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CBSE के OSM पोर्टल में खामी बताने वाले निसर्ग को IIT में मिली जॉब, ओपन सोर्स इंटेलीजेंस इंजीनियर की दी पोस्ट – Jagran

सीबीएसई के ओएसएम पोर्टल में तकनीकी खामियां उजागर करने वाले निसर्ग अधिकारी को आईआईटी कानपुर के सी3आई हब में ओपन सोर्स इंटेलिजेंस इंजीनियर के पद पर नियु …और पढ़ें
इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
निसर्ग अधिकारी को आईआईटी कानपुर में नौकरी मिली।
सीबीएसई ओएसएम पोर्टल की तकनीकी खामियां उजागर की थीं।
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुए।
जागरण संवाददाता, कानपुर। सीबीएसई के आन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल की तकनीकी खामियां उजागर करने वाले निसर्ग अधिकारी को आइआइटी के सी3आइ हब में ओपन सोर्स इंटेलीजेंस इंजीनियर के पद पर नियुक्त किया गया है। आइआइटी निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने बताया कि निसर्ग ने ज्वाइन भी कर लिया है।
पोर्टल में कमियां बताकर चर्चा में आए दूसरे छात्र सार्थक सिद्धांत को भी आइआइटी की ओर से नौकरी देने के प्रस्ताव की जानकारी बुधवार को सामने आई थी, लेकिन आइआइटी ने गुरुवार को इससे इन्कार किया है।
आइआइटी निदेशक के अनुसार, निसर्ग अधिकारी को आइआइटी विज्ञानियों की टीम ने अत्यंत प्रतिभाशाली पाया है। उन्होंने इतनी कम उम्र में ही उल्लेखनीय तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। वह अपनी महत्वपूर्ण कार्य क्षमता और दक्षता के साथ काम करते हुए आइआइटी के साइबर सुरक्षा तकनीकी केंद्र सी3आइ हब के साथ बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
निसर्ग को यहां काम करने के दौरान साइबर सुरक्षा तकनीक विशेषज्ञ व थ्रेट इंटेलीजेंस इंजीनियर के तौर अपनी क्षमताओं को विकसित करने का मौका मिलेगा। जब निदेशक से पूछा गया कि क्या निसर्ग को सी3आइ हब में काम करने के दौरान स्नातक पाठ्यक्रम में भी प्रवेश दिया जाएगा, क्या वह बीटेक के स्टूडेंट भी होंगे तो प्रो. अग्रवाल ने साफ मना किया। कहा कि ऐसा नहीं होगा। बता दें कि आइआइटी का सी3आइ हब साइबर सुरक्षा को लेकर काम करता है।निसर्ग की उम्र 19 वर्ष है।
उन्होंने हाल ही में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वह पहली बार तब चर्चा में आए जब उन्होंने सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली के एक्सेस कंट्रोल, पासवर्ड प्रबंधन और प्रमाणीकरण तंत्र में कमियां होने का दावा किया। उनके दावे के बाद सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच शुरू हो गई।
प्रेट्र के अनुसार, निसर्ग ने बताया कि वह पहले भी स्टार्टअप टीमों और विदेशी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। ज्यादातर साफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया है। उन्होंने अपना वेतन नहीं बताया, लेकिन स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में काम करने के अनुभव के बाद उन्हें उम्मीद से कम वेतन मिला है।

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IndiaPrime Hindi

Devender Singh is a senior journalist and media professional with over two decades of experience in television, digital, and Hindi-language journalism. He began his career with ETV Hindi in 2000 and has since served as Bureau Chief for several prominent news networks, including India News, Sahara Samay, and Bharat Express. Throughout his career, he has reported on several high-impact stories, including tribal starvation deaths, the Asaram case, the Jaipur serial bomb blasts, and numerous crime, political, and social issues that earned him recognition as a credible and influential journalist across India. Beyond television journalism, Devender Singh has contributed significantly to digital media transformation, Hindi journalism innovation, and AI-driven Hindi language initiatives. He has also served as a media and communication advisor to several prominent individuals, organizations, and institutions. Holding a postgraduate degree in Journalism along with a degree in Law, he continues to write and analyze issues related to governance, public policy, technology, politics, and social development, delivering insightful and fact-based content to readers.

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