सैपऊ नगर पालिका की पानी की टंकियां बनी शोपीस, पेयजल सुविधा पर उठे सवाल ?
इंडिया प्राइम दीपू वर्मा धौलपुर जिले की सैपऊ नगर पालिका द्वारा आमजन को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के दावे अब सवालों के घेरे में आते दिखाई दे रहे हैं।
हाल ही में नगर पालिका सैपऊ ने लाखों रुपये के राजस्व व्यय से कस्बे के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक की पानी की टंकियां रखवाई थीं, ताकि लोगों को गर्मी के मौसम में स्वच्छ पेयजल सुविधा मिल सके। शुरुआत में इस पहल की लोगों ने सराहना की, लेकिन महज एक सप्ताह के भीतर यह व्यवस्था केवल दिखावा बनकर रह गई है।

जानकारी के अनुसार, सैपऊ नगर पालिका द्वारा राजकीय अस्पताल सहित कई प्रमुख स्थानों पर रखी गई पानी की टंकियां खाली पड़ी हैं। टंकियों में नियमित रूप से पानी नहीं भरने के कारण लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में नगर पालिका की पानी की टंकियां अब सफेद हाथी साबित होती नजर आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी वे पानी की टंकियों की टोंटी खोलते हैं तो उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका सैपऊ में सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। वहीं कुछ नागरिकों ने प्लास्टिक की टंकियों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हल्की क्वालिटी की टंकियां खरीदकर और उनमें पानी भरने के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पेयजल सुविधा को लेकर बढ़ते विवाद के बीच नगर पालिका सैपऊ की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बनी हुई है। मामले में जब अधिशासी अधिकारी भगत सिंह कुशवाहा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि टंकियों में पानी नहीं भरने की शिकायत उन्हें मिली है। उन्होंने बताया कि टैंकर संचालक द्वारा गुमराह किया जा रहा है और मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि सैपऊ नगर पालिका आमजन को सुचारू पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के अपने दावों को कितना प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार पाती है।
