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Delhi: स्टैंड पर थे सैकड़ों यात्री, फिर भी खाली बस भगा रहा था DTC ड्राइवर, बंदे ने 'कैमरा हैक' से रुकवाई गाड़ी – Navbharat Times

वायरल पोस्ट के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 9 बजे की है, जो कि दिल्ली की सड़कों पर पीक ऑवर्स यानी दफ्तरों से घर लौटने का समय माना जाता है। रूट नंबर 356STL (द्वारका क्लस्टर डिपो 22) की एक नारंगी बस सड़क पर दौड़ रही थी। हैरान करने वाली बात यह थी कि बस अंदर से पूरी तरह खाली थी, जबकि उस रूट के हर बस स्टॉप पर यात्री की भीड़ घर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। इसके बावजूद ड्राइवर ने किसी भी स्टॉप पर बस रोकने की जहमत नहीं उठाई।

इस घटना ने दिल्ली के आम नागरिकों के उस रोजमर्रा के दर्द को दोबारा हरा कर दिया है, जिससे वे हर दिन दो-चार होते हैं। पोस्ट करने वाले और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि विशेष रूप से ये ओल्ड ऑरेंज क्लस्टर बसें अक्सर स्टॉप पर गाड़ी नहीं रोकतीं, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यूजर्स मांग कर रहे हैं कि दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग को क्लस्टर बस ऑपरेटरों के कॉन्ट्रैक्ट में 'स्टॉप पर बस न रोकने' को लेकर बेहद सख्त जुर्माना शामिल करना चाहिए। जब तक ऑपरेटरों की जेब पर सीधी मार नहीं पड़ेगी, तब तक ड्राइवरों का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया नहीं बदलेगा।

लेखक के बारे मेंराम किशोर राम किशोर, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 11 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में असिस्टेंट एडिटर के रूप में वायरल सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। इंटरनेट कल्चर, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और पाठकों की बदलती रुचियों की गहरी समझ के साथ राम किशोर ऐसे विषयों पर काम करते हैं, जो न सिर्फ तेजी से वायरल होते हैं, बल्कि समाज, संस्कृति और आम जीवन से भी गहराई से जुड़े होते हैं। डिजिटल जर्नलिज्म के अपने लंबे सफर में राम किशोर ने वायरल, ट्रेंडिंग, मनोरंजन, पर्यावरण और लाइफस्टाइल जैसे विविध विषयों पर लेखन और संपादन किया है। वे उन पत्रकारों में शामिल हैं, जिन्होंने हिंदी डिजिटल मीडिया में वायरल जर्नलिज्म को केवल हल्के या सनसनीखेज कंटेंट तक सीमित न रखते हुए उसे अधिक जिम्मेदार, संदर्भपूर्ण और पाठक-केंद्रित बनाने की दिशा में काम किया है। उनका मानना है कि किसी भी वायरल स्टोरी की असली ताकत उसके प्रभाव और विश्वसनीयता में होती है। राम किशोर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook पर उभर रहे ट्रेंड्स को लगातार मॉनिटर करते हैं और उन्हें खबर के रूप में ढालते समय सामाजिक संदर्भ, मानवीय पहलू और पाठक की समझ को प्राथमिकता देते हैं। सोशल मीडिया से उठाई गई स्टोरीज में वे स्रोतों, संदर्भों और उपलब्ध तथ्यों की जांच पर विशेष ध्यान देते हैं, ताकि पाठकों तक भ्रामक या अधूरी जानकारी न पहुंचे और ट्रेंड के साथ भरोसा भी बना रहे। वायरल कंटेंट के साथ-साथ राम किशोर स्टोरीटेलिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, वेबसाइट मैनेजमेंट और AI-आधारित कंटेंट वर्कफ्लो की भी गहरी समझ रखते हैं। वे मानते हैं कि डिजिटल जर्नलिज्म में तकनीक और मानवीय संवेदना का संतुलन बेहद जरूरी है, जिससे कंटेंट न सिर्फ एल्गोरिद्म के लिए बल्कि पाठकों के लिए भी प्रासंगिक बने। नवभारतटाइम्स.कॉम से पहले राम किशोर ने ScoopWhoop में सीनियर हिंदी स्टाफ राइटर के रूप में Gazabpost जैसे हिंदी वायरल प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग में अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने मिलेनियल्स के लिए लिस्टिकल्स, ओरिजिनल स्टोरीज, इंटरव्यू और वीडियो कंटेंट तैयार किया। इसके अलावा Filmipop Hindi में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर उन्होंने एंटरटेनमेंट कंटेंट के लिए एक अलग और प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग अप्रोच विकसित की। Times Internet में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में उन्होंने NBT Viral Adda की शुरुआत और संचालन की जिम्मेदारी संभाली। अपने करियर की शुरुआत राम किशोर ने प्रिंट मीडिया से की। दैनिक हरिभूमि में ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में काम करते हुए उन्होंने डेस्क ऑपरेशंस, पेज-मेकिंग और 2014 हरियाणा विधानसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कवरेज का हिस्सा रहकर ग्राउंड-लेवल जर्नलिज्म की मजबूत नींव तैयार की। शैक्षणिक रूप से राम किशोर ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), नई दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इसके अलावा उन्होंने गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री और दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में बीए (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। उनकी यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों को 5W और 1H के फ्रेमवर्क में संतुलित और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है। बतौर पत्रकार राम किशोर जिम्मेदार और संतुलित जर्नलिज्म में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि वायरल जर्नलिज्म का उद्देश्य केवल व्यूज हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसी कहानियां सामने लाना है, जिनसे पाठक खुद को जोड़ सकें और अपने समय के ट्रेंड्स को बेहतर ढंग से समझ सकें।और पढ़ें

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IndiaPrime Hindi

Devender Singh is a senior journalist and media professional with over two decades of experience in television, digital, and Hindi-language journalism. He began his career with ETV Hindi in 2000 and has since served as Bureau Chief for several prominent news networks, including India News, Sahara Samay, and Bharat Express. Throughout his career, he has reported on several high-impact stories, including tribal starvation deaths, the Asaram case, the Jaipur serial bomb blasts, and numerous crime, political, and social issues that earned him recognition as a credible and influential journalist across India. Beyond television journalism, Devender Singh has contributed significantly to digital media transformation, Hindi journalism innovation, and AI-driven Hindi language initiatives. He has also served as a media and communication advisor to several prominent individuals, organizations, and institutions. Holding a postgraduate degree in Journalism along with a degree in Law, he continues to write and analyze issues related to governance, public policy, technology, politics, and social development, delivering insightful and fact-based content to readers.

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