चाईबासा ब्लड बैंक कांड: HIV प्रभावित परिवारों के सदस्यों को मिली सरकारी नौकरी, पेंशन का भी एलान – Jagran
पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सदर अस्पताल की लापरवाही से एचआईवी संक्रमित हुए पांच थैलेसीमिया पीड़ितों के परिवारों को राहत दी है। …और पढ़ें
एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
पांच एचआईवी पीड़ित परिवारों को मिली सरकारी नौकरी।
सदर अस्पताल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी पद पर नियुक्ति।
पीड़ितों को नियमित इलाज और सरकारी सुविधाएं मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में हुई गंभीर लापरवाही से एचआईवी संक्रमित हुए थैलेसीमिया पीड़ितों के परिवारों को आखिरकार राहत मिली है।
शुक्रवार को जिला प्रशासन ने समाहरणालय परिसर में पांचों प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को सदर अस्पताल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच मरीजों को रक्त चढ़ाने के दौरान वे एचआईवी संक्रमित हो गए थे।
घटना सामने आने के बाद जिला परिषद सदस्य माधव कुंकल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने व्यापक आंदोलन चलाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामला झारखंड सरकार और हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर होने के बाद झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी चाईबासा पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी तथा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
हाईकोर्ट और राज्य सरकार के निर्देश के बाद उपायुक्त मनीष कुमार और सिविल सर्जन डॉ. जुझार मांझी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। नौकरी पाने वाले परिवार चक्रधरपुर, मंझरी, झींकपानी, हाटगम्हरिया तथा सरायकेला-खरसावां जिले से संबंधित हैं।
सिविल सर्जन डॉ. जुझार मांझी ने बताया कि सभी थैलेसीमिया मरीजों का नियमित इलाज और सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जाएगा।
साथ ही पीड़ितों को 50 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आयुष्मान कार्ड तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ भी दिया जाएगा। उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
यह भी पढ़ें- World aids day : कोल्हान में बढ़ रहे एचआईवी-एड्स के मामले चिंताजनक, एमजीएम एआरटी सेंटर में 4 हजार मरीज पंजीकृत
