पीएम मोदी की सौगात: पश्चिमी राजस्थान बनने जा रहा है देश का अगला एविएशन और इंडस्ट्रियल हब?
इंडिया प्राइम रिसर्च डेस्क जोधपुर। पीएम मोदी की सौगात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर और बाडमेंर में रहे । जोधपुर में उन्होने एयरपोर्ट के अत्याधुनिक नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करते हुए केवल एक नई इमारत राष्ट्र को समर्पित नहीं की, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, रक्षा लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई दिशा देने वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विजन का संकेत भी दिया। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने संशोधित उड़ान (UDAN) योजना का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य अगले दस वर्षों में भारत के क्षेत्रीय विमानन नेटवर्क का व्यापक विस्तार करना है।
करीब ₹480 करोड़ की लागत से निर्मित नया टर्मिनल 23,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है तथा प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। इसकी वास्तुकला राजस्थान की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है, जबकि भवन को ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।
केवल एयरपोर्ट नहीं, पश्चिमी राजस्थान की विकास रणनीति
यह परियोजना ऐसे समय में शुरू हुई है जब पश्चिमी राजस्थान में कई बड़े निवेश एक साथ आकार ले रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं—
- पचपदरा में विकसित हो रही HRRL रिफाइनरी
- जैसलमेर और थार क्षेत्र का तेजी से बढ़ता पर्यटन
- रक्षा प्रतिष्ठानों की रणनीतिक मौजूदगी
- भारतमाला और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं
- बढ़ती औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक गतिविधियां
बेहतर एयर कनेक्टिविटी इन सभी क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा सकती है।
पर्यटन उद्योग को मिलेगा सीधा लाभ
जोधपुर, जैसलमेर, ओसियां, बाड़मेर और थार मरुस्थल पहले से ही देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी क्षमता वाला आधुनिक एयरपोर्ट इन क्षेत्रों तक पर्यटकों की पहुंच आसान करेगा, जिससे होटल उद्योग, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्यटन सेवाओं और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
HRRL रिफाइनरी और उद्योगों को भी फायदा
पचपदरा स्थित HPCL Rajasthan Refinery Limited (HRRL) परियोजना के संचालन के साथ देश-विदेश से तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों का आवागमन बढ़ने की संभावना है।ऐसे में आधुनिक एयरपोर्ट क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई गति दे सकता है।
रक्षा दृष्टि से भी महत्वपूर्ण
जोधपुर भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण ठिकानों में शामिल है। पश्चिमी सीमा के निकट स्थित यह क्षेत्र लंबे समय से रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।हालांकि नागरिक और सैन्य परिचालन अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत संचालित होते हैं, फिर भी बेहतर नागरिक विमानन अवसंरचना क्षेत्र की समग्र लॉजिस्टिक क्षमता को मजबूत करती है।
संशोधित उड़ान योजना में क्या बदला?
प्रधानमंत्री ने संशोधित उड़ान योजना की शुरुआत करते हुए क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को और विस्तार देने का लक्ष्य रखा है।
मुख्य बिंदु—
- अगले 10 वर्षों के लिए लगभग ₹28,840 करोड़ का प्रावधान
- 100 नए या निष्क्रिय हवाई अड्डों के विकास पर जोर
- 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने की योजना
- एयरलाइनों को ₹10,000 करोड़ से अधिक की Viability Gap Funding जारी रखने का प्रस्ताव
- दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक हवाई सेवाओं का विस्तार
राजस्थान को क्या मिलेगा?
यदि संशोधित उड़ान योजना प्रभावी रूप से लागू होती है, तो राजस्थान के कई छोटे शहरों और पर्यटन स्थलों को भविष्य में नई हवाई सेवाओं का लाभ मिल सकता है। इससे निवेश, चिकित्सा, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन के लिए यात्रा समय में कमी आएगी।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद?
कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
IndiaPrime Analysis
यह उद्घाटन केवल एक एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन नहीं है। यदि पश्चिमी राजस्थान में रिफाइनरी, पर्यटन, रक्षा अवसंरचना, एक्सप्रेसवे और क्षेत्रीय विमानन परियोजनाएं समान गति से आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में जोधपुर पूरे पश्चिमी भारत का एक महत्वपूर्ण एविएशन, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक केंद्र बन सकता है।
