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मणिपुर में छह नगा लोगों के शव बरामद होने के बाद कामजोंग ज़िले में हिंसा, दो लोगों की मौत – BBC

दरअसल कई दिनों से लापता छह नगा लोगों के शव बुधवार को बरामद हुए थे, जिसके बाद पहाड़ी इलाकों में जातीय तनाव और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है.
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शिवांगी जायसवाल, अरशद मिसाल और चंदन कुमार जजवाड़े
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मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार तड़के हुए एक नए हमले में दो कुकी लोगों की मौत हो गई है. हिंसा की यह घटना कामजोंग-चसाद थाना क्षेत्र के कुल्टुप गांव की है.
इस हमले की पुष्टि करते हुए चसाद थाने में तैनात सब-इंसपेक्टर वोर्थिंग ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "कुल्टुप गांव में आगजनी और हथियारबंद हमले की एक घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है और दो अन्य घायल हुए हैं. फिलहाल पुलिस की टीम घटना की जांच कर रही है."
दरअसल कई दिनों से लापता छह नगा लोगों के शव बुधवार को बरामद हुए थे, जिसके बाद पहाड़ी इलाकों में जातीय तनाव और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है. कुल्टुप गांव में हुए इस हमले के कारण कई प्रभावित परिवार जंगल और आस-पास के गांवों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं.
इस हमले के बारे में कुकी सिविल सोसाइटी संगठन के एक नेता ने बताया कि हथियारबंद हमलावरों ने सुबह करीब साढ़े 4 बजे कुकी समुदाय के एक दूर-दराज़ गांव कुल्टुप में अंधाधुंध गोलीबारी की. इस दौरान हमलावरों ने कम से कम पांच घरों में आग भी लगा दी. सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में जलते हुए घरों के सामने लोग डर और दहशत में चिल्लाते नज़र आ रहे हैं.
हमले में मारे गए लोगों की पहचान कुल्टुप के लेटमिनलुन हाओकिप और लुनमिंथंग हाओकिप के तौर पर की गई है. राज्य में नगा लोगों के शव बरामद होने के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने एक बयान जारी कर कहा था,"सरकार इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी. इस मामले की जांच एनआईए कर रही है."
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई समुदाय और कुकी जनजाति के बीच जातीय हिंसा जारी है. लेकिन इस दौरान बीते फरवरी महीने से कुकी और तांकखुल नगा के बीच भी हिंसा शुरू हो गई है. इन दोनों जनजातियों के बीच संघर्ष में अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
असल में बीते 13 मई को कुकी समुदाय के एक वरिष्ठ पादरी समेत चर्च के दो नेताओं की हत्या के बाद दोनों समुदायों में खूनी टकराव बढ़ गया है. इस टकराव के कारण 13 मई को कांगपोकपी और सेनापति ज़िलों में हथियारबंद समूहों ने कुकी और नगा समुदायों के कम से कम 48 नागरिकों को बंधक बना लिया था.
बाद में 28 लोगों को रिहा कर दिया गया था. जबकि कुकी समुदाय के 14 बंधकों को मंगलवार को रिहा किया गया था. इन लोगों की रिहाई को लेकर नगा लोगों की प्रमुख संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने शर्त रखी थी कि उनके छह लापता लोगों को सुरक्षित रिहा किया जाएगा. लेकिन नगा लोगों के शव बरामद होने के बाद से पहाड़ी इलाकों में कानून-व्यवस्था प्रभावित होती दिख रही है.
यूएनसी ने अपने छह लोगों के शवों के बरामद होने के बाद शोक में गुरुवार सुबह 6 बजे से 24 घंटे का पूर्ण बंद बुलाया है. इस बंद का असर मणिपुर के नगा-बहुल इलाकों में देखने को मिल रहा है.
