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53 मिनट वॉशरूम में रहे… बॉस ने मांगा हिसाब; कर्मचारी ने सुनाई आपबीती – AajTak

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अहमदाबाद के एक कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी चर्चा में है. कर्मचारी ने दावा किया है कि उसकी कंपनी अब कर्मचारियों के वॉशरूम ब्रेक तक की निगरानी कर रही है और यह नोट कर रही है कि वे दिनभर में वॉशरूम में कितना समय बिताते हैं. इस नई पॉलिसी से परेशान होकर कर्मचारी ने इंटरनेट पर लोगों से सलाह मांगी है.
कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी कहानी शेयर की. उसने बताया कि वह पिछले 10 महीनों से कंपनी में काम कर रहा है. इस दौरान उसे कभी किसी तरह की शिकायत का सामना नहीं करना पड़ा. उसका कहना है कि वह अपना सारा काम समय पर पूरा करता है और काम को लेकर उसका रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है. लेकिन हाल ही में कंपनी ने एक नया नियम लागू कर दिया, जिसने उसे परेशान कर दिया है.
कर्मचारी के अनुसार, कंपनी ने कर्मचारियों के वॉशरूम ब्रेक का समय नोट करना शुरू कर दिया है. एक दिन उसके बॉस ने उसे बुलाकर बताया कि उसने दिनभर में वॉशरूम जाने में कुल 53 मिनट बिताए हैं. कंपनी के नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को अधिकतम 30 मिनट तक ही वॉशरूम ब्रेक लेने की परमिशन है. कर्मचारी ने इस सीमा से ज्यादा समय लिया था, इसलिए उसे अतिरिक्त समय तक ऑफिस में बैठने के लिए कहा गया.
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10 महीने तक नहीं हुई कोई शिकायत
कर्मचारी ने बताया कि उसे लगभग 40 मिनट अतिरिक्त काम करने या ऑफिस में रुकने के लिए कहा गया ताकि वह अपने वॉशरूम ब्रेक के समय की भरपाई कर सके. उसे यह फैसला बेहद अजीब और अनुचित लगा. उसका कहना है कि वह पिछले 10 महीनों से लगभग इसी तरह के ब्रेक लेता रहा है, लेकिन पहले कभी किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जताई. अब अचानक कंपनी को इससे समस्या होने लगी है,
53 मिनट के वॉशरूम ब्रेक का मांगा गया हिसाब
उसने यह भी स्पष्ट किया कि वह वॉशरूम जाते समय अपना मोबाइल फोन अपनी डेस्क पर ही छोड़ देता है. वॉशरूम उसकी सीट से केवल कुछ कदम की दूरी पर है, इसलिए वह वहां समय बर्बाद नहीं करता. इसके बावजूद कंपनी उसकी एक्टिविटी पर नजर रख रही है. कर्मचारी का कहना है कि उसके काम की क्वालिटी पर कभी कोई सवाल नहीं उठाया गया और सभी काम समय पर पूरे होते हैं. फिर भी इस तरह की निगरानी उसे मानसिक रूप से परेशान कर रही है.
पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कर्मचारी को सलाह दी कि वह जल्द से जल्द नई नौकरी तलाशना शुरू कर दे. लोगों का मानना था कि कंपनी का यह बिहेवियर सामान्य नहीं है और संभव है कि प्रबंधन कर्मचारी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा हो.
फोन भी डेस्क पर छोड़कर जाता है कर्मचारी
एक यूजर ने लिखा कि कंपनी शायद जानबूझकर उसे निशाना बना रही है ताकि वह खुद नौकरी छोड़ दे. दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसी जगह से जल्द निकल जाना ही बेहतर होगा. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि छोटी कंपनियों में इस तरह के सख्त और अजीब नियम अक्सर देखने को मिल जाते हैं.
हालांकि कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना कार्यस्थल पर कर्मचारियों की निजता और अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ रही है. कई लोगों का मानना है कि कर्मचारियों के काम का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए, न कि इस बात पर कि वे वॉशरूम में कितने मिनट बिताते हैं. यही वजह है कि यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है.
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IndiaPrime Hindi

Devender Singh is a senior journalist and media professional with over two decades of experience in television, digital, and Hindi-language journalism. He began his career with ETV Hindi in 2000 and has since served as Bureau Chief for several prominent news networks, including India News, Sahara Samay, and Bharat Express. Throughout his career, he has reported on several high-impact stories, including tribal starvation deaths, the Asaram case, the Jaipur serial bomb blasts, and numerous crime, political, and social issues that earned him recognition as a credible and influential journalist across India. Beyond television journalism, Devender Singh has contributed significantly to digital media transformation, Hindi journalism innovation, and AI-driven Hindi language initiatives. He has also served as a media and communication advisor to several prominent individuals, organizations, and institutions. Holding a postgraduate degree in Journalism along with a degree in Law, he continues to write and analyze issues related to governance, public policy, technology, politics, and social development, delivering insightful and fact-based content to readers.

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