₹72,000 करोड़ की राजस्थान रिफाइनरी का होगा भव्य उद्घाटन: पीएम मोदी 4 जुलाई को करेंगे राष्ट्र को समर्पित, मुख्यमंत्री भजनलाल ने संभाली तैयारियों की कमान
इंडिया प्राइम रिसर्च डेस्क | जयपुर/बाड़मेर राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय 4 जुलाई 2026 को लिखा जाएगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाड़मेर जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) का भव्य उद्घाटन करेंगे। लगभग ₹72,000–₹80,000 करोड़ की लागत से बनी यह देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं में से एक है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 28 जून को स्वयं रिफाइनरी पहुंचकर उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, जनसभा स्थल, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं तथा प्रशासनिक तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
राजस्थान रिफाइनरी क्यों है ऐतिहासिक?
22 जून 2026 से इस परियोजना में BS-VI मानक पेट्रोल और डीजल का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उद्घाटन के बाद यह परियोजना पश्चिमी भारत के सबसे बड़े ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल हब के रूप में स्थापित होगी।
इससे—
- राजस्थान में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ेगा।
- हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
- पेट्रोकेमिकल उद्योगों को नई गति मिलेगी।
- राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को बड़ा आधार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा राजस्थान के लिए ऐतिहासिक अवसर है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि उद्घाटन समारोह राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श आयोजन बने।
उन्होंने यह भी कहा कि रिफाइनरी केवल ऊर्जा परियोजना नहीं बल्कि राजस्थान के आर्थिक विकास का नया इंजन साबित होगी।
304 नए पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी
राज्य सरकार और एचपीसीएल ने पूरे राजस्थान में 304 नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना बनाई है।
मुख्य बिंदु—
- एचपीसीएल लगभग ₹400 करोड़ का निवेश करेगा।
- सरकारी भूमि पर लीज नीति तैयार की जा रही है।
- राज्य सरकार के विभागों को भविष्य में रिफाइनरी से ईंधन आपूर्ति का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
कौन-कौन से वरिष्ठ IAS अधिकारी संभाल रहे हैं जिम्मेदारी?
राजस्थान रिफाइनरी परियोजना और उद्घाटन तैयारियों में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं—
- सुधांश पंत (IAS) – मुख्य सचिव, राजस्थान
- अपर्णा अरोड़ा (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान एवं पेट्रोलियम
- भास्कर ए. सावंत (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह
- टी. रविकांत (IAS) – प्रमुख सचिव, राजस्व
- वैभव गलरिया (IAS) – प्रमुख सचिव, वित्त
- नम्रता वृष्णि (IAS) – विशेष सचिव, खान एवं पेट्रोलियम
- आलोक गुप्ता (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास
- कुलदीप रांका (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव
इन अधिकारियों के साथ एचपीसीएल और एचआरआरएल की तकनीकी टीम भी उद्घाटन और परियोजना संचालन की तैयारियों में लगातार जुटी हुई है।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि पचपदरा रिफाइनरी शुरू होने से—
- पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ेगा।
- लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन क्षेत्र का विस्तार होगा।
- पेट्रोकेमिकल आधारित एमएसएमई उद्योग विकसित होंगे।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- राज्य की कर आय और औद्योगिक उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
4 जुलाई पर पूरे देश की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने वाला यह उद्घाटन राजस्थान के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। पचपदरा रिफाइनरी केवल एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रही है।
