राजस्थान कृषि विभाग का बड़ा कदम: 32 संगठनों से ऐतिहासिक MoU, प्राकृतिक खेती और एग्री-स्टार्टअप को मिलेगा नया बल

प्रमुख शासन सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) मंजू राजपाल,कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल

इंडिया प्राइम ब्यूरो | राजस्थान में कृषि का नया मॉडल! 32 संगठनों से ऐतिहासिक MoU, जयपुर राजस्थान सरकार ने कृषि क्षेत्र में केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे कृषि इकोसिस्टम को एक मंच पर लाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कृषि विभाग ने 32 संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर यह संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में कृषि नीति केवल अनुदान आधारित नहीं बल्कि तकनीक, प्राकृतिक खेती, स्टार्टअप, रिसर्च और निजी सहभागिता के मॉडल पर आगे बढ़ेगी।

इस पहल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग (NIAM), 10 एग्रीटेक स्टार्टअप्स और 20 प्रमुख सिविल सोसायटी संगठनों (CSOs) को जोड़ा गया है। सरकार का दावा है कि इससे विकसित राजस्थान-2047 के कृषि विजन को जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य क्या है?

पंत कृषि भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख शासन सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) मंजू राजपाल ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स, सामाजिक संगठनों और किसानों की साझेदारी जरूरी है।

यही कारण है कि इस बार सरकार ने वित्तीय सहायता देने के बजाय ज्ञान, तकनीक और संस्थागत सहयोग पर आधारित मॉडल अपनाया है।

AI से लेकर कार्बन क्रेडिट तक होगा काम

MoU के तहत जिन क्षेत्रों पर प्राथमिकता से काम होगा, उनमें शामिल हैं—

  • प्राकृतिक एवं जैविक खेती
  • जलवायु अनुकूल कृषि
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कृषि समाधान
  • कार्बन क्रेडिट
  • जल संरक्षण
  • कृषि प्रशिक्षण
  • मूल्य संवर्धन
  • प्रमाणन एवं मार्केटिंग
  • महिला किसान सशक्तिकरण
  • जनजातीय क्षेत्रों का कृषि विकास

मणिपाल यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग के जरिए AI आधारित कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के नए मॉडल विकसित किए जा सकें।

स्टार्टअप्स को मिलेगा संस्थागत समर्थन

NIAM पहले से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत कृषि स्टार्टअप्स को अनुदान देता है। इसी मॉडल को मजबूत करते हुए अब राजस्थान में एग्री इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत—

  • स्टार्टअप्स के लिए समर्पित कॉल सेंटर
  • कृषि विश्वविद्यालयों से समन्वय
  • कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs)
  • किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
  • निवेशकों एवं वित्तीय संस्थानों से संपर्क

जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

किसानों को सीधे क्या फायदा?

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के अनुसार राज्य में पहले ही 87 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। राजसमंद और सिरोही में उर्वरक वितरण के लिए Farmer ID आधारित पायलट सिस्टम शुरू हो चुका है।

यदि MoU प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो किसानों को—

  • प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण
  • प्रमाणन सुविधा
  • बेहतर बाजार
  • तकनीकी सलाह
  • प्रदर्शन प्लॉट
  • किसान समूह
  • डिजिटल कृषि समाधान

एक ही नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध हो सकते हैं।विशेष लाभ छोटे किसानों, महिला किसानों, युवा किसानों और जनजातीय क्षेत्रों को मिलने का दावा किया गया है।

इंडिया प्राइम विश्लेषण: केवल MoU नहीं, कृषि प्रशासन की नई कार्यशैली

सरकारी विभाग वर्षों से विभिन्न संस्थाओं के साथ MoU करते रहे हैं, लेकिन अधिकांश समझौते फाइलों तक सीमित रह जाते हैं।

इस बार कृषि विभाग ने एक अलग व्यवस्था बनाई है—

  • प्रत्येक तिमाही समीक्षा बैठक
  • जिला स्तर पर संयुक्त सेमिनार
  • सभी साझेदार संस्थाओं की नियमित प्रगति समीक्षा
  • गैर-वित्तीय MoU, यानी अतिरिक्त बजट का बोझ नहीं

यदि यह समीक्षा तंत्र वास्तव में सक्रिय रहता है तो यह राजस्थान में कृषि प्रशासन का नया मॉडल बन सकता है।

सबसे बड़ा सवाल

राजस्थान ने प्राकृतिक खेती, AI, स्टार्टअप, कार्बन क्रेडिट और डिजिटल कृषि को एक साथ जोड़ने की कोशिश तो कर दी है, लेकिन असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि—

  • कितने किसान इन कार्यक्रमों तक पहुंचते हैं?
  • कितने स्टार्टअप गांवों तक तकनीक ले जाते हैं?
  • कितने CSO केवल कागजी साझेदार न रहकर जमीन पर काम करते हैं?

इन सवालों के जवाब अगले दो से तीन वर्षों में इस मॉडल की सफलता तय करेंगे।

प्रमुख बिंदु

  • 32 संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक MoU
  • 10 एग्रीटेक स्टार्टअप और 20 CSOs शामिल
  • AI आधारित कृषि समाधान पर जोर
  • प्राकृतिक एवं जैविक खेती का विस्तार
  • कार्बन क्रेडिट और जलवायु अनुकूल कृषि पर फोकस
  • 87 लाख से अधिक Farmer ID तैयार
  • एग्री इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल की स्थापना होगी
  • विकसित राजस्थान-2047 के कृषि विजन को गति देने का दावा

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