live अमेरिका-ईरान युद्ध: आज की बड़ी खबरें और क्षेत्र की स्थिति

US-Iran War Live: Latest News, Oil Prices, and Situation in Hormuz Today

Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 07:52 PM IST यूरोपीय विमानन नियामक (EASA) की सख्त चेतावनी (दोपहर बाद 1:30 बजे से 3:50 बजे IST) नो-फ्लाई एडवाइजरी: यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने युद्ध के दोबारा भड़कने के बाद आज दोपहर एक नया बुलेटिन जारी किया है.

  • इन देशों के ऊपर उड़ान पर रोक: एयरलाइंस को बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) के हवाई क्षेत्र से पूरी तरह दूर रहने (Avoid करने) को कहा गया है. यह प्रतिबंध फिलहाल 29 जुलाई 2026 तक लागू किया गया है. 
  • ईरान-इराक पहले से बंद: ईरान, इराक और लेबनान का हवाई क्षेत्र पहले से ही 31 अगस्त 2026 तक नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित (No-Fly Zone) घोषित है.
 भारत सरकार द्वारा ईरान के उप-राजदूत को समन (शाम 4:30 बजे IST)
  • भारतीय नाविक की मौत पर विरोध: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ईरानी क्रूज मिसाइल हमले में यूएई के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए. 
  • सख्त रुख: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आज शाम नई दिल्ली में ईरान के उप-राजदूत को तलब (Summon) कर इस नागरिक हिंसा और कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों के खिलाफ बेहद कड़ा विरोध दर्ज कराया है. 
 कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल (शाम 5:10 बजे IST)
  • बाजार में हड़कंप: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह बंद होने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) शुरू करने के आदेश के बाद आज शाम वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 5.1% उछलकर $87.51 प्रति बैरल तक पहुंच गई है
Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 02:02 PM IST
कोटा में आरटीओ ऑफिस को बंम से उठाने की धमकी मिली है। जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे बंम निरोधक दस्ते ने परिसर खाली करवाया है और जांच चल रही है। जानकारी के मुताबिक मेल पर बंम से उड़ाने की अफवाह आई है।
Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 01:47 PM IST रूस का विशेष कूटनीतिक और सैन्य कमान विमान (Tupolev Tu-214PU), जिसे ‘डूम्सडे प्लेन’ (Doomsday Plane) या प्रलय का विमान भी कहा जाता है, 13 जुलाई को मॉस्को से उड़ान भरकर ईरान की राजधानी तेहरान के इमाम खुमैनी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था.

विमान और उसकी उड़ान की जानकारी

  • विमान का विवरण: रियल-टाइम फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटट्रैकर24 (Flightradar24) के अनुसार, इस विशेष विमान का रजिस्ट्रेशन नंबर RA-64531 है और यह RSD420 कॉलसाइन के तहत काम कर रहा था. 
  • उड़ान का मार्ग: इस विमान ने मॉस्को के व्नुकोवो एयरपोर्ट (Vnukovo Airport) से उड़ान भरी थी और क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र (Airspace) के खतरों से बचते हुए कैस्पियन सागर के ऊपर से होकर सीधे तेहरान में लैंड किया.

डूम्सडे विमान (Tu-214PU) क्यों है खास?

यह कोई साधारण यात्री या लड़ाकू विमान नहीं है, बल्कि इसे रूस का “उड़ता हुआ क्रेमलिन” भी कहा जाता है. 
  • अभेद्य सुरक्षा तंत्र: यह विमान परमाणु हमले के प्रभाव को भी झेलने में सक्षम है और इसमें बेहद सुरक्षित, एंटी-जैमिंग (Anti-jamming) तकनीक और सैटेलाइट लिंक्स से लैस कम्युनिकेशंस नेटवर्क मौजूद है. [4, 5]
  • संकटकालीन मुख्यालय: भीषण युद्ध या आपातकालीन स्थिति में जब जमीन पर मौजूद सभी संचार नेटवर्क ध्वस्त हो जाएं, तब देश का शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व इस विमान में हवा में रहते हुए पूरी सेना और हथियारों को नियंत्रित कर सकता है.

