Share market today आज कैसा रहेगा? सेंसेक्स-निफ्टी पर मिडिल ईस्ट तनाव, क्रूड और बैंकिंग शेयरों का असर; कल भी उतार-चढ़ाव संभव

Live News Updates: 09.51 AM IST July 21, 2026 / इंडिया प्राइम बिजनेस डेस्क : Share market today भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 58.89 अंक गिरकर 77,649.63 और NSE निफ्टी 22.45 अंक फिसलकर 24,216.05 पर खुला। बाजार की आगे की दिशा मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और बैंकिंग शेयरों पर निर्भर रहने की संभावना है।
आज दिनभर बाजार में क्या देखने को मिल सकता है?
आज बाजार में वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। यदि मिडिल ईस्ट से तनाव कम होने या युद्धविराम को लेकर सकारात्मक खबर आती है और कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आती है, तो बाजार में खरीदारी लौट सकती है। इसके विपरीत, क्षेत्र में तनाव बढ़ने या तेल की कीमतों में तेज उछाल आने पर सेंसेक्स और निफ्टी पर दोबारा दबाव बन सकता है।
बैंकिंग और वित्तीय शेयर आज बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। HDFC Bank और अन्य प्रमुख बैंकों के तिमाही प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी। इसके अलावा IT, ऑटो, मेटल और ऑयल-गैस शेयरों में भी सेक्टर-विशिष्ट कारोबार देखने को मिल सकता है।
कच्चा तेल और रुपया रहेंगे प्रमुख ट्रिगर
मिडिल ईस्ट संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। हालांकि, युद्धविराम की संभावनाओं के बीच ब्रेंट क्रूड में कुछ नरमी आई है। यदि यह नरमी जारी रहती है तो भारतीय बाजार को राहत मिल सकती है, जबकि तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से महंगाई और भारत के आयात बिल को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगी। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाल सकता है, जबकि स्थिर या मजबूत रुपया बाजार को समर्थन दे सकता है।
कल 22 जुलाई को बाजार का रुख कैसा रह सकता है?
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की दिशा आज के कारोबार के साथ-साथ रातभर आने वाली वैश्विक खबरों पर निर्भर करेगी। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है, क्रूड की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक बाजार सकारात्मक संकेत देते हैं, तो भारतीय बाजार में रिकवरी या सीमित तेजी देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, क्रूड महंगा होता है या विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज होती है, तो बाजार में दबाव और अधिक उतार-चढ़ाव संभव है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर निर्णय लेने के बजाय कच्चे तेल, रुपये, FII-DII गतिविधि, वैश्विक बाजार और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। बाजार में अस्थिरता के बीच जल्दबाजी में ट्रेडिंग करने के बजाय जोखिम प्रबंधन और स्टॉप-लॉस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
नोट: यह बाजार के संभावित रुख का विश्लेषण है, निवेश सलाह नहीं। वास्तविक बाजार दिशा वैश्विक घटनाक्रम और कारोबार के दौरान आने वाली खबरों के आधार पर बदल सकती है।
ज्यादा जानकारी के लिए लागातर देखते रहिए इंडिया प्राइम टीवी



