जयपुर:चोखी ढाणी में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, कई अनियमितताएं मिलीं

जयपुर | 17 जुलाई, 2026.जयपुर: जयपुर:चोखी ढाणी में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, चोखी ढाणी में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे “शुद्ध आहार, मिलावट पर वार” अभियान के तहत शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर-द्वितीय की खाद्य सुरक्षा टीम ने 181 जन शिकायत पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर चोखी ढाणी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम को खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि निरीक्षण के दौरान आलू तलने के लिए उपयोग किए जा रहे खाद्य तेल का टोटल पोलर कम्पाउंड (TPC) स्तर 31 प्रतिशत पाया गया, जबकि इसकी निर्धारित अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित (Unsafe) श्रेणी में आता है। टीम ने उपयोग में लिए जा रहे रिफाइंड सोयाबीन तेल का नमूना जांच के लिए लिया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर-द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अन्य कई अनियमितताएं भी सामने आईं। सब्जियां तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही काजू टुकड़ी की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई। इसके पैकेट पर निर्माण (Manufacturing) और समाप्ति (Expiry) तिथि अंकित नहीं थी, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। टीम ने इसका नमूना लेकर शेष लगभग 90 किलोग्राम वजन वाले 9 डिब्बों को जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया।
इसके अलावा, मौके पर उपयोग में लिए जा रहे मावा (खोया) का भी नमूना जांच के लिए एकत्र किया गया।
सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि उत्पादों के भ्रामक लेबलिंग और प्रचार-प्रसार से जुड़े संभावित उल्लंघनों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, विनोद थारवान और राजेश नागर शामिल थे।