तेहरान पहुंचने का रणनीतिक कारण और वैश्विक हलचल

  • अमेरिका-ईरान तनाव: यह विमान तेहरान ऐसे समय में पहुंचा है जब अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्ये या Strait of Hormuz) में सैन्य टकराव चरम पर है और अमेरिका द्वारा लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं.
  • उच्च-स्तरीय समन्वय: भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रूस और ईरान के बीच मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों के तहत यह विमान रूस के किसी उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (जैसे विदेश मंत्री या रक्षा अधिकारियों) को लेकर सुरक्षा और रणनीतिक बैठकों के लिए आया है. इसके जरिए रूस यह संदेश भी दे रहा है कि वह संकट के इस समय में तेहरान पर करीबी नजर बनाए हुए है.
  • चीन से जुड़ाव: रूस, ईरान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक त्रिकोण को देखते हुए इस विमान के रूट और कूटनीतिक मिशनों को वैश्विक शक्तियों द्वारा बेहद बारीकी से मॉनिटर किया जा रहा है.

रूस का डूम्सडे विमान
Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 11:14 AM IST भारतीय नाविक की मौत पर भारत का कड़ा विरोध, ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को किया तलब / इंडिया प्राइम वर्ल्ड डेस्क | नई दिल्ली/ स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी शिपिंग लेन में दो यूएई तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत ने तीखी राजनयिक प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने नई दिल्ली में ईरान के Deputy Head of Mission (DHC) को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

भारत की प्रतिक्रिया सबसे पहले

विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को बुलाकर कहा कि:

  • भारतीय नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नागरिक जहाजों को निशाना बनाया जाना अत्यंत गंभीर मामला है।
  • भारत ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।
  • भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और शिपिंग कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है तथा प्रभावित भारतीयों को हरसंभव सहायता दी जा रही है।

घायल भारतीयों की स्थिति

हमले में:

  • 1 भारतीय नाविक की मौत हुई।
  • कुल 8 चालक दल के सदस्य घायल हुए।
  • इनमें 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
  • मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चार भारतीयों की हालत गंभीर बताई गई है और उनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने अभी सभी घायलों की विस्तृत चिकित्सीय स्थिति सार्वजनिक नहीं की है।
  • मृतक और घायलों के नाम अभी तक आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए गए हैं।

हमला कैसे हुआ?

यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार:

  • घटना 13 जुलाई की देर रात या 14 जुलाई 2026 की तड़के हुई।
  • ओमान के क्षेत्रीय जल में Strait of Hormuz की दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजर रहे दो तेल टैंकर Mombasa B और Al Bahiyah को निशाना बनाया गया।
  • आरोप है कि इन जहाजों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया।
  • मिसाइल लगने से Mombasa B पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई जबकि कई अन्य चालक दल के सदस्य घायल हो गए।
  • दोनों जहाजों में आग लगी, लेकिन चालक दल ने आग पर काबू पा लिया और बड़े विस्फोट को टाल दिया।

यूएई की प्रतिक्रिया

संयुक्त अरब अमीरात ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताया है। यूएई ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 10:40 AM IST सऊदी अरब और पाकिस्तानी सेना के बीच रक्षा समझौते को लेकर साउदी की ओर से वित्तीय सहायता रोकने की धमकी जैसे बयान सामने आए है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल (अब फील्ड मार्शल) असीम मुनीर के बीच यह महत्वपूर्ण बैठक 6 मार्च और 7 मार्च 2026 को रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की गई थी.
यह बैठक मध्य पूर्व (West Asia) में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और सऊदी अरब के तेल रिफाइनरी ठिकानों (Aramco) पर हुए ड्रोन व मिसाइल हमलों के बाद बुलाई गई थी। आधिकारिक तौर पर दोनों नेताओं ने “रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते” (Strategic Mutual Defense Agreement) के क्रियान्वयन पर चर्चा की थी.
बैठक के बाद पाकिस्तान की तरफ से जारी प्रेस नोट या आधिकारिक दस्तावेज में सऊदी अरब द्वारा किसी भी तरह की वित्तीय कटौती, सैन्य लाभ रोकने या किसी प्रकार के अल्टीमेटम (धमकी) का कोई जिक्र नहीं है। दोनों देशों ने इस बातचीत को पूरी तरह से एक “सकारात्मक और रणनीतिक सुरक्षा साझेदारी” के रूप में पेश किया है
इस पूरे मामले से जुड़ा संदर्भ इस प्रकार है:
  • आपसी रक्षा समझौता (Defense Agreement): सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक मजबूत रणनीतिक सैन्य रक्षा समझौता है। यह समझौता एक सामूहिक रक्षा ढांचे (Collective Defense) के तहत काम करता है, जिसके अनुसार दोनों में से किसी भी देश पर होने वाले खतरे को दोनों देशों पर हमला माना जाता है।
  • बैठक और वास्तविक चर्चा: खाड़ी क्षेत्र में बढ़े क्षेत्रीय तनावों और ड्रोन-मिसाइल हमलों के बाद सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बीच उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं।
  • बातचीत का मुख्य एजेंडा: आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह बैठक किसी भी प्रकार की धमकी या वित्तीय सहायता रोकने की चेतावनी के लिए नहीं थी। इसके विपरीत, चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा समझौते को और मजबूत करना तथा बाहरी खतरों (विशेष रूप से खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों) से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना था।
  • सोशल मीडिया और अपुष्ट दावे: सहायता रोकने या वित्तीय मदद छीनने के दावे मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और राजनीतिक विश्लेषकों की टिप्पणियों पर आधारित हैं। चूंकि पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था के लिए सऊदी अरब के वित्तीय पैकेज पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए विश्लेषक अक्सर यह अनुमान लगाते हैं कि सऊदी अरब के पास पाकिस्तान पर सैन्य प्रतिबद्धताओं को पूरा कराने का भारी दबाव है। 

