‘छात्रों की गूंज’ अभियान: कांग्रेस ने युवाओं को साथ जोडने के लिए जयपुर में की शुरुवात

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INDIAPRIMETV.COM | जयपुर | 25 जून 2026  ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान “छात्रों की गूंज” के तहत आज जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में पूर्व सांसद अशोक तंवर और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया  प्रेस वार्ता दोपहर में आयोजित हुई , जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक मामलों पर कांग्रेस अपना पक्ष रखा।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर देश के 28 प्रमुख शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।

अभियान की प्रमुख मांगें

  • प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
  • पेपर लीक मामलों पर कड़ी कार्रवाई।
  • पारदर्शी भर्ती कैलेंडर जारी करना।
  • छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना।
  • शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग।

राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है अभियान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का “छात्रों की गूंज” अभियान युवाओं और छात्रों से दोबारा जुड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखकर देशभर के युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।कांग्रेस लगातार महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर केंद्र की बीजेपी सरकार को घेर रही है। पार्टी का आरोप है कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

वहीं, बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती रही है कि केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और युवाओं के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अवसर बढ़ाने का काम किया है।आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि “छात्रों की गूंज” अभियान युवाओं के बीच कितना प्रभाव छोड़ पाता है और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी क्या भूमिका रहती है।

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युवाओं पर फोकस, राजनीतिक संदेश भी

विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी का फोकस उन छात्रों और अभ्यर्थियों पर है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार के अवसरों से जुड़े सवालों को लेकर चिंतित हैं।

कांग्रेस लगातार महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रही है। पार्टी का आरोप है कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है।

बीजेपी का जवाब

वहीं, भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों को खारिज करती रही है। बीजेपी का कहना है कि केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं के माध्यम से युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने का काम किया है। पार्टी का दावा है कि रोजगार सृजन और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

9 अगस्त तक चलेगा अभियान

कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के अनुसार, “छात्रों की गूंज” अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान देशभर में छात्र संवाद, जनसंपर्क अभियान, विरोध प्रदर्शन और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

क्या बदलेगा युवाओं का राजनीतिक समीकरण?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस का यह अभियान युवाओं के बीच कितना प्रभाव छोड़ पाता है और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी क्या भूमिका रहती है। शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे लंबे समय से युवाओं की प्राथमिकता रहे हैं, ऐसे में सभी दल इन विषयों को लेकर अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं।

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