यूएनसी ने सरकार के समक्ष मांग रखी है कि जब तक कुकी उग्रवादी समूहों के साथ निलंबन (एसओओ) समझौते को रद्द नहीं किया जाता, अपहरण और हत्याओं में कथित रूप से शामिल लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे. यूएनसी ने केंद्र से कुकी संगठन केएनएफ-पी को आतंकवादी संगठन घोषित करने वाली अधिसूचना जारी करने की भी मांग की है.
इस दौरान एक अन्य घटना में राज्य के सेनापति जिले के लियांगमाई ताफौ में मौजूद राजनीतिक पार्टी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के ऑफिस में बुधवार रात को तोड़फोड़ की गई है.
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अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि खाड़ी में अमेरिका के सहयोगियों को ईरान जो भी नुक़सान पहुंचाएगा, उसकी भरपाई उससे ही की जाएगी.
स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर लिखा, "ईरान की सरकार जो 'ज़ीरो-सम गेम' (जिसमें एक की जीत दूसरे की हार होती है) खेल रही है, उसमें वह हार जाएगी. खाड़ी में हमारे सहयोगियों को वह जो भी नुकसान पहुंचाएगी, उस रकम की भरपाई ईरान के फ्रीज किए गए खातों से निकालकर की जाएगी."
उन्होंने आगे कहा, "'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' को दिए जाने वाले किसी भी शुल्क की भरपाई भी उनके खातों से की जाएगी. ईरान का हर हमला उसके लिए आर्थिक और वित्तीय नतीजों को और गंभीर ही बनाएगा."
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत बड़ा हमला करेगा.
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टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक के इस्तीफ़े पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात की है.
सौगत रॉय ने कहा, “मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं है. मैं राज्यसभा का सदस्य नहीं हूं और इनको मैं ठीक से नहीं जानता भी नहीं था. उन्होंने क्यों इस्तीफ़ा दिया है, मुझे नहीं पता. उन्हें कोई नाराज़गी थी तो मुझे इसके बारे कुछ पता नहीं है.
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर पार्टी छोड़ी है या नहीं.
इससे पहले टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफ़ा दे दिया था. उनका इस्तीफ़ा पहले ही मंज़ूर हो चुका है. इन दोनों ने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफ़ा दे दिया है.
इससे पहले सौगत रॉय ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 'ऑपरेशन लोटस' का हिस्सा हैं और वे टीएमसी को तोड़ना चाहते हैं.
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विलय की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है.
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस-टीएमसी से विलय के दावों को 'आधारहीन अफ़वाह' बताया है.
गुरुवार को कांग्रेस की ओर से बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान वेणुगोपाल से पूछा गया कि क्या कांग्रेस ने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया है या फिर टीएमसी ने ऐसा कोई अनुरोध किया है?
इस पर उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मिलकर जो चर्चा की, वह केवल इंडिया गठबंधन को मज़बूत बनाने से जुड़ी थी."
साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पहले ही स्थिति साफ कर दी थी.
वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को एक्स पर लिखा, ''कुछ मीडिया रिपोर्टों में सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाक़ात को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से ग़लत हैं."
"यह मुलाक़ात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी. दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं, इसलिए बातचीत के दौरान कई निजी विषयों पर भी चर्चा हुई.''
कांग्रेस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते यह बैठक हुई थी.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक नई पोस्ट में कहा है कि अमेरिका ईरान पर “आज रात बहुत बड़ा हमला” करेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा. ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, वायु रक्षा प्रणाली और उसकी अधिकांश आक्रामक क्षमता पहले ही खत्म हो चुकी है.”
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दावा किया कि निकट भविष्य में अमेरिका, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र ख़ार्ग और अन्य ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण स्थापित करेगा. साथ ही, ईरान के तेल और गैस बाजारों पर “पूर्ण नियंत्रण” हासिल करेगा.
खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. ईरान के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के टर्मिनल के माध्यम से होता है.
