प्रदूषण की शिकायत करने वालों को ही PPCB ने थमा दिया 'कारण बताओ नोटिस' – Dainik Bhaskar
लुधियाना पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) का एक बड़ा और हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। लुधियाना नगर निगम सीमा (MC Limits) के अंदर चल रहे हॉट मिक्स प्लांट के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले शिकायतकर्ताओं को ही PPCB ने कारण बताओ नोटिस(Show Cause Notic
पब्लिक एक्शन कमेटी (PAC) ने लुधियाना में चल रहे एक हॉट मिक्स प्लांट से होने वाले प्रदूषण और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में याचिका दायर की थी। इस मामले (O.A. 281/2026) की सुनवाई करते हुए माननीय NGT ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) को सख्त निर्देश दिए थे कि वह इस मामले की जांच करे,शिकायतकर्ताओं (PAC) का पक्ष सुने और उचित कानूनी कार्रवाई करे।
PPCB का विवादित कदम: शिकायतकर्ता को ही बना दिया ‘आरोपी’
NGT के आदेशों का पालन करते हुए PPCB को PAC सदस्यों को सुनवाई (Hearing) के लिए बुलाना था। लेकिन बोर्ड ने एक बड़ी तकनीकी और कानूनी गलती करते हुए PAC सदस्य इंजी. कपिल देव को जो पत्र भेजा, उसका शीर्षक कारण बताओ नोटिस रख दिया। कानून के अनुसार,कारण बताओ नोटिस’ उस व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है जिसने कोई जुर्म या उल्लंघन किया हो और जिसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित हो। ऐसे में, जो लोग पर्यावरण बचाने के लिए शिकायत कर रहे हैं, उन्हें ही यह नोटिस देना पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद है।
PAC ने जताया कड़ा विरोध, बोर्ड से मांगा जवाब
इस नोटिस के मिलते ही PAC ने PPCB के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। PAC की ओर से इंजी. कपिल देव ने तुरंत ईमेल के जरिए PPCB को कड़ा जवाब भेजा है और इस शब्दावली पर सख्त आपत्ति जताई है। कुलदीप सिंह खैरा और जसकीरत सिंह ने कहा, हम कोई अपराधी नहीं हैं जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई होनी है। हम शिकायतकर्ता हैं जो न्याय के लिए NGT गए थे। यह नोटिस हमें आरोपी की तरह पेश कर रहा है। डॉ. अमनदीप सिंह बैंस और गुरप्रीत सिंह ने बताया, “NGT ने बोर्ड को हमारी शिकायतें सुनने का निर्देश दिया था।
लेकिन सुनवाई का नोटिस भेजने के बजाय PPCB ने ‘शो कॉज नोटिस’ भेजकर शिकायत निवारण प्रक्रिया को ही हमारे खिलाफ एक ‘विरोधी कार्यवाही’ में बदल दिया है। इंजी. कपिल अरोड़ा और मोहित सागर ने इसे शिकायतकर्ताओं पर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा, यह कदम मुख्य मुद्दे (हॉट मिक्स प्लांट के प्रदूषण) से ध्यान भटकाने वाला है। हमने बोर्ड से मांग की है कि इस विवादित नोटिस को तुरंत वापस लिया जाए।
आगे क्या?
PAC ने PPCB से स्पष्ट रूप से कहा है कि वह इस ‘कारण बताओ नोटिस’ को रद्द करे और कानून के अनुसार एक उचित ‘सुनवाई नोटिस’ (Hearing Notice) जारी करे, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपना पक्ष रख सकें। अब देखना यह होगा कि क्या यह PPCB के अधिकारियों की कोई ‘क्लेरिकल मिस्टेक’ (कागजी गलती) थी, या फिर शिकायतकर्ताओं की आवाज़ दबाने की कोई सोची-समझी साजिश? फिलहाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपने ही इस विवादित नोटिस के कारण बुरी तरह घिरता नज़र आ रहा है।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.
