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Video: गाय बचाने के लिए कुत्तों के खाने में मिलाया जहर, मृत कुत्तों को खाकर गिद्धों – ABP News

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया को भी झकझोर कर रख दिया है. यहां दर्जनों गिद्धों की मौत का मामला अब एक बड़े खुलासे के साथ सामने आया है. पहले जहां इस घटना को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, वहीं अब जांच में जो सच सामने आया है, वह और भी ज्यादा चौंकाने वाला है. यह मामला सिर्फ कुछ पक्षियों की मौत का नहीं, बल्कि इंसानी लापरवाही के खतरनाक परिणाम का उदाहरण बन गया है.
वन विभाग की जांच में सामने आया कि एक किसान ने अपने खेत में जहरीला चावल डाल रखा था. बताया जा रहा है कि यह चावल जानवरों को भगाने या मारने के इरादे से डाला गया था. इसी दौरान एक कुत्ते ने उस जहरीले चावल को खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद असली त्रासदी शुरू हुई. वायरल वीडियो में खेत में कई सारी गिद्धों की लाशों को पड़े हुए देखा जा सकता है जिन्हें देखकर गांव वाले भी हैरान हैं.
कुत्तों को मारने के लिए गांव वालों ने जहरीले चांवल रखे, कुत्ते तो मर गए लेकिन उनकी लाश खाकर 25 गिद्धों की भी मौत हो गई…मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का बताया जा रहा है. pic.twitter.com/rgj3IWJLEF

कुत्ते की मौत के बाद जब उसका शव खेत में पड़ा रहा, तो आसपास के गिद्ध उसे खाने के लिए वहां पहुंचे. गिद्ध, जो प्राकृतिक रूप से मृत जानवरों को खाकर पर्यावरण को साफ रखने का काम करते हैं, वही इस जहर के शिकार बन गए. एक-एक कर करीब 25 गिद्धों की मौत हो गई. अब यूजर्स तो यही कह रहे हैं कि मारना कुत्तों को था शिकार बेचारे कुत्तों के साथ साथ गिद्ध भी बन गए.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई गिद्ध मृत अवस्था में दिखाई दे रहे हैं. यह दृश्य देखकर लोग हैरान और दुखी हैं. वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन और वन विभाग हरकत में आया और मामले की जांच तेज कर दी गई.
विशेषज्ञों का कहना है कि गिद्ध पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि वे मृत जानवरों को खाकर बीमारियों को फैलने से रोकते हैं. ऐसे में उनकी अचानक इतनी बड़ी संख्या में मौत होना एक गंभीर चिंता का विषय है. यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल कितनी बड़ी समस्या बन सकता है.
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सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर गुस्सा और दुख जाहिर कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे ‘मानव लापरवाही का नतीजा’ बताया, तो कुछ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. एक यूजर ने लिखा…इस तरह से जहर देकर मारना गलता है, उन्हें आप नगरपालिका के हवाले कर सकते थे. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बेचारे गिद्धों को क्यों तोड़ा.
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शेख इंजमाम उल हक
हजरत शेख इंजमाम को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. भारत की शाही संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के गवाह राजस्थान से उनका संबंध है. भारत की शिक्षा नगरी के तौर पर मशहूर कोटा उनकी कर्मभूमि है, जहां हर साल हजारों युवक बड़े-बड़े सपने लेकर, आईआईटी–जेईई और नीट की तैयारी के लिए इस शहर को अपना बसेरा बनाते हैं, लेकिन इंजमाम को इस शहर का ये माहौल रास नहीं आया और उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाए पत्रकार बनने का फैसला किया. हालांकि, कोटा से 72 किमी दूर एक छोटे से गांव सीसवाली में जन्म लेने वाले इंजमाम ने इंटरमीडियट तक की पढ़ाई इसी शहर से की.
बचपन से हिंदी में रुचि और लगाव उन्हें पत्रकारिता के लिए दिल्ली खींच लाया. जहां उन्होंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री ली. उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में MA और एम.फिल. की डिग्री भी हासिल की.
इंडिया न्यूज़ और विकिपीडिया के लिए कार्य करने के बाद इंजमाम एबीपी लाइव से बतौर ट्रेनी जुड़े और अब प्रमोट होकर बतौर कॉपी एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
शेख इंजमाम का हिंदी और उर्दू से खासा लगाव है और दोनों भाषाओं में शौकिया शायरी भी करते हैं. उन्होंने कई कविताएं रची हैं और अनेक साहित्यिक लेखों का सृजन किया है. साहित्य की एक अन्य विधा व्यंग्य भी उनका पसंदीदा विषय है.
ट्रेंडिंग और राजनीति उनकी पसंदीदा बीट है. राजनीतिक खबरों पर पैनी नजर की वजह से वो रोजाना के ट्रेंड और सोशल मीडिया पर पनपने वाले विचारों की बखूबी समझ रखते हैं.
शेख इंजमाम को घूमना पसंद है और उन्होंने भारत के कई शहरों और देहात का सफर किया है और वहां के रीति रिवाज, रहन सहन और सामाजिक ताने बाने को खूब समझते हैं.
इंजमाम को फिल्में देखने और गाने सुनने का भी शौक है. अमरीश पुरी और सलमान खान को वह अपने पसंदीदा अभिनेताओं में शुमार करते हैं. सूफी और क्लासिकल म्यूजिक भी उन्हें रुहानी सुकून देता है. उन्हें फिल्मी अभिनेताओं, कलाकारों और नेताओं के इंटरव्यू देखने का भी शौक है.
भाषा पर मजबूत पकड़ और लेखन की विभिन्न शैली में गहरी समझ रखने की वजह से वो खूबसूरत अंदाज़ में बड़ी आसानी से खबरों को पेश करने में सफल रहते हैं.
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IndiaPrime Hindi

Devender Singh is a senior journalist and media professional with over two decades of experience in television, digital, and Hindi-language journalism. He began his career with ETV Hindi in 2000 and has since served as Bureau Chief for several prominent news networks, including India News, Sahara Samay, and Bharat Express. Throughout his career, he has reported on several high-impact stories, including tribal starvation deaths, the Asaram case, the Jaipur serial bomb blasts, and numerous crime, political, and social issues that earned him recognition as a credible and influential journalist across India. Beyond television journalism, Devender Singh has contributed significantly to digital media transformation, Hindi journalism innovation, and AI-driven Hindi language initiatives. He has also served as a media and communication advisor to several prominent individuals, organizations, and institutions. Holding a postgraduate degree in Journalism along with a degree in Law, he continues to write and analyze issues related to governance, public policy, technology, politics, and social development, delivering insightful and fact-based content to readers.

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