ट्रंप इससे पहले भी कई बार खार्ग द्वीप को निशाना बनाने या उस पर नियंत्रण स्थापित करने की धमकी दे चुके हैं.
मार्च 2026 में भी ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने वहां के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए थे, हालांकि ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को उस समय निशाना नहीं बनाया गया था.
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है.
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य हमले हुए हैं, जबकि समानांतर रूप से किसी संभावित समझौते को लेकर बातचीत भी जारी बताई जा रही है.
अगर ट्रंप की धमकी के अनुरूप नए हमले होते हैं, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है, क्योंकि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है.
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध सदस्य निर्वाचित कर दिया गया है.
बीजेपी के तीन उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट अब राज्यसभा के नवनिर्वाचित सांसद बन गए हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है.
कांग्रेस इस फैसले को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटा चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है. वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग से शिकायत किए जाने के बावजूद उसे अब तक कोई राहत नहीं मिली है.
कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना पर्याप्त कानूनी आधार के और राजनीतिक कारणों से रद्द किया गया.
पार्टी का आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी का फैसला मनमाना और पक्षपातपूर्ण था.
वहीं, बीजेपी का कहना है कि नामांकन पत्र के साथ दाख़िल हलफनामे में आवश्यक जानकारी का ख़ुलासा नहीं किया गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई.
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़ने की चर्चा के बीच पार्टी के राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने अपना रुख़ साफ़ किया है.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि मुश्किल समय में पार्टी का साथ छोड़ना ग़लत है.
उन्होंने कहा, "मुझे लेकर जो भी भ्रम और अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं, उस पर मैं अपना रुख़ साफ़ करना चाहता हूं."
"मैं न तो किसी गुट में शामिल होने जा रहा हूं और न ही किसी दूसरी पार्टी में. मेरा मानना है कि मुश्किल समय में पार्टी का साथ छोड़ना ग़लत है. मैं वही कर रहा हूं, जो मुझे सही लगता है."
दरअसल, पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की थी और शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने. इसके बाद से ही टीएमसी में बग़ावत के सुर सुनाई देने लगे.
कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई. पार्टी के एक बाग़ी विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 58 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा.
तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पिछले दिनों दावा किया कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बैठाने की मांग की है.
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संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ैद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी है.
यूएई के राष्ट्रपति ने ये बधाई हिन्दी में दी है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं."
उन्होंने आगे लिखा, "भारत की सतत प्रगति को आगे बढ़ाने में आपकी निरंतर सफलता की कामना करता हूं. साथ ही, हमारे दोनों देशों और उनके लोगों के हित में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आपके साथ मिलकर काम जारी रखने की अपेक्षा रखता हूं."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है.
उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. हालांकि कांग्रेस ने इसे 'स्वघोषित रिकॉर्ड' और 'खुद से गढ़ा हुआ माइल स्टोन' बताया है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं.
लोकसभा में टीएमसी के नए चीफ व्हिप बनाए गए कल्याण बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के 'व्यवहार' का मुद्दा उठाकर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने शर्त रख दी है.
कल्याण बनर्जी, टीएमसी के वरिष्ठ सांसद और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ हैं.
उन्होंने कहा है, "मैं ममता दीदी के साथ हूं, मगर अब दीदी को तय करना है कि क्या वो अपनी पार्टी को अभिषेक के बिना आगे नहीं ले जा सकेंगी? अगर ऐसा है तो मैं इसमें शामिल नहीं रहूंगा."
उन्होंने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक कानूनी मामले से ख़ुद को अलग कर लिया है.
दरअसल यह पूरा विवाद अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर केस की सुनवाई से जुड़ा है. इस केस को कलकत्ता हाईकोर्ट में पार्टी की ओर से कल्याण बनर्जी देख रहे थे.
फर्ज़ी हस्ताक्षर मामले की जांच सीआईडी कर रही है, जिसने सोमवार को अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की तलाशी ली.