Reports claim Saudi Defense Minister Prince Khalid bin Salman warned Pakistans Army Chief Asim Munir to uphold the Saudi Pakistan defense agreement

Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 09:01 AM IST गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में सुबह के समय करीब 150 से 185 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी 50) के लाल निशान में खुलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। वैश्विक और भू-राजनीतिक तनावों के बीच बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। 
बाजार में इस दबाव के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
  • यूएस-ईरान तनाव (US-Iran Tensions): अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष और तनाव ने वैश्विक बाजारों का मूड खराब कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगाने के प्रस्ताव से चिंताएं बढ़ गई हैं। 
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल (Crude Oil Surge): इस भू-राजनीतिक संकट के कारण वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़कर $84-$85 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देश के लिए यह महंगाई बढ़ने का बड़ा जोखिम पैदा करता है। 
  • घरेलू महंगाई का दबाव (Domestic Inflation): भारत में जून महीने की खुदरा महंगाई (CPI) दर बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है, जो आरबीआई (RBI) के 4% के लक्ष्य से अधिक है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण इंपोर्टेड इन्फ्लेशन (आयातित महंगाई) का खतरा और गहरा गया है। 
  • कमजोर वैश्विक संकेत (Weak Global Cues): अमेरिकी बाजार (डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक) गिरावट के साथ बंद हुए थे। सुबह एशियाई बाजारों (जैसे जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी) में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
बाजार के लिए आज के अहम स्तर (Technical Levels to Watch):
  • निफ्टी 50 (Nifty 50): सोमवार को निफ्टी 24,211 पर बंद हुआ था। आज इसके 24,000 के स्तर से नीचे खुलने की संभावना है। बाजार के लिए 24,000 – 23,930 का जोन पहला मजबूत सपोर्ट रहेगा, जबकि ऊपरी स्तर पर 24,280 – 24,320 रजिस्टेंस का काम करेगा।
इन ट्रिगर्स पर रखें नजर:
  • Q1 नतीजे (Q1FY27 Earnings): आज टाटा एल्क्सी, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, आनंद राठी, और आदित्य बिड़ला मनी जैसी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी, जिससे स्टॉक-विशिष्ट एक्शन देखने को मिल सकता है। [
  • एफआईआई/डीआईआई फ्लो (FII & DII Activity): 13 जुलाई को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने करीब ₹3,062 करोड़ की बिकवाली की थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी कर बाजार को संभालने का प्रयास किया था।
Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 08:40 AM IST . फ्लाइट रूट्स (Flight Routes) में बड़े बदलाव और डायवर्जन किये है। खाड़ी देशों (Gulf region) पर हो रहे लगातार मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमलों के कारण पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र (Airspace) बेहद संवेदनशील हो गया है: 
  • नो-फ्लाई ज़ोन (No-Fly Zone): एयरलाइंस ने ईरान के हवाई क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर से गुजरने वाले सभी कमर्शियल रूट्स को पूरी तरह बंद कर दिया है। 
  • फ्लाइट्स का डायवर्जन: भारत से यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों (दुबई, अबू धाबी, कतर) जाने वाली उड़ानों को अब लंबा चक्कर लगाकर मध्य एशिया (Central Asia) या दक्षिणी अरब सागर के सुरक्षित हवाई मार्गों से भेजा जा रहा है।
  • असर: इन नए और लंबे रास्तों की वजह से उड़ानों का समय 45 मिनट से 2 घंटे तक बढ़ गया है। इसके साथ ही विमान ईंधन (ATF) की खपत बढ़ने और युद्ध क्षेत्र के कारण इंश्योरेंस प्रीमियम महंगा होने से अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों के दामों में भारी बढ़ोतरी की आशंका है

