Iran effect भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट

भारतमाला एक्सप्रेस-वे हादसा,बालेसर ,(जोधपुर),नेशनल हाईवे 125 ,अनियंत्रित पिकअप गाड़ी ने खड़ी बोलेरो को पीछे से टक्कर मार दी.

इंडिया प्राइम बिजनेस डेस्क भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को BSE Sensex में 1,800 से अधिक अंकों और NSE Nifty में 550 अंकों से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी करीब 150-200 अंक नीचे खुला था, लेकिन दोपहर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से बाजार में चौतरफा बिकवाली आ गई जिसमें उन्होंने कहा कि “ईरान के साथ हुआ समझौता खत्म (MoU Over) हो चुका है”। इस बयान और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के कारण बाजार अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल को तोड़कर नीचे फिसल गया।

बाजार में इस बड़ी गिरावट के 5 प्रमुख कारण

* अमेरिका-ईरान तनाव (Geopolitical Crisis): अमेरिका द्वारा ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई और युद्धविराम समाप्त होने की खबरों से वैश्विक बाजारों में डर फैल गया है।

* कच्चे तेल में भारी उछाल (Crude Oil Surge): ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक 5.6% से ज्यादा उछलकर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जो भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।

* इंडिया विक्स में 30% का उछाल (Fear Gauge Spike): बाजार में अस्थिरता और डर को मापने वाला सूचकांक India VIX आज 30% बढ़कर 15.15 के स्तर पर पहुंच गया।

* रुपये में एतिहासिक कमजोरी (Rupee Depreciation): कच्चे तेल के महंगे होने और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपया 95.55 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गिरा है。

* विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं।

सेक्टर्स और दिग्गज शेयरों का हाल

* सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स: निफ्टी बैंक (Nifty Bank), एफएमसीजी (FMCG), ऑटो (Auto) और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2% से अधिक की भारी गिरावट रही।

* गिरावट वाले प्रमुख शेयर: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल बाजार को नीचे खींचने में सबसे आगे रहे। [

* मजबूती दिखाने वाले शेयर: इस गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से ONGC और सुरक्षात्मक दांव के रूप में सिप्ला, डॉ. रेड्डीज और सन फार्मा जैसे फार्मा शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

इस गिरावट में खुदरा और SIP निवेशकों को क्या करना चाहिए?

1. पैनिक सेलिंग (Ghabराकर शेयर बेचना) से बचें: यह गिरावट पूरी तरह से वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारणों से है, कंपनियों के फंडामेंटल्स खराब होने से नहीं। जब तक बहुत जरूरी न हो, नुकसान में शेयर न बेचें।

2. SIP जारी रखें (Do Not Stop SIPs): म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए यह बाजार में गिरावट “रुपया कॉस्ट एवरेजिंग” का सबसे अच्छा मौका देती है। आपको कम कीमत पर अधिक यूनिट्स मिलेंगी।

3. पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग (Portfolio Rebalancing): यदि आपके पास अतिरिक्त नकदी (Cash) है, तो अच्छी वित्तीय सेहत वाली लार्ज-कैप कंपनियों या क्वालिटी शेयरों को धीरे-धीरे (Staggered manner) निचले स्तरों पर जमा करने पर विचार करें।

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