपो और हौत-उएले प्रांतों तक वायरस फैलने के कारण यह महामारी मध्य अफ़्रीकी गणराज्य की सीमाओं के बेहद करीब पहुंच चुकी है, जिसके चलते वहां भी अलर्ट जारी है। [1]
पड़ोसी देशों द्वारा बरते जा रहे एहतियात (Precautions & Containment Measures)
- सीमाओं पर थर्मल स्क्रीनिंग (Border Screening): कांगो से लगती सभी आधिकारिक सीमाओं, चेक-पोस्ट और नदी बंदरगाहों पर हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग और बुखार की जांच की जा रही है। [1]
- क्रॉस-बॉर्डर सर्विलांस (Cross-Border Surveillance): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से पड़ोसी देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया है ताकि संदिग्ध मरीजों को तुरंत अलग (Isolate) किया जा सके। [1, 2]
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध (International Travel Rules): अमेरिका सहित कई देशों ने इस खतरे को देखते हुए युगांडा, दक्षिण सूडान और DRC से आने वाले यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग कड़ी कर दी है। कांगो (DRC) से आने वाले यात्रियों के लिए कई जगहों पर 21 दिनों का अनिवार्य क्वारंटाइन या अन्य प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। [1]
- समुदाय स्तर पर जागरूकता: सीमा पर बसे गांवों और व्यापारिक केंद्रों में स्थानीय भाषा में लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे बिना सुरक्षा जांच के सीमा पार न करें और बुखार, थकान या शरीर से खून बहने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करें।







