कृषि ड्रोन योजना क्या है? खेती के लिए ड्रोन कैसे प्राप्त करें, फॉर्म कैसे भरें और राज्यवार आवेदन लिंक
अनिता चौहान इंडिया प्राइम किसान डेस्क कृषि ड्रोन योजना क्या है कृषि ड्रोन अब केवल एक आधुनिक उपकरण नहीं, बल्कि भारत में प्रिसिजन फार्मिंग (Precision Farming) का महत्वपूर्ण आधार बन रहे हैं। केंद्र सरकार ने सब्सिडी, प्रशिक्षण और संस्थागत सहायता का ढांचा तैयार किया है, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्य जमीनी स्तर पर इसके उपयोग को तेजी से बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में कृषि ड्रोन, स्मार्ट खेती, कम लागत, बेहतर उत्पादकता और ग्रामीण रोजगार के प्रमुख साधनों में शामिल होने की संभावना है।
कृषि ड्रोन योजना क्या है?
कृषि ड्रोन योजना (Agriculture Drone Scheme) केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा संचालित ऐसी योजना है, जिसके तहत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG), कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) और कृषि संस्थानों को कृषि ड्रोन खरीदने या ड्रोन सेवा लेने पर अनुदान (Subsidy) दिया जाता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना, दवा एवं उर्वरक का सटीक छिड़काव, श्रम लागत कम करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। आवेदन और लाभ राज्यवार अलग-अलग पोर्टल एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार उपलब्ध होते हैं।
भारत सरकार ने वर्ष 2022 से कृषि ड्रोन (Kisan Drone) को कृषि आधुनिकीकरण का प्रमुख माध्यम बनाया है। इसके लिए Sub-Mission on Agricultural Mechanization (SMAM), नमो ड्रोन दीदी योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) तथा राज्य सरकारों की कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के माध्यम से किसानों, FPO, SHG और कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
खेती के लिए कृषि ड्रोन कैसे प्राप्त करें?
यदि आप किसान हैं और कृषि ड्रोन लेना चाहते हैं तो यह प्रक्रिया अपनाएं—
1. किसान पंजीकरण कराएं
सबसे पहले अपने राज्य के कृषि विभाग या केंद्र सरकार के कृषि यंत्रीकरण पोर्टल पर किसान के रूप में पंजीकरण करें।
2. पात्रता जांचें
- व्यक्तिगत किसान
- महिला किसान
- FPO
- SHG
- कृषि स्नातक
- कस्टम हायरिंग सेंटर
- सहकारी समितियां
3. सब्सिडी योजना चुनें
राज्य के अनुसार Agricultural Drone / SMAM / RKVY / State Agriculture Mechanization Scheme का चयन करें।
4. अधिकृत कंपनी से ड्रोन चुनें
केवल सरकार द्वारा अनुमोदित निर्माता या डीलर से ड्रोन खरीदने पर ही अधिकांश मामलों में अनुदान मिलता है।
कृषि ड्रोन सब्सिडी फॉर्म कैसे भरें?
Step 1
केंद्र सरकार के DBT Agriculture Mechanization Portal या राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट खोलें।
Step 2
New Farmer Registration पर क्लिक करें।
Step 3
आधार संख्या दर्ज करें तथा OTP से सत्यापन करें।
Step 4
लॉगिन करने के बाद Apply for Subsidy चुनें।
Step 5
यंत्रों की सूची में Agricultural Drone का चयन करें।
Step 6
अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें—
- नाम
- मोबाइल नंबर
- पता
- बैंक खाता
- IFSC
- भूमि विवरण
Step 7
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें—
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड
- बैंक पासबुक
- फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
Step 8
Preview देखकर Submit करें।
Step 9
Application Number सुरक्षित रखें तथा आवेदन की रसीद डाउनलोड करें।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी/जमाबंदी)
- पासपोर्ट फोटो
- मोबाइल नंबर
- किसान पंजीकरण
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- FPO/SHG प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
राज्यवार कृषि ड्रोन योजना एवं आवेदन लिंक
| राज्य | आवेदन पोर्टल |
|---|---|
| सभी राज्य (केंद्र) | DBT Agriculture Mechanization Portal |
| राजस्थान | Rajasthan Agriculture Department |
| उत्तर प्रदेश | UP Agriculture Department |
| बिहार | DBT Agriculture Bihar |
