लाडो प्रोत्साहन योजना की समीक्षा: एसीएस राजेश कुमार यादव के सख्त निर्देश, 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को मिला लाभ
दिव्यांशी तंवर | इंडिया प्राइम ब्यूरो | जयपुर लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार ने अपनी प्रमुख बालिका कल्याण योजना लाडो प्रोत्साहन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी है। गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) राजेश कुमार यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और प्रत्येक पात्र बालिका को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
“बालिका सशक्तिकरण की आधारशिला है लाडो योजना”
बैठक में एसीएस राजेश कुमार यादव ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना केवल आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य में बालिका शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की महत्वपूर्ण फ्लैगशिप पहल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी पात्र बालिका का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय बढ़ाकर सभी लंबित मामलों का त्वरित समाधान किया जाए और लाभार्थियों तक राशि समय पर पहुंचे।
6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को मिला लाभ
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार—
- 1 अगस्त 2024 से अब तक 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
- योजना के तहत पात्र बालिकाओं को ₹1.50 लाख का संकल्प पत्र प्रदान किया जाता है।
- सरकार ने दो से अधिक संतान संबंधी पूर्व बाध्यता समाप्त कर दी है।
- अब मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र बालिकाएं भी योजना के दायरे में शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रगति
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में—
- ₹4,531.96 लाख के विपत्र कोषालय भेजे जा चुके हैं।
- इनमें से ₹2,509.48 लाख का भुगतान ECS के माध्यम से किया जा चुका है।
- जबकि ₹2,022.48 लाख की राशि ECS प्रक्रिया में है।
इसके अलावा अब तक 2,56,808 बालिकाओं को योजना की तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है तथा शेष पात्र लाभार्थियों के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
एसीएस के प्रमुख निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए—
- लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण।
- तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान।
- सभी पात्र बालिकाओं तक समयबद्ध भुगतान।
- पारदर्शी और जवाबदेह कार्यप्रणाली।
- विभागों के बीच बेहतर समन्वय।
- किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित नहीं रहने देना।
लाडो प्रोत्साहन योजना क्या है?
लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की बालिका-केंद्रित फ्लैगशिप योजना है, जिसका उद्देश्य जन्म से लेकर शिक्षा तक बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना तथा बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत पात्र बालिकाओं के लिए ₹1.50 लाख का संकल्प पत्र जारी किया जाता है। निर्धारित पात्रता एवं चरण पूरे होने पर लाभ राशि किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ राजस्थान की पात्र बालिकाओं को दिया जाता है। प्रमुख पात्रता में शामिल हैं—
- राजस्थान की मूल निवासी बालिका।
- जन्म का पंजीकरण।
- जन आधार से जुड़ाव।
- निर्धारित पात्रता शर्तों का पालन।
- अब दो से अधिक संतान की शर्त लागू नहीं।
- मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की छात्राएं भी पात्र।
आवेदन कैसे किया जाता है?
योजना के लिए आवेदन सामान्यतः निम्न माध्यमों से किया जाता है—
- ई-मित्र केंद्र
- आंगनबाड़ी केंद्र
- संबंधित विभाग
- विद्यालय
- जन आधार आधारित ऑनलाइन प्रक्रिया (जहां लागू हो)
आवेदन के दौरान जन्म प्रमाण पत्र, जन आधार, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।
भुगतान कैसे मिलता है?
योजना की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) और ECS के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान चरणबद्ध प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
IndiaPrime Analysis
यह समीक्षा बैठक संकेत देती है कि राजस्थान सरकार अब योजना की घोषणा से अधिक उसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रही है। बैठक में बार-बार “तकनीकी बाधाएं”, “लंबित आवेदन” और “समयबद्ध भुगतान” पर जोर दिए जाने से स्पष्ट है कि सरकार जिला स्तर पर लंबित मामलों को तेजी से निपटाना चाहती है।
हाल के महीनों में दो से अधिक संतान की शर्त समाप्त करना और निजी विद्यालयों की छात्राओं को योजना में शामिल करना इस योजना के दायरे को व्यापक बनाता है। यदि लंबित भुगतान समय पर पूरे होते हैं, तो यह योजना राजस्थान में बालिका शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ योजनाओं में से एक के रूप में और मजबूत हो सकती है।
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