Updated | Tuesday, July 14, 2026 | 08:20 AM IST होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर हुए ईरानी क्रूज मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने इस बेहद गंभीर घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि की है।

    • हमले का शिकार हुए जहाज: ओमान के समुद्री क्षेत्र (Omani territorial waters) में जलडमरूमध्य के दक्षिणी रास्ते से गुजर रहे ‘मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘अल बहिया’ (Al Bahiyah) नाम के दो तेल टैंकरों पर ईरान ने क्रूज मिसाइलों से हमला किया। 
    • हताहतों की जानकारी: मारे गए भारतीय नागरिक ‘मोम्बासा’ जहाज पर तैनात थे। इस हमले में आठ अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। घायलों में से चार की स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही है।
    • जहाजों की स्थिति: मिसाइल हमलों के कारण दोनों तेल टैंकरों में भीषण आग लग गई थी और उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि, जहाजों के चालक दल के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया है।
    • ईरान का दावा: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि इन जहाजों ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया, अपने नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिए और निर्देश दिए जाने के बावजूद एक संवेदनशील माइन-रूट से गुजरने की कोशिश की थी।
    • UAE की प्रतिक्रिया: संयुक्त अरब अमीरात ने इस कृत्य को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और बेशर्म हमला बताया है। UAE रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश अपने क्षेत्र, नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है। 

live अमेरिका-ईरान युद्ध:, होर्मुज में तनाव और वैश्विक संकट—आज की बड़ी खबरें

इंडिया प्राइम इंटरनेश्नल डेस्क दिनांक: 14 जुलाई 2026 स्थिति: गंभीर (युद्ध जारी)

मध्य पूर्व में स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है। जून 2026 में हुए अस्थायी युद्धविराम के टूटने के बाद, अमेरिका और ईरान एक बार फिर सीधे सैन्य संघर्ष में उलझ गए हैं। पिछले 24 घंटों में हुई घटनाओं ने न केवल इस क्षेत्र को बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है।

  • अमेरिका के लगातार तीसरे दिन हवाई हमले: पेंटागन और सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों—बंदर अब्बास, किश द्वीप और केश्म द्वीप—पर भीषण बमबारी की है।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में घातक हमला: ईरान ने होर्मुज के पास यूएई के दो सुपरटैंकरों (अल-बहीया और मोम्बासा) को क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया। दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हैं।

  • ईरान का ‘आंख के बदले आंख’ ऑपरेशन: जवाब में, ईरानी सेना (IRGC) ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। तेहरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के पैट्रियट डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुँचाया है।

  • समुद्री नाकाबंदी का ऐलान: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की पूर्ण समुद्री नाकाबंदी की घोषणा कर दी है, जिससे इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा और बढ़ गया है।

वैश्विक और आर्थिक प्रभाव

इस युद्ध का असर दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है:

  1. कच्चे तेल में भारी उछाल: युद्ध की अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 9% से अधिक की तेजी देखी गई है, जिसका सीधा असर भारत समेत अन्य देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।

  2. सुरक्षा चिंताएं: होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल व्यापार होता है, अब दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री क्षेत्र बन गया है।

निष्कर्ष

फिलहाल, शांति वार्ता की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस को सूचित कर दिया है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे। आने वाले कुछ घंटे और यह रात बेहद निर्णायक हो सकती है क्योंकि दोनों देशों की सेनाएं पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें। https://hi.indiaprimetv.com/

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