यमुना जल परियोजना अपडेट : शेखावटी तक पानी पहुचाने दिल्ली में राजस्थान, हरियाणा और केंद्र सरकार के बीच MoA होगा
तेजस्वी सिंह इंडिया प्राइम रिसर्च डेस्क | जयपुर यमुना जल परियोजना अपडेट :राजस्थान की भजनलाल सरकार की महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना को 29 जून 2026 को बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक आधार मिल गया, जब नई दिल्ली में राजस्थान, हरियाणा और केंद्र सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। यह समझौता शेखावाटी क्षेत्र के लिए पिछले 32 वर्षों से लंबित यमुना जल उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
दिल्ली में MoA समारोह में कौन-कौन अधिकारी होंगे शामिल?
राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना के ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) समारोह में दोनों राज्यों तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारी मौजूद रहेंगे।
राजस्थान सरकार की ओर से
- वी. श्रीनिवास (IAS) – मुख्य सचिव, राजस्थान
- अभय कुमार (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), जल संसाधन विभाग
- भुवन भास्कर – मुख्य अभियंता (Chief Engineer), जल संसाधन विभाग
- जल संसाधन विभाग एवं मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के वरिष्ठ अधिकारी
हरियाणा सरकार की ओर से
- अनुराग रस्तोगी (IAS) – मुख्य सचिव, हरियाणा
- अनुराग अग्रवाल (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
- सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अभियंता एवं अधिकारी
केंद्र सरकार की ओर से
- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल
- जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी
- केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अधिकारी
- अपर यमुना नदी बोर्ड (Upper Yamuna River Board) के अधिकारी
यमुना जल परियोजना अपडेट किन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका?
वी. श्रीनिवास (IAS) – वर्तमान मुख्य सचिव, राजस्थान
MoA के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी वर्तमान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास (IAS) के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी।
मुख्य जिम्मेदारियां
- ₹33,379 करोड़ की परियोजना के प्रशासनिक क्रियान्वयन की निगरानी।
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना।
- भूमि अधिग्रहण, वित्तीय स्वीकृतियां और समयबद्ध निर्माण कार्यों की समीक्षा।
- केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के साथ आगे की समन्वय बैठकों का नेतृत्व।
अभय कुमार (IAS) – अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग
- परियोजना के विभागीय प्रमुख अधिकारी।
- DPR, प्रशासनिक स्वीकृतियों और निर्माण कार्यों की निगरानी।
- केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ विभागीय समन्वय।
भुवन भास्कर – मुख्य अभियंता
- परियोजना के तकनीकी प्रमुख।
- भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली, इंजीनियरिंग डिजाइन और DPR का नेतृत्व।
- निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता और निगरानी की जिम्मेदारी।
भास्कर ए. सावंत (IAS) – वर्ष 2024 में परियोजना को मिली नई गति
यमुना जल परियोजना को लंबे समय बाद प्रशासनिक गति दिलाने में तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी भास्कर ए. सावंत (IAS) की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मुख्य योगदान
- राजस्थान और हरियाणा के बीच आधिकारिक वार्ताओं को गति दी।
- प्रारंभिक MoU का मसौदा तैयार कराने में भूमिका निभाई।
- फरवरी 2024 में राजस्थान सरकार की ओर से प्रारंभिक MoU पर हस्ताक्षर किए।
- केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग और दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया।
- परियोजना को पुनः सक्रिय कर प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सुधांश पंत (IAS) – पूर्व मुख्य सचिव, राजस्थान
परियोजना जब अंतिम निर्णय के चरण में पहुंची, तब तत्कालीन मुख्य सचिव सुधांश पंत (IAS) ने उच्चस्तरीय प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
मुख्य योगदान
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में परियोजना की नियमित समीक्षा।
- मुख्यमंत्री कार्यालय, जल संसाधन विभाग और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया।
- हरियाणा सरकार एवं केंद्र सरकार के साथ उच्चस्तरीय बैठकों का समन्वय कराया।
- MoA के प्रारूप को अंतिम रूप दिलाने की प्रशासनिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परियोजना की कुल लागत
| मद | राशि |
|---|---|
| कुल परियोजना लागत | ₹33,379 करोड़ |
| भूमि अधिग्रहण | लगभग ₹3,900 करोड़ |
| पाइपलाइन निर्माण | तीन समानांतर भूमिगत पाइपलाइन (3.6 मीटर व्यास) |
हरियाणा से राजस्थान को कितना पानी मिलेगा?
- 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी।
- स्रोत: हथनीकुंड बैराज (हरियाणा)।
- पानी मानसून (जुलाई से अक्टूबर) के दौरान राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा।
- यह हिस्सा 1994 के यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान के लिए निर्धारित 10.4 प्रतिशत हिस्से का उपयोग है।
राजस्थान को पानी कब मिलेगा?
29 जून 2026 को होने वाला MoA केवल समझौते का चरण है। इसके बाद परियोजना निम्न चरणों से गुजरेगी—
- MoA पर हस्ताक्षर
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप
- भूमि अधिग्रहण
- पर्यावरण एवं अन्य वैधानिक स्वीकृतियां
- टेंडर प्रक्रिया
- लगभग 250–300 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन का निर्माण
- परीक्षण और ट्रायल रन
- इसके बाद जल आपूर्ति शुरू होगी।
राजस्थान सरकार ने अभी तक पहली बार पानी मिलने की कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है।
किन जिलों को मिलेगा लाभ?
योजना का सबसे अधिक लाभ मिलेगा—
- चूरू
- सीकर
- झुंझुनूं
भविष्य में नागौर सहित आसपास के क्षेत्रों को भी चरणबद्ध तरीके से लाभ मिलने की संभावना है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
- कुल लागत: ₹33,379 करोड़
- भूमि अधिग्रहण: ₹3,900 करोड़
- जल स्रोत: हथनीकुंड बैराज (हरियाणा)
- राजस्थान का हिस्सा: 577 MCM
- पाइपलाइन: 3 समानांतर भूमिगत पाइपलाइन (3.6 मीटर व्यास)
- मुख्य जल भंडारण केंद्र: हासियावास (राजगढ़, चूरू)
- लाभार्थी: शेखावाटी के लाखों नागरिक और किसान
निष्कर्ष
यमुना जल परियोजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि शेखावाटी क्षेत्र के सामाजिक, कृषि, औद्योगिक और आर्थिक विकास की आधारशिला मानी जा रही है। इस परियोजना के क्रियान्वयन में ACS अभय कुमार (IAS) प्रशासनिक नेतृत्व संभाल रहे हैं, जबकि मुख्य अभियंता भुवन भास्कर इसकी तकनीकी रूपरेखा और इंजीनियरिंग कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। 29 जून 2026 का MoA परियोजना को औपचारिक गति देने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है, जबकि वास्तविक जल आपूर्ति के लिए अब DPR, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे।