| मध्य प्रदेश | MP Farmer Welfare & Agriculture Department |
| गुजरात | iKhedut Portal |
| महाराष्ट्र | MahaDBT Farmer Portal |
| हरियाणा | Agriculture & Farmers Welfare Haryana |
| पंजाब | Punjab Agrimachinery Portal |
| तमिलनाडु | Tamil Nadu Agriculture Department |
| कर्नाटक | Karnataka Raitha Siri Portal |
| तेलंगाना | Telangana Agriculture Department |
| आंध्र प्रदेश | AP Agriculture Department |
नोट: ड्रोन पर मिलने वाली सब्सिडी, पात्रता और आवेदन तिथियां राज्य एवं वित्तीय वर्ष के अनुसार बदल सकती हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम दिशा-निर्देश अवश्य देखें।
केंद्र सरकार का बजट और निवेश
1. नमो ड्रोन दीदी योजना
| वर्ष | बजट (₹ करोड़) |
|---|---|
| 2025-26 (RE) | 100 |
| 2026-27 (BE) | 677 |
2026-27 के केंद्रीय बजट में नमो ड्रोन दीदी योजना का बजट बढ़ाकर ₹677 करोड़ किया गया है, जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कृषि ड्रोन सेवाओं का विस्तार किया जा सके।
2. SMAM (Sub-Mission on Agricultural Mechanization)
सरकार ने कृषि ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए:
- 100 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) में ड्रोन प्रदर्शन,
- राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और ICAR संस्थानों को ड्रोन उपलब्ध कराना,
- कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित करना,
- हजारों किसानों के खेतों पर ड्रोन डेमो आयोजित करना,
- कृषि ड्रोन खरीद के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता देना
जैसे कदम उठाए हैं।
सब्सिडी तुलना (Category-wise Subsidy)
| श्रेणी | सहायता |
| ICAR, KVK, SAU | ड्रोन लागत का 100% (अधिकतम ₹10 लाख) |
| FPO | लागत का 75% |
| SC/ST, महिला, लघु एवं सीमांत किसान | लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख) |
| अन्य किसान | लागत का 40% (अधिकतम ₹4 लाख) |
| CHC / ग्रामीण उद्यमी | लागत का 40% |
| कृषि स्नातक (CHC स्थापित करने हेतु) | लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख) |
किन राज्यों का प्रदर्शन सबसे बेहतर है?
1. महाराष्ट्र
- सबसे अधिक व्यावसायिक उपयोग
- कपास, गन्ना, अंगूर और बागवानी फसलों में व्यापक उपयोग
- FPO आधारित ड्रोन सेवा मॉडल तेजी से विकसित
- ड्रोन सेवा केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
2. गुजरात
- नैनो यूरिया एवं तरल उर्वरक के ड्रोन छिड़काव में अग्रणी
- iKhedut पोर्टल के माध्यम से तकनीक को बढ़ावा
3. उत्तर प्रदेश
- बड़े पैमाने पर किसान प्रशिक्षण
- KVK आधारित ड्रोन डेमो
- कृषि यंत्रीकरण के साथ ड्रोन अपनाने पर जोर
4. राजस्थान
- RKVY एवं कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के माध्यम से ड्रोन सहायता
- फसल संरक्षण और स्प्रे सेवाओं पर विशेष ध्यान
5. बिहार
- किसानों के लिए ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम
- चयनित किसानों को ड्रोन खरीद पर अतिरिक्त राज्य सहायता की पहल।
कृषि ड्रोन का वास्तविक उपयोग
आज भारत में ड्रोन का उपयोग मुख्य रूप से इन कार्यों में हो रहा है—
- नैनो यूरिया का छिड़काव
- नैनो DAP
- कीटनाशक स्प्रे
- फफूंदनाशक एवं खरपतवारनाशक छिड़काव
- जैविक घोल का वितरण
- फसल स्वास्थ्य की निगरानी
- NDVI मैपिंग
- पौधों की गिनती
- जलभराव एवं रोगग्रस्त क्षेत्रों की पहचान
- बीज एवं पोषक तत्वों का सटीक वितरण
विशेषज्ञ विश्लेषण
प्रमुख लाभ
- 15–20 मिनट में कई एकड़ क्षेत्र का छिड़काव
- रसायनों की बचत
- पानी की खपत कम
- मजदूरी लागत में कमी
- किसान का जहरीले रसायनों से कम संपर्क
- सटीक (Precision) खेती को बढ़ावा
- ग्रामीण युवाओं के लिए ड्रोन पायलट और सेवा आधारित रोजगार के अवसर।
प्रमुख चुनौतियां
- ड्रोन की ऊंची शुरुआती कीमत
- बैटरी की सीमित उड़ान अवधि
- प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों की कमी
- छोटे जोत वाले किसानों के लिए व्यक्तिगत खरीद महंगी
- स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव की लागत
- कई क्षेत्रों में इंटरनेट और चार्जिंग अवसंरचना की कमी