कल्याण बनर्जी का कहना है कि उन्होंने कोर्ट के सामने इस छापामारी का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई की मांग की थी और अदालत गुरुवार को सुनवाई के लिए तैयार भी हो गई.
उनका कहना है कि वो केस को लेकर बुधवार को काफ़ी समय तक अदालत में भी इंतज़ार करते रहे. फिर बुधवार रात क़रीब 12 बजे उन्हें बताया गया कि अभिषेक बनर्जी से जुड़े स्थान की तलाशी मामले को कोई दूसरे वकील देखेंगे.
कल्याण बनर्जी ने कहा है कि किसी अन्य वकील को केस सौंपकर सीनियर वकील होने के नाते उनके सम्मान को ठेस पहुंची है.
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि वो इस मुश्किल घड़ी में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे.
गौरतलब है कि इससे पहले सिन्हा ने पीएम मोदी के 'सबसे लंबे कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड' की तारीफ़ करते हुए एक ट्वीट किया था. जिससे उनके पार्टी में बने रहने को लेकर आशंकाएं जताई जाने लगी थीं.
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, "ममता बनर्जी मुश्किल समय में मेरे साथ खड़ी रहीं, इसलिए मैं मुश्किल समय में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ सकता."
"पटना का चुनाव जब मैं हारा या मुझे हराया गया तब कोई सामने नहीं आया, सिर्फ एक ही नेता ममता बनर्जी हमारे साथ आईं. उन्हें लगा कि मुझे संसद जाना चाहिए. इसलिए उन्होंने मुझे आसनसोल से चुनाव लड़ने को कहा. और उनके आदेश को अध्यादेश मानते हुए मैं आसनसोल पहुंचा. मैं वहाँ से जीता. ये सब आसनसोल की जनता की वजह से हुआ. मैं उनका आभारी हूं."
उन्होंने आगे कहा, "मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मुझे टीएमसी के बाग़ी गुट में शामिल होने के लिए बुलाया, लेकिन मेरा उसूलों पर आधारित रुख यह है कि मुझे अभी ममता बनर्जी के साथ खड़ा होना चाहिए."
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कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द किए जाने के रिटर्निंग ऑफ़िसर के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई के लिए राज़ी हो गया है.
इस मामले की सुनवाई शुक्रवार, 12 जून को होगी.
लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस प्रशांत कुमार शर्मा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की मौखिक दलील पर याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट किया है.
मीनाक्षी नटराजन के वकील सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से आज या कल इस मामले को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट करने की मांग की थी.
हालांकि, अभिषेक मनु सिंघवी का ज़ोर था कि सुप्रीम कोर्ट आज यानी गुरुवार को ही इस मामले की सुनवाई करे क्योंकि यह पर्चा वापसी का अंतिम दिन है.
वहीं, रिटर्निंग अफसर की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने इसका विरोध किया.
जस्टिस मिश्रा ने मीनाक्षी नटराजन के वकील सिंघवी की दलील पर कहा, "चुनाव से जुड़े मामलों में अदालतें बीच में हस्तक्षेप नहीं करतीं. इस पर सिंहवी ने कहा कि अगर कोई गंभीर या स्पष्ट गलती हो, तो अदालतें हस्तक्षेप कर सकती हैं."
हालांकि बाद में सर्वोच्च अदालत इस याचिका को कल लिस्ट करने के लिए सहमत हो गया.
दरअसल, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होने वाला है. एक सीट के लिए कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन भरा, जिसे रिटर्निंग अफ़सर ने रद्द कर दिया.
बीजेपी ने एक शिकायत में आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म 26 में न्यायालय में कथित तौर पर लंबित एक मामले की जानकारी नहीं दी.
कांग्रेस ने इस आरोप को ग़लत बताया और रिटर्निंग ऑफ़िसर के फ़ैसले को क़ानून के ख़िलाफ़ दिया गया फ़ैसला कहा है.
अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल और शिवांगी जायसवाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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ओमान तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय चालक
कांग्रेस और टीएमसी के विलय की ख़बरों पर क्या कह रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक
तुर्की के गृह मंत्री ने कहा था- इंशाअल्लाह यरूशलम भी मुक्त होगा, अब भिड़े अर्दोआन और नेतन्याहू
तृणमूल कांग्रेस और उसके चुनाव चिह्न से ममता बनर्जी क्या नियंत्रण खो सकती हैं? जानिए वजहें
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टीएमसी के लोकसभा सांसदों की पार्टी से बग़ावत की ख़बरों के बीच, शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी है.
शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से टीएमसी के लोकसभा सांसद हैं.
उन्होंने लिखा, “सही खेल भावना के साथ हमारे मित्र, समाज और देश के मार्गदर्शक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.”
''यह शायद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है. आपके उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करता हूँ.''
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से ऐसे सांसदों को सदन में अलग बैठाने की मांग की है.
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के 80 विधायकों में से 60 विधायक पहले ही ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बाग़ी हो चुके हैं.
साथ ही, गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.
वे इस्तीफ़ा देने वाले तृणमूल कांग्रेस से तीसरे राज्यसभा सांसद हैं.
तृणमूल कांग्रेस और उसके चुनाव चिह्न से ममता बनर्जी क्या नियंत्रण खो सकती हैं? जानिए वजहें
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ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने वहाँ के शिनास पोर्ट पर एक जहाज़ पर हुए ताज़ा हमले के बारे में जानकारी दी है.
भारतीय दूतावास ने लिखा, "हमें आज ओमान के शिनास पोर्ट के पास एक जहाज़ से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है. हम स्थिति पर क़रीब से नज़र रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं."
इससे पहले बुधवार को भी इस इलाक़े में भारतीय तेल टैंकर पर हमला हुआ था.
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले के बाद लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले हैं.
इस घटना के बाद भारत ने अमेरिका के उप मिशन प्रमुख को तलब किया और हमले के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
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ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि गुरुवार तड़के आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी सेना की उकसावे की कार्रवाई का जवाब दिया है.
ईरानी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने कहा है, "इसमें अली अल सलेम (कुवैत), अहमद अल जाबेर (कुवैत) और शेख़ ईसा एयर बेस (बहरीन) पर मौजूद अमेरिका के 18 अहम सैन्य ठिकानों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया."
ईरान की इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन कुवैत आर्मी के जनरल स्टाफ ने घोषणा की है कि एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हवाई टारगेट को इंटरसेप्ट कर रहे हैं.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में कुवैत आर्मी ने कहा, "सभी लोगों से आग्रह है कि वे संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी किए सुरक्षा निर्देशों और गाइडलाइन का पालन करें."
कुवैत की सेना ने लोगों से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, कुवैत ने ईरानी हमलों के कारण अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.
ईरान पर ट्रंप और नेतन्याहू की रणनीति क्यों नाकाम होती दिख रही है?
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तृणमूल कांग्रेस से तीसरे राज्यसभा सांसद ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को राज्यसभा चेयरमैन को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर पार्टी छोड़ी है या नहीं.
इससे पहले टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफ़ा दिया था. उनका इस्तीफ़ा पहले ही मंज़ूर हो चुका है. ये दोनों पार्टी से भी इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
अगर प्रकाश चिक बड़ाईक का इस्तीफ़ा स्वीकार हो जाता है तो टीएमसी के राज्यसभा सांसदों की संख्या पांच रह जाएगी.
आदिवासी समुदाय से आने वाले बड़ाईक ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पश्चिम बंगाल के लोगों ने जिस तरह की राय दी है, उसको देखते हुए आज मैंने भी अपना इस्तीफ़ा दे दिया है."
बीजेपी में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''यह समय बताएगा.''
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को सौंपे गए अपने पत्र में बड़ाईक ने लिखा है, ''मेरे इस्तीफ़े को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए."
साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान समर्थन के लिए सभापति और राज्यसभा सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया है.
प्रकाश चिक बड़ाईक को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था.
वह संसद की उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण संबंधी संसद की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य के तौर पर काम कर रहे थे. साथ ही वह जनजातीय मामलों की सलाहकार समिति के सदस्य भी थे.
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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि आज पुणे में प्रदर्शन के दौरान सीजेपी अपना एग्ज़ाम मेनिफ़ेस्टो जारी करेगी.
अभिजीत दीपके ने अपनी पार्टी के एक एक्स पोस्ट को शेयर किया है जिसमें कहा गया है कि यह घोषणापत्र देश में परीक्षाओं से जुड़े संकट के समाधान पर होगा.
इस प्रदर्शन के दौरान सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को दोहराएगी.
'कॉकरोच जनता पार्टी' के 11 जून यानी आज गुरुवार को सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में एक प्रदर्शन करने जा रही है.
सीजेपी का कहना है कि यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में ज़्यादा जवाबदेही की मांग को लेकर चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान का अगला चरण होगा. इससे पहले बीते शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था.
इस विरोध प्रदर्शन के ज़रिए यह सीजेपी ‘नीट अंडर ग्रेजुएट 2026’ में पेपर लीक के साथ ही परीक्षा और भर्ती से जुड़े अन्य मुद्दों के ख़िलाफ़ भी अपनी आवाज़ उठाएगी.
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पटना हाई कोर्ट में फ़ैज़ल ख़ान उर्फ़ ख़ान सर ने एक याचिका दायर कर अपने ऊपर दर्ज एफ़आईआर को निरस्त करने की मांग की है.
दो जून को तक़रीबन साढ़े 10 बजे मुसल्लहपुर हाट स्थित ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ पर हमला हुआ था, जिसमें कोचिंग सेंटर के गार्ड चुनचुन को चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.
इसी दौरान के एक वायरल वीडियो में ख़ान सर के दो बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह फ़ायरिंग करते दिख रहे थे. इस वीडियो के आधार पर कदमकुआं पुलिस ने फै़ज़ल ख़ान और उनके दो बॉडीगार्ड पर एफ़आईआर दर्ज की है.
बुधवार को जस्टिस चंद्रशेखर झा की एक जज की बेंच ने ख़ान सर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चार हफ़्ते के अंदर जवाब देने को कहा है.
राज्य सरकार की तरफ़ से महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) पीके शाही के सहायक अधिवक्ता प्रभु नारायण शर्मा ने पक्ष रखा.
वहीं ख़ान सर की तरफ़ से वकील अभिषेक कुमार ने उनका पक्ष रखा. इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी.
वहीं बेऊर जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद ने पटना ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में नियमित जमानत की याचिका दायर की है.
इससे पहले मंगलवार को रौशन आनंद की जमानत याचिका प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने रद्द कर दी थी.
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कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन रद्द किए जाने के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने वाला है. इस चुनाव का नतीजा कुछ दिन पहले तक लगभग तय माना जा रहा था. विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से बीजेपी दो सीटें और कांग्रेस एक सीट जीतती दिखाई दे रही थी.
लेकिन रिटर्निंग ऑफ़िसर ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया है.
बीजेपी ने एक शिकायत में आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म 26 में न्यायालय में कथित तौर पर लंबित एक मामले की जानकारी नहीं दी.
कांग्रेस ने इस आरोप को ग़लत बताया है और रिटर्निंग ऑफ़िसर के फ़ैसले को क़ानून के ख़िलाफ़ दिया गया फ़ैसला कहा है.
बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का विरोध किया.
कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग से हर क़ानूनी पहलू के आधार पर चर्चा की गई. उन्होंने उम्मीद जताई है कि चुनाव आयोग रिटर्निंग ऑफ़िसर के फ़ैसले पर ख़ुद रोक लगाएगा.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करते हुए ''रिटर्निंग ऑफ़िसर ने 2 और 2 पांच ही नहीं, बल्कि 7 कर दिया है.''
अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग से निकलने के बाद कहा, “मीनाक्षी नटराजन के ख़िलाफ़ कोर्ट ने कोई संज्ञान नहीं लिया है, बल्कि उन्हें एक नोटिस भेजा है, जिसमें जवाब मांगा गया है कि उनके ख़िलाफ़ संज्ञान क्यों नहीं लिया जाए.”
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उन्होंने कहा, “केजी और पहले साल के लॉ स्टूडेंट को भी पता होता है कि बिना संज्ञान के क़ानून की नज़र में कोई आपराधिक मामला बनता ही नहीं है. इसका मतलब है कि मीनाक्षी नटराजन के ख़िलाफ़ कोई मामला ही नहीं है जिसके बारे में नामांकन के वक़्त जानकारी देतीं.”
सिंघवी ने कहा, “सेक्शन 33 ए (जनप्रतिनिधित्व कानून) कहता है कि अगर संज्ञान लिया जाए तो इसके बाद जांच होगी, फिर चार्जशीट फ़ाइल की जाएगी. सेक्शन कहता है कि इसके बाद जज चार्ज फ्रेम करेंगे और जो चार्ज फ्रेम होगा उसी के बारे में जानकारी देनी होती है.”
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि रिटर्निंग ऑफ़िसर ने संज्ञान शब्द का इस्तेमाल किया है, जबकि संज्ञान लिया ही नहीं गया है.
कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार अहम बैठक बुलाई है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के प्रभारी और राज्यों के पार्टी अध्यक्ष शामिल होने वाले है.
कांग्रेस के क़रीबी सूत्र ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया है कि यह बैठक सुबह 11:30 पर दिल्ली में होगी, जिसमें मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द किए जाने के मुद्दे पर अहम फ़ैसला हो सकता है.
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों की जीत तय, वाक़ई कांग्रेस से चूक हुई है?
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ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा है कि 'हम हारने वालों से लड़ने से नहीं डरते हैं.'
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ''ट्रंप के बताए आंकड़ों के मुक़ाबले मारे गए (ईरान युद्ध में) या घायल हुए अमेरिकियों की संख्या पहले ही कहीं ज़्यादा है, और यह संख्या और बढ़ेगी.''
उन्होंने लिखा, ''इस बार, यह युद्ध सिर्फ़ इसी इलाक़े (खाड़ी) तक सीमित नहीं रहेगा. देखते हैं क्या होता है.''
इससे पहले अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. ईरान में कई जगहों पर इन हमलों की आवाज़ सुनी गई है. हालाँकि हमलों से कितना बड़ा नुक़सान हुआ है, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
लेकिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना ताक़त नहीं, हताशा का प्रदर्शन है.
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है और यहां से गुज़रने की कोशिश करने वाले किसी भी पोत को निशाना बनाने की चेतावनी दी है.
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा भी किया है.
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Devender Singh is a senior journalist and media professional with over two decades of experience in television, digital, and Hindi-language journalism. He began his career with ETV Hindi in 2000 and has since served as Bureau Chief for several prominent news networks, including India News, Sahara Samay, and Bharat Express. Throughout his career, he has reported on several high-impact stories, including tribal starvation deaths, the Asaram case, the Jaipur serial bomb blasts, and numerous crime, political, and social issues that earned him recognition as a credible and influential journalist across India. Beyond television journalism, Devender Singh has contributed significantly to digital media transformation, Hindi journalism innovation, and AI-driven Hindi language initiatives. He has also served as a media and communication advisor to several prominent individuals, organizations, and institutions. Holding a postgraduate degree in Journalism along with a degree in Law, he continues to write and analyze issues related to governance, public policy, technology, politics, and social development, delivering insightful and fact-based content to readers.

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